इतिहास

सिर्फ 400 करोड़ रुपये में अडानी को मिला लुटियंस एरिया में स्थित ‘1000 करोड़’ का बंगला

पिछले साल आदित्य एसोसिएट्स के मालिकाना हक वाले एक बंगले के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू हुई थी। ये बंगला दिल्ली के लुटियंस एरिया में भगवानदास रोड पर है। पहले आदित्य एसोसिएट्स ने इस बंगले की कीमत 1000 करोड़ रुपये आंकी थी, लेकिन बाद में इसकी कीमत महज 265 करोड़ रुपये निकली। अब अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी प्रॉपर्टीज की 135 करोड़ रुपये के कन्वर्जन चार्ज समेत 400 करोड़ रुपये की बोली इस बंगले के लिए स्वीकार कर ली गई है।

 

IMG_20200302_213516_172

 

नई दिल्ली|अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को दिल्ली के लुटियंस एरिया में 1000 करोड़ रुपये का बंगला सिर्फ 400 करोड़ रुपये में मिल गया है। यह बंगला भगवान दास रोड पर है, जिसकी बोली लगाने में गौतम अडानी की कंपनी अडानी प्रॉपर्टी प्राइवेट लिमिटेड ने बाजी मार ली है। बता दें कि ये बंगला आदित्य एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड का था, जिसकी नीलामी प्रक्रिया पिछले साल शुरू हुई थी। पहले आदित्य एस्टेट्स ने इस बंगले की कीमत 1000 करोड़ रुपये आंकी थी, लेकिन 14 फरवरी के नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्युनल के डाक्युमेंट्स से अनुसार बंगले की कीमत सिर्फ 265 करोड़ रुपये निकली है।

 
कितना आलीशान है ये बंगला
जिस बंगले का मालिकाना हक अब जल्द ही गौतम अडानी को मिलने वाला है, वह 3.4 एकड़ में बना हुआ है। इस बंगले का बिल्ट-अप एरिया 25,000 वर्ग फुट से भी अधिक है। बंगले में 7 बेडरूम, 6 लिविंग रूम और डाइनिंग रूम, एक स्टडी रूम और 7000 वर्ग फुट का स्टाफ क्वार्टर है। पूरे बंगले के चारों ओर हरियाली ही हरियाली है।

 

बंगला 265 करोड़ का तो 400 करोड़ रुपये क्यों
इस बंगले की कीमत तो 265 करोड़ रुपये ही है और देखा जाए तो अडानी प्रॉपर्टीज की ओर से यही रकम भी चुकानी है, लेकिन इसके अलावा भी उन्हें कुछ पैसे चुकाने हैं, जिसकी वजह से ये कीमत 400 करोड़ रुपये हो गई है। अडानी प्रॉपर्टीज की तरफ से 135 करोड़ रुपये कन्वर्जन चार्ज दिया जाना है और साथ ही 5 करोड़ रुपये गारंटी के तौर पर जमा करने हैं।

 

 
शानदार है बंगले का इतिहास
इस बंगले का इतिहास ब्रिटिश काल से जुड़ा हुआ है। पहले इस बंगले में विदेश विभाग का ऑफिस चला करता था। इसी बंगले में उसके स्टाफ के रहने की व्यवस्था भी थी। 1921 में इसे यूनाइटेड प्रोविन्सेज लेजिस्लेटिव काउंसिल के सदस्य लाला सुखबीर सिन्हा ने खरीद लिया। उसके बाद 1985 में इसे आदित्य एस्टेट्स ने खरीद लिया। पिछले ही साल 26 फरवरी को आईसीआईसीआई बैंक यूके ने कर्ज की रिकवरी के लिए आदित्य एस्टेट्स के खिलाफ दिवालिया करने की अर्जी दायर की थी, जिसकी प्रक्रिया के तहत अब ये बंगला 400 करोड़ रुपये में बिक चुका है।

 

 

और किस-किस ने लगाई थी बोली
अडानी के अलावा इस बंगले के लिए हैवेल्स इंडिया के अनिल राय गुप्ता, डालमियां सीमेंट (भारत) लिमिटेड, इंफोसिस कोफाउंडर नारायण मूर्ति और वीना इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेट (VIPL) भीबोली लगाने वालों में शामिल थे। हालांकि, अडानी प्रॉपर्टीज सबको हराते हुए आगे निकल गई।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.