क्राइम्स

भ्रष्टाचार पर योगी सरकार के 4 वार, दिया बड़ी कार्रवाई को अंजाम

लखनऊ :उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को भ्रष्टाचार से संबंधित 4 मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। इसमें सबसे पहला पंचायती राज परफॉर्मेंस ग्रांट घोटाला मामला है। मामले में जांच के बाद विजिलेंस ने पंचायती राज्य निदेशालय के डिप्टी डायरेक्टर समेत पांच अफसरों के खिलाफ अलीगंज थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी, गबन, आपराधिक साजिश व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करवाया है। आरोप है कि इन लोगों ने परफॉर्मेंस ग्रांट के लिए 1,130 अपात्र ग्राम पंचायतों को सूची में शामिल करवा दिया। 14वें वित्त आयोग के तहत वर्ष 2016 में यूपी के 31 जिलों की 1,798 ग्राम पंचायतों को 700 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस ग्रांट दी जानी थी।

 

विजिलेंस इंस्पेक्टर अनिल यादव ने डिप्टी डायरेक्टर गिरीश चंद्र रजक, अपर निदेशक राजेंद्र सिंह, तत्कालीन मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी केशव सिंह, अपर निदेशक शिव कुमार पटेल और सहायक नोडल अधिकारी रमेश चंद्र यादव के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई है। एफआईआर के मुताबिक परफॉर्मेंस ग्रांट के लिए ग्राम पंचायतों के चयन के लिए अप्रैल 2016 में निदेशक पंचायती राज की अध्यक्षता में समिति का गठन हुआ था।

 

 

समिति में अपर निदेशक पंचायती राज और संयुक्त निदेशक सदस्य और मुख्य लेखा एवं वित्त अधिकारी सदस्य सचिव व सदस्य नोडल अधिकारी नामित किए गए थे। पात्र ग्राम पंचायतों के चयन की जिम्मेदारी समिति के सदस्य व नोडल अधिकारी गिरीश चंद्र रजक व पटल सहायक रमेश चंद्र यादव को मिली थी।

 

 

2- दो पीसीएस अफसरों को किया बर्खास्त

योगी सरकार ने दो पीसीएस अफसरों को बर्खास्त कर दिया है। बर्खास्त पीसीएस अफसर अशोक कुमार शुक्ला ने सरकारी जमीन को गलत तरीके से एक व्यक्ति के नाम करने का आदेश दिया था। उन्होंने फेसबुक पर भी सरकार के खिलाफ टिप्पणी की थी। दूसरे मामले में अफसर अशोक कुमार लाल को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था।

 

 

बर्खास्त अफसर अशोक कुमार शुक्ला ने हरदोई की शाहाबाद तहसील में एसडीएम पद पर तैनाती के दौरान सरकारी जमीन वहां के निवासी हमीदुल्लाह के नाम करने का आदेश जारी कर दिया था। इसके अलावा, अशोक ने अपने फेसबुक पर पोस्ट किया था कि कल मीटिंग के नाम पर दोपहर 2 बजे से रात 12.40 बजे तक बैठा रहा। आपके अधिकतर अधिकारी बीमार होते जा रहे हैं योगी जी।

 

 

3- दो मंडलीय कमांडेंट भी हुए सस्पेंड

नोएडा में होमगार्ड मानदेय घोटाले में सरकार ने अलीगढ़ के मंडलीय कमांडेंट राम नारायण चौरसिया और मेरठ के मंडलीय कमांडेंट धर्मदेव मौर्य को निलंबित कर दिया है। प्रमुख सचिव होमगार्ड अनिल कुमार ने बताया कि राम नारायण पहले नोएडा में जिला कमांडेंट के पद पर तैनात थे। उनके कार्यकाल में ही फर्जी मस्टररोल बना कर मानदेय का घोटाला किया गया। वहीं, मेरठ के मंडलीय कमांडेंट के पास कुछ दिनों के लिए नोएडा के जिला कमांडेंट का भी प्रभार था। इस दौरान ही घोटाले से जुड़े दस्तावेज नष्ट किए गए। चर्चा है कि डीजी होमगार्ड जीएल मीणा भी जल्द हटाए जा सकते हैं।

 

 

4- मेडिकल में धांधली, डॉक्टर समेत दो गिरफ्तार
पीएसी की सिपाही भर्ती में री-मेडिकल टेस्ट में हुई धांधली का पर्दाफाश कर पुलिस ने राजकीय अस्पताल के सर्जन समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि पीएसी सिपाही भर्ती के दौरान मेडिकल में विफल रहे अभ्यर्थियों का री-मेडिकल टेस्ट अगस्त में वाराणसी पुलिस लाइंस में करवाया गया था। टेस्ट में धांधली की सूचनाएं मिलने पर सर्विलांस के जरिए पड़ताल की गई।

 

 

 

पता चला कि सरकारी डॉक्टरों ने मेडिकल में पास करवाने के लिए अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के बाद शुक्रवार को दीनदयाल राजकीय अस्पताल के सर्जन डॉ. शिवेश जायसवाल व आकाश बेनवंशी को गिरफ्तार किया। एसपी सिटी के मुताबिक डॉ. शिवेश ने अपराध स्वीकार लिया है। दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

 

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