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फास्टैग :रफ्तार होगी तेज, ईंधन और समय बचेगा, प्रदूषण होगा कम

बस्ती: पहली दिसम्बर से देश के सभी टोल प्लाजा पर ‘फास्टैगअनिवार्य किए जाने के फरमान का सकारात्मक असर दिखने लगा है। लोग टोल प्लाजा पर वाहन रोक कर टैग बनवा रहे हैं। ‘फास्टैग के प्रयोग से काफी देर तक टोल प्लाजा पर वाहन रोकने से मुक्ति मिलेगी। वाहनों की रफ्तार बढ़ जाएगी तो पेट्रोल/डीजल के साथ ही समय की भी बचत होगी। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वायु एवं ध्वनि प्रदूषण काफी कम हो जाएगा।

 

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गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन पर बस्ती जिले में स्थित मड़वानगर और चौकड़ी टोल प्लाजा के मैनेजर सुमीत भंडारी बताते हैं कि दोनों जगहों पर तीन साल से एक लेन फास्टैग का है। अभी रोजाना करीब तीन हजार वाहन इस लेन का फायदा उठा रहे हैं।

 

 

अब पहली दिसम्बर से फास्टैग के अनिवार्य कर दिए जाने से वाहन चालकों काफी सहूलियत होगी। पेटीएम व बैंक कर्मचारी स्टॉल लगाकर टैग बना रहे हैं। निर्धारित बैंक के नजदीकी ब्रांच में जाकर मिनटों में यह सुविधा प्राप्त की जा सकती है। भंडारी ने बताया कि बुधवार को डीएम और एसपी से मुलाकात कर टोल पर सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने के लिए एनएचएआई द्वारा लिखित अनुरोध पत्र सौंपा गया है।

 

 

क्या होता है फास्टैग फास्टैग इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक है। इसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) का इस्तेमाल होता है। इस टैग को वाहन के विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है। जैसे ही गाड़ी टोल प्लाजा के पास आती है, तो टोल प्लाजा पर लगा सेंसर फास्टैग को ट्रैक कर लेता है और खाते से ऑटोमेटिक निर्धारित शुल्क कट जाता है।लोकल वाहनों को देने होंगे 265 रुपये प्रतिमाहलोकल वाहन मालिकों/ चालकों को भी नई व्यवस्था में फास्टैग लेना अनिवार्य होगा। बस सहूलियत सिर्फ यही मिलेगी उन्हें टैग 265 रुपए प्रति माह शुल्क पर दिया जाएगा।

 

 

इस फास्टैग को लगाने के बाद वह अपने जिले के टोल प्लाजा से 24 घंटे अनगिनत बार आवागमन कर सकते हैं। लेकिन जिले से बाहर दूसरे टोल पर जाते ही पैसा कट जाएगा। ऐसे में दोबारा 265 देकर रिचार्ज कराना होगा। लोकल वाहन मालिकों/ चालकों को इस सुविधा के लिए अपने नजदीकी टोल प्लाजा या एनएचएआई के कार्यालय पर रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, डीएल और पते के लिए एक प्रमाण दिखाना होगा। 24 घंटे में अप-डाउन पर मिलेगी छूट 24 घंटे के अंदर अगर 100 रुपए की सिंगल पर्ची कटती है और इसी समय के दरम्यान वाहन लौटता है तो 50 रुपए और अतिरिक्त कट जाएगा। वहीं अगर संबंधित वाहन 24 घंटे बाद लौटेगा तो उसे पुन: 100 रुपए ही टोल देना होगा। बैलेंस नहीं है तो रीचार्ज करते ही कट जाएगा टोलयात्रा करते समय अगर फास्टैग में बैलेंस नहीं है तो टोल पर वाहन को रोका नहीं जाएगा। बल्कि उन्हें जाने दिया जाएगा।

 

 

