अखण्ड भारत

UP:सोनभद्र की पहाड़ियों के गर्भ में मिला तीन हजार टन सोना, खोजने में लग गए 40 साल से अधिक

images(19)

सोनभद्र|उत्तर प्रदेश के सोनभद्र (Sonbhadra) जिले में तीन हजार टन सोना (gold) मिला है। राज्य के खनिज विभाग ने इसकी पुष्टि की है। विभाग के मुताबिक सोना जमीन के अंदर दबा हुआ है। जिसे निकालने का काम जल्द शुरू किया जाएगा। सोना निकालने के साथ ही केन्द्र सरकार इसकी ई-नीलामी (E-auction) की प्रक्रिया शुरु कर देगी। बता दें कि जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) की टीम पिछले 15 साल से यहां काम कर रही थी। टीम ने 8 साल ही पहले जमीन के अंदर सोना होने की पुष्टि कर दी थी। जिले के खनिज अधिकारी के.के राय ने बताया कि सोनभद्र जिले में यूरेनियम के भी भंडार होने की संभावना है जिसकी तलाश में केंद्रीय और अन्य टीम लगी हुई हैं।

 

जिले के गर्भ में सोने की भारी खान का पता लगाने में सरकार को 40 साल से अधिक का समय लग गया। इतना ही नहीं गुलामी के दौर में अंग्रेजों ने भी सोने की खान का पता लगाने की कोशिश की थी लेकिन, वह कामयाब नहीं हो सके थे। आजादी से पहले ही सोना के लिए हुई खोज के चलते ही पहाड़ी का नाम सोन पहाड़ी पड़ गया था, तब से लेकर अब तक यहां के आदिवासी इसे सोन पहाड़ी के नाम से ही जानते हैं। उन्हें इस बात का तनिक भी इल्म नहीं था कि इन पहाड़ियों के गर्भ में तीन हजार टन सोना दबा पड़ा है।

 

 

सोनभद्र जिला पहले से ही खनिज संपदा के लिए पूरे देश में विख्यात था, लेकिन अब यहां पर सोने के अपार भंडार मिलने के बाद यह पूरी दुनिया की निगाह में आ गया है। यह काम एकाएक नहीं हुआ है, बल्कि इसकी खोज और पुख्ता करने में वैज्ञानिकों की टीम को 40 साल का लंबा वक्त लग गया। सरकारी अभिलेखों के अनुसार सोनभद्र में सबसे पहले सोने की खोज 1980 के दशक में हुआ था।

 

इस दौरान कुछ स्थानों को चिह्नित किया गया था। इसके बाद दूसरी खोज 1990-92 में की गई थी, इसी दौरान सोने की जगह को चिह्नित किया गया था। तीसरी और चौथी खोज 2005 से लेकर 2012 के दौरान कई चरणों में किया गया था। इसी दौरान सोने की खोज को अमली जामा पहनाया गया था। वर्ष 2012 से लेकर अब तक के बीच अन्य जरूरी कार्यों को पूरा करने के बाद सरकार इसके टेंडर प्रक्रिया की ओर गई है।

 

images(17)

 

 

सीमांकन का कार्य हुआ पूरा

वरिष्ठ खान अधिकारी केके राय ने बताया कि शासन के निर्देश पर चिह्नित सभी खनन स्थलों का सीमांकन कार्य गुरुवार को पूरा कर लिया गया है। बताया कि अब वन विभाग की भूमि के नक्शे से सीमांकन का मिलान कराकर यह देखा जाएगा कि कहीं यह स्थल वन भूमि में तो नहीं आ रहा है। अगर यह खदानें वन भूमि के दायरे में आएंगी तो इसकी रिपोर्ट शासन को प्रेषित किया जाएगा, ताकि इस भूमि को धारा 20 के तहत अधिग्रहित किया जा सके। बताया कि खनन चालू होते ही प्रदेश सरकार को अरबों रुपये का राजस्व मिलेगा, जिसकी कोई सटीक गणना वर्तमान समय में संभव नहीं है।

 

 

जीएसआइ की दो हेलीकाप्टर जिले में

जिले में तीन लाख टन सोना मिलने के बाद उसके उत्खनन में तेजी लाने के लिए शासन स्तर पर प्रयास तेज हो गए हैं। भूगर्भ वैज्ञानिकों की टीम जिले में डेरा डालकर खनन से पूर्व हर एंगल पर काम करना शुरू कर दिया है। गुरुवार को जियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया की टीम के दो हेलीकाप्टर जिले में डेरा डाले हुए हैं। टीम द्वारा हेलीकाप्टर से मेडल लटका कर चिन्हित स्थान के आसपास भ्रमण कर रही है।ई-टेंडरिंग के माध्यम से ब्लॉकों के नीलामी के लिए शासन ने सात सदस्यीय टीम भी गठित कर दी है। यह टीम पूरे क्षेत्र की जिओ टैगिंग करेगी और 22 फरवरी, 2020 तक अपनी रिपोर्ट भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय लखनऊ को सौंप देगी।

 

More Read: UP:सोनभद्र की पहाड़ियों में मिली सोने की खान, अधिकारियों ने बताया मिलेगा सैकड़ों टन सोना

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.