क्राइम्स

बस्ती: 7 ग्राम विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस; जानिए क्या है माजरा

बस्ती|बस्‍ती के जिला विकास अधिकारी ने मनमानी करने वाले सात ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन ग्राम विकास अधिकारियों को आरोप पत्र के सापेक्ष जबाब न देने, कार्यस्थल से गायब रहने, विभागीय योजनाओं के संचालन में सहयोग न करने का आरोप है। डीडीओ अजीत कुमार श्रीवास्तव ने कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा कि एक पखवारे में जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई कर दी जाएगी।

 

 

कार्यस्थल से रहते हैं गायब, नोटिस का भी नहीं देते जवाब
विकास खंड कुदरहा में तैनात ग्राम विकास अधिकारी अखिलेश चौधरी के क्षेत्र में शौचालय, मनरेगा, आवास योजना काफी पीछे है। इन पर आरोप है कि वह बिना सूचना के अवकाश पर रहते हैं। फोन करने के बाद भी कोई सूचना नहीं उपलब्ध कराते हैं। इसके चलते आरोप पत्र निर्गत करते हुए जनवरी 2020 का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया था। लेकिन स्पष्टीकरण नहीं दिया। डीडीओ ने कारण बताओ नोटिस जारी कर कहा कि इन आरोपों पर अपना जबाब दें, अन्यथा की दशा में विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी। विकास खंड सांऊघाट में तैनात ग्राम विकास अधिकारी गोविन्द माधव त्रिपाठी के खिलाफ लापरवाही बरतने के आरोप में आरोप पत्र जारी किया गया था। दो माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी जबाब नहीं दिया। अब अग्रिम कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

 
शौचलय मद में धन होने के बाद भी लाभार्थियों में नहीं किया वितरण
विकास खंड सल्टौआ में तैनात ग्राम विकास अधिकारी महेन्द्र यादव पर आरोप है कि उन्होंने बनकटी ब्लॉक के कांची डड़वा में तैनाती के दौरान शौचालय मद की उपलब्ध धनराशि को लाभार्थियों में नहीं बांटा। उनके खिलाफ पांच बिन्दुओं पर आरोप पत्र जारी करते हुए कारण बताओ नोटिस दिया गया है। यही स्थिति विकास खंड बनकटी में तैनात ग्राम विकास अधिकारी शिवनंदन का है। उन पर आरोप है कि विकास खंड परसरामपुर में तैनाती के दौरान जगदीशपुर ग्राम पंचायत में लाभार्थियों को शौचालय मद का धन नहीं बांटा और यह धन खाते में डंप रहा। उनके खिलाफ डीपीआरओ ने आरोप पत्र निर्गत किया है, जिसे अनुमोदित करते हुए डीडीओ ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यही स्थिति सल्टौआ के ग्राम विकास अधिकारी सेराज अहमद का है। उन्होंने अपने प्रभार वाली ग्राम पंचायत अजगैवा जंगल व बहरामपुर में लाभार्थियों को धनराशि होने के बाद भी नहीं बांटा है।

 

 

सदर ब्लॉक के ग्राम विकास अधिकारी राकेश कुमार पांडेय पर आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभार वाली ग्राम पंचायत गनेशपुर, खीरीघाट, गोटवा, मूड़घाट, कटया में शौचालय निधि के डंप पड़े धन को लाभार्थियों में नहीं बांटा है। उनके खिलाफ पांच बिन्दुओं पर डीपीआरओ ने आरोप पत्र जारी किया है। इस आरोप पत्र के सापेक्ष डीडीओ ने कारण बताओ नोटिस जार किया है।

 

 

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बस्ती । जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने कलेक्टेªट सभागार में आईजीआरएस /सीएम हेल्फ लाइन के लम्बित व डिफाल्टर प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा किया। उन्होने समीक्षा में अनुपस्थित रहें प्राचार्य डायट, सब रजिस्ट्रार रूधौली, सीडीपीओ विक्रमजोत, प्रभारी चिकित्साधिकारी दुबौलिया एवं बनकटी, खण्ड विकास अधिकारी विक्रमजोत को कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के अन्दर जवाब देने का निर्देश दिया है। उन्होने कहा कि निर्धारित अवधि में उत्तर न प्राप्त होने की दशा में एक पक्षीय निर्णय लेते हुए आख्या शासन को प्रेषित कर दी जायेंगी।

 
जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस/सीएम हेल्फ लाइन के प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही होंगी। जिलाधिकारी ने अधिक लम्बित प्रकरण वाले विभागों के अधिकारियों उप निदेशक कृषि, जिला गन्ना अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता (प्रान्तीय खण्ड), मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी को सख्त निर्देश दिया कि लम्बित प्रकरणों को अतिशीघ्र निस्तारित कर अवगत कराये।

 
उन्होने ई-डिस्ट्रीक मैनेजर सौरभ द्विवेदी को निर्देश दिया कि प्रत्येक दिवस की जनपद के सभी अधिकारियों का निस्तारण आख्या प्रस्तुत करें।
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