लेकिन पैसा रिचार्ज कराते ही पूर्व के सभी बकाए ऑटोमेटिक बैलेंस में से कट जाएगा। यानी उधार पर तो चले जाएंगे लेकिन बाद में भुगतान करना ही होगा। फास्टैग नहीं होने पर टोल के साथ जुर्माना भी लगेगापहली दिसम्बर से फास्टैग नहीं लगाने वाले वाहन चालकों को संबंधित टोल पर निर्धारित शुल्क जमा करने के साथ ही उतनी ही रकम जुर्माने के एवज में देना पड़ेगा। एक पर्ची टोल की तो दूसरा जुर्माने की मिलेगी। बगैर फास्टैग के चलने वाले वाहनों के लिए टोल प्लाजा का एक लेन रिजर्व रहेगा।

 

 

उसी लेन पर उन्हें नगद भुगतान करना होगा। 2.5% कैशबैक मिलेगापूरे देश में फास्टैग का प्रयोग करने वाले वाहन मालिकों को टोल देने पर 2.5 प्रतिशत कैश बैक मिलेगा। कैशबैक उनके बैंक खाते अथवा मोबाइल एप पर जाएगा। इस योजना का सर्वाधिक लाभ बड़े व्यवसायिक ट्रेवल एजेंसी और टूर कंपनियों को मिलेगा। आसानी से पकड़े जाएंगे वाहन चोरफास्टैग लगी गाड़ियों को चुराना आसान नहीं है। वजह टैग लगी गाड़ी पूरे देश में जैसे ही किसी टोल प्लाजा को क्रास करेगी, टोल लगते ही पैसा कटने का मैसेज संबंधित वाहन मालिक के बैंक अथवा मोबाइल एप से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर चला जाएगा।

 

 

यानी मालिक यह आसानी से जान सकेगा कि उसकी गाड़ी किस टोल प्लाजा से किस तरह भाग रही है। इस मैसेज के सहारे पुलिस आसानी से वाहन चोर को पकड़ सकेगी। अभी हाल ही में लखनऊ से चोरी कार मड़वानगर बस्ती और मुम्बई से चोरी एक स्कार्पियो को पुलिस ने फास्टैग मैसेज के ही सहारे कुशीनगर में हेतिमपुर टोल प्लाजा पर पकड़ा है। दिक्कत हो तो टोल फ्री 1033 पर करें शिकायत पूरे देश में टोल प्लाजा पर कभी भी कोई दिक्कत हो तो बेहिचक 24 घंटे एनएचएआई के टोल फ्री नंबर 1033 पर शिकायत या जानकारी प्राप्त करें।

 

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शिकायत करने के अगले ही पल संबंधित टोल पर कंट्रोल रूम से फोन कर समस्या का तत्काल समाधान करने को कहा जाएगा। फीडबैक भी लिया जाएगा। फास्टैग से जुड़ी दिक्कतों के बारे में भी इस नंबर पर बात की जा सकती है। 200 रुपये है ज्वाइनिंग फीसकई बैंक और अन्य एजेंसियां 200 रुपए ज्वाइनिंग फीस के रूप में लेती हैं।

 

 

इसके अलावा अलग-अलग वाहन के हिसाब से रिफंडेबल सिक्योरिटी फीस भी देनी होती है। भविष्य में फास्टैग अकाउंट बंद कराने पर सिक्योरिटी वापस हो जाएगी। टैग खरीदते समय न्यूनतम 100 रुपए का रिचार्ज कराना होगा।टोल प्लाजा पर पेटीएम ने लगाया स्टॉल बस्ती के मड़वानगर और चौकड़ी टोल प्लाजा पर मोबाइल वॉलेट पेटीएम फास्ट टैग बना रही है। बुधवार को दर्जनों वाहन मालिक आरसी, डीएल और एड्रेस प्रूफ लेकर टैग बनवाने में जुटे रहे। इसके अलावा एचडीएफसी, एक्सिस, आईसीआईसीआई, आईडीबीआई, पेटीएम, एयरटेल के साथ ही इंडियन हाइवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) का ‘माई फास्टैग एप भी यह सुविधा प्रदान कर रहा है।

 

 

