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कोरोना वायरस के चलते ट्रेनों के एसी कोच में कंबल और चादर वितरण पर रोक

New Delhi|उत्तर रेलवे महाप्रबंधक ने एसी कोचों में तकिया कवर,चादर और कंबल वितरण पर रोक लगा दी है। विशेषज्ञों त्का कहना है कि चादर, कंबल और तकिया कवर से कोरोना वायरस संक्रमण फैलने का डर है। इसलिए जब तक स्थिति संतुलित नहीं होती है, तब तक एसी कोच में यात्रियों को तकिया कवर, कंबल और चादर की सुविधा नहीं थी जाएगी। यह वायरस से एक बचाव का उपाय है। बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, दिल्ली ,आगरा कानपुर ,हरिद्वार ,देहरादून समेत सभी जगह लीनेन डिपो हैं।

 

 

जहां हजारों की संख्या में चादर,कंबल और तकिया कवर की सप्लाई एसी कोचों में दी जाती है। लंबी दूरी की गाड़ियों में एसी फर्स्ट, सेकंड और थर्ड कोच होते हैं। जिनमें एक कोच में करीब 75 यात्री सफर करते हैं, लेकिन पिछले 15 दिनों से देश में कोरोना वायरस को लेकर अलर्ट जारी है। रेलवे में भी सतर्कता रखी जा रही। र सेटेनाइजर का छिड़काव हो रहा है। लेकिन कंबल, चादर और तकिया कवर जो यात्रियों को दी जाती है, उससे संक्रमण फैलने का अधिक खतरा है। इसको देखते हुए उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने सोमवार से कंबल, चादर, तकिया कवर वितरण पर रोक लगा दी है।

 

 

कलम से भी फैल सकता संक्रमण अधिकारियों का कहना है कि आफिसों में एक कलम से सभी कर्मचारी अपने हस्ताक्षर करते हैं। या फिर कागजी कार्रवाई भी पूरी कर लेते हैं। बार-बार एक से दूसरे हाथ में कलम जाने से संक्रमण फैलेगा। इसलिए मुख्यालय ने कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी कर्मचारी किसी दूसरे का कलम ऑफिस या बाहर यूज नहीं करेगा। बल्कि अपना ही कलम अपने पास रखेंगे।

 
लीनेन डिपो संचालकों पर बढ़ेगा धुलाई का खर्च

कोरोना वायरस को देखते हुए अब जब कभी भी कंबल,चादर, तकिया कवर का वितरण यात्रियों को होगा तो इसके लिए 30 दिन की बजाय 15 दिन में ही चादर,कंबल, तकिया के कवर की धुलाई की जाएगी। इससे लीनेन डिपो संचालकों की जेब पर धुलाई का बोझ बढ़ेगा। बरेली में लीनेन डिपो से 1000 चादर, 1000 तकिया के कवर और करीब 1000 कंबल का वितरण हर महीने आला हजरत, प्रयाग बरेली एक्सप्रेस और इंदौर एक्सप्रेस में यात्रियों को दिया जाता है।

रेल बोर्ड के आदेश पर कोरोना वायरस के कारण एहतियात को देखते एसी कोच में यात्रियों को कंबल, चादर और तकिया कवर वितरण नहीं किया जाएगा।

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