क्राइम्स

गोरखपुर/बस्ती:जल निगम के 853 पदों पर हुई भर्ती घोटाले में, 72 इंजीनियर समेत 90 कर्मचारी बर्खास्त

गोरखपुर/बस्ती|जल निगम में तीन वर्ष पहले हुए भर्ती घोटाले की गाज अब कर्मचारियों पर गिरने लगी है। शासन ने मंडल में कार्यरत 72 जेई-एई समेत 90 की सेवा सामप्त करने का आदेश जारी कर दिया है। इससे सभी जिलों के जल निगमों में हड़कंप मच गया है। शासन की कार्रवाई से उनमें आक्रोश है।

 

 

उल्लेखनीय है कि सपा शासन काल में जल निगम में 853 जूनियर इंजीनियर्स और अन्य पदों पर भर्ती की गई थी। वर्तमान सरकार ने जब इस भर्ती की जांच कराई तो बड़ा घोटाला सामने आया। जल निगम के जो कर्मी मंगलवार से सेवा से बाहर कर दिए गए हैं, उनमें गोरखपुर मंडल के 45 इंजीनियर समेत 57 कर्मी शामिल हैं। इनको नौकरी से निकाले जाने के बाद जल निगम की विभिन्न इकाइयों में कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। जल निगम मुख्य अभियंता ओपी सिंह ने बताया कि इनमें रामगढ़ ताल परियोजना के सहायत अभियंता फहद अंसारी, अवर अभियंता सुधीर कनौजिया, लिपिक वासिक अली को भी हटाया गया है।

 

 

बस्ती में छह जेई समेत आठ की नौकरी गई
बस्ती जिले में छह जेई और एक सहायक अभियंता सहित आठ कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इसे लेकर महकमे में हड़कंप है। बस्ती में तैनात सहायक अभियंता को कुछ वर्ष पूर्व हटा दिया था, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट का सहारा लेकर पुन: नौकरी हासिल कर ली, अब फिर उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है।

 

 

महराजगंज में छह कर्मचारियों की सेवा सामाप्त
महराजगंज में एक सहायक अभियंता और चार अवर अभियंता समेत छह लोगों को सेवा से मुक्त कर दिया गया है। इनमें सहायक अभियंता शादिक अहमद, अवर अभियंता अर्जुन कुमार, अंकुर वर्मा, आलोक गुप्ता, अंकित कुमार एवं लिपिक कमलेश कुमार शामिल हैं।

 

 

सिद्धार्थनगर में 7 इंजीनियर बर्खास्त

सिद्धार्थनगर जिले के जल निगम में 2017 की भर्ती में मेरिट में हेराफेरी कर नियुक्ति पाने वाले जिले के सात जेई और एई पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। प्रदेश मुख्यालय स्तर पर इस कार्रवाई पर जल निगम का कोई भी अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

 

 

संतकबीर नगर में आठ जेई समेत 12 पर गिरी गाज
संतकबीर नगर जिले में आठ जेई, दो बाबू समेत 12 जल निगम कर्मियों को सेवा से हटा दिया गया है। जिन लोगों की सेवा समाप्ति का आदेश हुआ है, उनमें निमार्ण इकाई के जेई सुधीर कुमार प्रथम, सुधीर कुमार द्वितीय, सुनील कुमार, विकास कुमार, विकास वर्मा, विकास पटेल, राजेश चौधरी व तूलिका श्रीवास्तव शामिल हैं। इसके साथ ही निमार्ण इकाई के दो बाबू साई शुभम, साबान खान और सीएनडीएस यूनिट के अंबरीश गुप्ता और शक्ति मिश्रा शामिल हैं।

 
संतकबीर नगर डिप्लोमा इंजीनियर्स संगठन उत्तर प्रदेश जल निगम ने बृहस्पतिवार को बैठक कर सरकार के निर्णय पर आक्रोश जताया। मंडल अध्यक्ष अमित कुमार सिंह व जनपदीय अध्यक्ष अश्वनी कुमार भारद्वाज ने कहा कि यदि 2017 में की गई भर्ती में अनियमितता हुई है तो उसके लिए जल निगम के नियुक्ति प्रक्रिया में लगे अधिकारी जिम्मेदार हैं।

 

 

तीन वर्ष की सेवा पूरी कर चुके जूनियर इंजीनियर और अन्य कर्मचारियों का कोई दोष नहीं है। यह मनमानी पूर्ण कार्रवाई सरकार के निर्देश पर जल निगम द्वारा की गई है। इसके विरोध में छह मार्च को लखनऊ के जल निगम मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही इस आदेश के खिलाफ न्यायालय में वाद दाखिल किया जाएगा। बैठक में अभिषेक पांडेय, विश्वजीत वर्मा, मनोज कुमार पाल, प्रिंस पांडेय, देवेश चौधरी, हरिराम यादव आदि मौजूद रहे।

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