हादसे में वाहन के क्षतिग्रस्त होने अथवा किन्हीं कारणोंवश टैग के नष्ट या गायब हो जाने पर पेटीएम काउंटर पर 100 रुपए शुल्क देकर डुप्लीकेट टैग प्राप्त किया जा सकता है। पहले से अकाउंट में मौजूद बैलेंस भी अपडेट हो जाएगा। सांसद को दो और विधायक को मिलेगा एक फास्टैगएनएचएआई की तरफ से सांसद को दो फास्टैग मुफ्त मिलेगा। एक संसदीय क्षेत्र के लिए तो दूसरा दिल्ली के लिए। इसी तरह विधायक को एक टैग मिलेगा। दोनों जनप्रतिनिधियों को मिलने वाला टैग देश के सभी टोल प्लाजा पर काम करेगा। इस एवज में कोई शुल्क नहीं लगेगा। सांसद-विधायक को यह सुविधा मुहैया कराने के लिए एनएचएआई ने वेस्ट यूपी में मोहन कुमार कोआर्डिनेटर बनाया है।

 

 

वह सभी से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज इकट्ठा कर रहे हैं। फास्टैग खरीदने के लिए ये कागजात चाहिए- गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट – वाहन मालिक की पासपोर्ट साइज फोटो- केवाईसी डॉक्यूमेंट, जैसे डीएल, वोटर कार्ड, आधार कार्ड व अन्य। – फास्टैग लेते समय सभी की मूल कॉपी जरूरत रखें। ऐसे करा सकते हैं रीचार्ज- क्रेडिट, डेबिट कार्ड, नेफ्ट, आरटीजीएस के जरिए ऑनलाइन- एक बार में न्यूनतम 100 और अधिकतम एक लाख तक का रिचार्ज हो सकता है।

 

 

– अपने बैंक के बचत खाता से भी इसे जोड़ सकते हैं।- टोल प्लाजा पर फास्टैग का इस्तेमाल होते ही खाता से स्वत: पैसा कट जाएगा।- बैंक द्वारा भेजे गए एसएमएस अलर्ट से पता चलेगा कि कितना टोल कटा है। – फास्टैग अकाउंट में कम राशि होने पर भी एसएमएस से अलर्ट भेजा जाएगा। – संबंधित बैंक या अन्य एजेंसी के पोर्टल से भी ऑनलाइन रिचार्ज कर सकते हैं। मड़वानगर टोल प्लाजा (बस्ती शहर)- टोल से रोजाना औसतन सात हजार वाहन आवागमन करते हैं।

 

 

– टोल पर रोजाना औसतन 15 लाख रुपये वसूल होता है। – बस्ती के बड़ेवन टोल प्लाजा पर तीन साल से फास्टैग सुविधा चल रही है- इस आदेश से पहले अब तक 3000 वाहन चालक ही फास्टैग प्रयोग करते थे।चौकड़ी टोल प्लाजा (छावनी, बस्ती)- एक साल से फास्टैग सुविधा उपलब्ध है। 35% वाहन लाभान्वित हो रहे हैं।- रोजाना करीब 14 हजार वाहनों से 10 लाख रुपए टोल वसलू होता है।

 

 

अक्सड़ा नगर बाजार टोल प्लाजा, बस्ती (दुद्धी-लुम्बिनी राजमार्ग)- अक्टूबर 2019 में टोल प्लाजा शुरू हुआ है। – रोजाना करीब 500 गाड़ियां अप-डाउन कर रही हैं। – औसतन डेढ़ लाख रुपए रोजाना टोल वसूल हो रहा है। कोट‘फास्टैग के प्रयोग से समय और ईंधन की काफी बचत होगी। वायु एवं ध्वनि प्रदूषण पर काफी नियंत्रण होगा। टोल पर समय कम लगने से वाहन जल्द से जल्द अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। बस्ती में टोल प्लाजा पर पेटीएम द्वारा फास्टैग बनाया जा रहा है। कुछ बैंक भी यह सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। पहली दिसम्बर से ‘पोत परिवहन, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देशानुसार चार पहिया से लगायत अन्य सभी प्रकार के वाहनों के लिए फास्टैग का प्रयोग अनिवार्य कर दिया गया है।

 

सुमीतभंडारी, टोल मैनेजर, बस्ती

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