इतिहास

…अब सिर्फ़ सरकार बनाना और गिराना ही मुख्य काम रह गया है

…अब सिर्फ़ सरकार बनाना और गिराना ही मुख्य काम रह गया है
राजस्थान में राजनीतिक उठा-पटक जारी है। कांग्रेस जहां अपनी सरकार बचाने की कोशिशों में जुटी है, वहीं बीजेपी ‘एक धक्का और दो’ की भूमिका में है। कुल मिलाकर इस रस्साकशी में कोविड-19 का क़हर, अर्थव्यवस्था और रोज़गार की स्थिति सब बेमानी हो गई है और सरकार गिराने और सरकार बचाने का खेल चल रहा है।

 

सच के साथ|राजस्थान में राजनीतिक उठा-पटक जारी है। कांग्रेस जहां अपना घर और सरकार बचाने की कोशिशों में जुटी है, वहीं बीजेपी भी मौके के इंतज़ार में है। कुल मिलाकर इस रस्साकशी में कोविड-19 का क़हर, अर्थव्यवस्था और रोज़गार की स्थिति सब बेमानी हो गई है और सरकार गिराने और सरकार बचाने का खेल चल रहा है। यही कुछ दिन पहले मध्यप्रदेश में देखने को मिला। यही कर्नाटक में देखने को मिला था। और अब जानकार कह रहे हैं कि एक बार फिर महाराष्ट्र में नई बिसात बिछाई जाएगी।

 

 

ख़ैर, फिलहाल खुला झगड़ा तो कांग्रेस का है। उसके अपने ही लोग बाग़ी हुए जा रहे हैं। अब कोई बिना बड़े लाभ या शह के तो बाग़ी नहीं होता यह बड़ा सवाल है। कांग्रेस का आरोप है कि इस सबको बीजेपी ही शह या हवा दे रही है और सत्ता का दुरुपयोग कर कांग्रेस की सरकारें तोड़ने की कोशिश कर रही है। इसमें साम-दाम-दंड-भेद सब अपनाया जा रहा है।

 

 

फिलहाल अपडेट यह है कि आज, मंगलवार सुबह 11 बजे शुरू हुई राजस्थान कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। बताया जा रहा है कि बैठक में अनुपस्थित विधायकों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके साथ ही अब प्रदेश कांग्रेस कांग्रेस अध्यक्ष पद से सचिन पायलट को हटाने की बात भी सामने आ रही है।

 

 

इससे पहले कांग्रेस नेतृत्व ने बागी तेवर अपनाने वाले उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों से पार्टी विधायक दल की बैठक में शामिल होने की अपील की थी। कांग्रेस विधायक दल की बैठक मंगलवार को यहां दिल्ली रोड पर एक होटल में हो रही है। इस बैठक से पहले पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने पायलट व उनके समर्थकों से बैठक में शामिल होने की अपील सोशल मीडिया के जरिए की।

 

 

पांडे ने ट्वीट किया,’मैं सचिन पायलट और उनके सभी साथी विधायकों से अपील करता हूँ कि वे आज की विधायक दल की बैठक में शामिल हों।’ उन्होंने आगे लिखा है, ‘‘कांग्रेस की विचारधारा और मूल्यों में अपना विश्वास जताते हुए कृपया अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें तथा सोनिया गांधी व राहुल गांधी के हाथ मज़बूत करें।’’ उन्होंने कहा कि पायलट व उनके समर्थकों को एक और मौका दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि बागी तेवर अपना चुके पायलट व उनके समर्थक सोमवार को विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। पायलट आज की बैठक में भी शामिल नहीं हुए।

 

 

सोमवार की बैठक के बाद कांग्रेस के नेताओं ने दावा किया था कि कांग्रेस व उसके समर्थक निर्दलीय व अन्य को मिलाकर 109 विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार को समर्थन दिया है।

 

 

इसी बीच सचिन पायलट के समर्थकों ने पायलट गुट की ताकत दिखाने के लिये सोमवार को कांग्रेस विधायकों का एक छोटा वीडियो जारी किया।

 

 

दस सेंकेंड के इस वीडियो को पायलट के प्रवक्ता ने अधिकारिक व्हाट्स एप ग्रुप में जारी किया जिसमें लगभग 16 विधायक एक घेरे में बैठे हुए हैं। इसके अलावा छह अन्य लोग भी वीडियो में मौजूद है लेकिन उनकी पहचान नहीं हो सकी। वीडियो में पायलट नहीं दिखाई दिये।

 

 

इंद्रराज गुर्जर, मुकेश भाखर, हरीश मीणा सहित कुछ विधायकों को देखा जा सकता था।

 

 

पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने ट्वीट मे लिखा ‘परिवार’ के साथ वीडियो।

 

 

लाडनूं से विधायक मुकेश भाखर ने ट्वीट किया, ‘‘ यदि आप जिंदा है तो यह आवश्यक है कि आप जिंदा दिखे। अगर सिद्धांतों को चोट पहुंचाई जाए तो आपको उससे टकरा जाना चाहिए। कांग्रेस में वफादारी का मतलब अशोक गहलोत की गुलामी है। जो हमें स्वीकार्य नहीं है। ’’

 

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