क्राइम्स

बस्ती:ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के लिपिक निलंबित,एक्सईएन व एई से स्पष्टीकरण

बस्ती: ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में चल रही परियोजनाओं के लिए समय से पत्रावली तैयार न करने व संबंधित अधिकारी के समक्ष न रखने के आरोप में वरिष्ठ लिपिक मनोज सिंह को निलंबित करने का निर्देश डीएम आशुतोष निरंजन ने दिया है। उन्होंने अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता व जेई को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। समय से काम पूरा न करने वाले ठेकेदार पर विलंब शुल्क लगाने का भी निर्देश दिया। डीएम आशुतोष निरंजन गुरुवार को दिन में 11 बजे विकास भवन स्थित ग्रामीण अभियंत्रण विभाग पहुंचे। अधिशासी अभियंता आरएन सोनकर अवकाश पर बताए गए।

 

 

सहायक अभियंता एके सिंह ने संतकबीरनगर में होने की जानकारी दी। वह बस्ती में अतिरिक्त प्रभार पर हैं। कार्यालय व विभाग में तैनात कुल 21 जेई की लोकेशन भी डीएम को ठीक से नहीं मिली। डीएम ने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि तत्काल ह्वाट्सएप्प ग्रुप बनाकर सभी जेई और उनको जोड़ें। सभी जेई ग्रुप में अपनी लोकेशन दें। पूर्वांचल विकास निधि का कार्य पूरा न होने पर नाराजगी जताई। धनराशि आवंटित होने के बाद भी काम 75 प्रतिशत पूरा दिखाया गया। डीएम ने दिसम्बर तक की समय सीमा तय की। समय से काम पूरा न होने पर एई व जेई को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा।

 

 

निरीक्षण के दौरान सीएसआर, पूर्वांचल विकास निधि (राज्यांश), त्वरित आर्थिक विकास योजना, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, बस्ती विकास प्राधिकरण, तहसील भवन एवं क्रिटिकल गैप्स के कार्यों की समीक्षा किया। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार त्वरित आर्थिक विकास योजना में पूरा धन मिलने के बाद भी आधा दर्जन काम या तो शुरू नहीं हुए या शुरू हुए हैं तो वह केवल नाममात्र के रहे। इसमें परसरामपुर ब्लॉक के करनपुर की सड़क भी शामिल है। डीएम ने निर्देश दिया कि ब्लॉकवार व विधानसभावार एई और जेई का कार्य विभाजन हो। ठेकेदार अनुबंध के अनुसार काम को पूरा करावें। ऐसा न होने पर उनके भुगतान से बिलंब शुल्क काटा जाए।

 

 

 

बस्ती  ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग कार्यालय के निरीक्षण में कार्यो में लापरवाही बरतने पर जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने वरिष्ठ लिपिक मनोज सिंह को निलम्बित करने का आदेश दिया है। निरीक्षण में उन्होने पाया कि उनके द्वारा ठेकेदार को जारी की गयी नोटिस पर ठेकेदार द्वारा जबाव न दिये जाने के बावजूद न तो कोई अग्रिम कार्यवाही की गयी और न ही अधिशाषी अभियन्ता को इसकी जानकारी दी गयी। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाये गये दो कर्मचारियों को उन्होने कारण बताओं नोटिस देने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने पूर्वान्चल विकास निधि योजना के अन्तर्गत समय से कार्य पूरा न होने पर सहायक अभियन्ता एके सिंह तथा अवर अभियन्ता को नोटिस देते हुए वेतन रोकने का निर्देश दिया है। सहायक अभियन्ता के बारे में बताया गया कि वे नियमित रूप से कार्यालय नही आते। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सीएसआर, पूर्वांचल विकास निधि (राज्यांश), त्वरित आर्थिक विकास योजना, कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, बस्ती विकास प्राधिकरण, तहसील भवन एवं क्रिटिकल गैप्स द्वारा प्राप्त परियोजनाओं का प्रगति विवरण का समीक्षा भी किया।

 
उन्होने 25 लाख तथा 50 लाख से अधिक की निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा किया। उन्होने निर्देश दिया कि मा0 मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अन्तर्गत स्वीकृत कार्यो को प्राथमिकता पर पूरा कराये। इसके अन्तर्गत कुल 99 परियोजनाओं है, जिसमें से 73 पूरी हो गयी है तथा 26 प्रगति पर है। इसकी कुल लागत 2482 लाख रूपया है। इसमें से 1327 लाख रूपया व्यय हो चुके है।

 
जिलाधिकारी ने 16 बेसिक शिक्षा स्कूल की बाउण्ट्री का निर्माण कार्य 31 दिसम्बर तक पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके लिए 119 लाख रूपये विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गये है। कृषि विभाग की 05 परियोजनाओं के लिए 217 लाख रूपया दिये गये है। इसे भी समय से पूरा करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिये है। पूर्वांचल विकास निधि के अन्तर्गत 05 परियोजनाए स्वीकृत है तथा सभी पर कार्य चल रहा है।

 

 
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि सभी सहायक एवं अवर अभियन्ताओं को ब्लाकवार कार्य विभाजन करें। निर्माण कार्यो के लिए ठेकेदारों से किए गये अनुबंध के अनुसार कार्य पूरा कराये। यदि ठेकेदार द्वारा योजना में विलम्ब किया जाता है तो उसे समय पर नोटिस जारी करें। साथ ही अनुबंध की शर्तो के अनुसार गुणवत्तापूर्ण कार्य न होने पर धनराशि की कटौती भी करें।

 

 
निरीक्षण में उन्होने पाया कि एक ठेकेदार द्वारा सीसी रोड़ का काम जिसे 20 अप्रैल तक पूरा करना था अभी तक अपूर्ण है। विभाग द्वारा इसके लिए उसे नोटिस भी जारी की गयी परन्तु न तो विभाग द्वारा अग्रिम कार्यवाही की गयी और न ही ठेकेदार ने नोटिस का जवाब ही दिया है। जिलाधिकारी ने इस पर गम्भीर आपत्ति करते हुए ठेकेदार का जवाब प्राप्त कर नियमानुसार विलम्ब के लिए दण्डात्मक कार्यवाही कर अन्तिम भुगतान करने का निर्देश दिया है। इस लापरवाही के लिए डीलिंग क्लर्क को जिलाधिकारी ने भी दण्डित किया है।

 

 
जिलाधिकारी ने कार्यालय के कर्मचारियों का सर्विसबुक तथा जीपीएफ पासबुक का निरीक्षण किया। सभी पासबुके जुलाई माह तक अद्यतन पायी गयी। इसके लिए उन्होने जुलाई माह में सेवानिवृत्त वरिष्ठ लिपिक के कार्यो की सराहना किया। उन्होने वर्तमान वरिष्ठ लिपिक रामजीत चैधरी को निर्देशित किया कि सर्विसबुक में कर्मचारियों का छूट्टी का लेखा-जोखा दर्ज नही है उसे पूरा कराये। निरीक्षण के दौरान परियोजना निदेशक आरपी सिंह, उपायुक्त मनरेगा इन्द्रपाल सिंह, सहायक अभियन्ता अनुवारूल हक भी उपस्थित रहे।

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