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UPSC CSE 2019 Result : UP की मेधा का भी डंका- सुलतानपुर की प्रतिभा वर्मा महिला वर्ग में टॉपर, देश में तीसरी रैंक,CM योगी ने दी बधाई

सुल्तानपुर|लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा 2019 की मुख्य परीक्षा का परिणाम मंगलवार को घोषित किया गया है। इस परीक्षा में उत्तर प्रदेश की मेधा ने अपना परचम लहराया है। इस परीक्षा में सुलतानपुर की प्रतिभा वर्मा ने महिला वर्ग में पहला तथा ऑल इंडिया रैंकिंग में तीसरा स्थान प्रापत किया है। इसके साथ ही कानपुर की गुंजन कटियार ने ऑल इंडिया 16वीं तो मिर्जापुर के सौरभ पाण्डेय ने 66वीं रैंक प्राप्त की है। इन सभी की मेहनत रंग लाई है। लखनऊ में भारतीय रेलवे परिवहन संस्थान में ट्रेनिंग ले रहे 45 में से 19 आइआरटीएस प्रशिक्षु आइएएस अफसर बने हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा-2019 में सफल सभी अभ्यर्थियों और उनके माता-पिता को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में देश में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली सुलतानपुर जिले की प्रतिभा वर्मा को विशेष रूप से बधाई दी है।

 

 

यूपीएससी ने सितंबर 2019 में लिखित परीक्षा का चरण आयोजित करने के बाद व्यक्तित्व परीक्षा के लिए साक्षात्कार (पर्सनॉलिटी टेस्ट) इस वर्ष फरवरी से अगस्त के बीच आयोजित किया। बड़ी बात यह है कि यूपीएससी ने कोविड-19 महामारी के बीच में ही परिणाम घोषित किया है। आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2019 के आधार पर कुल 829 उम्मीदवारों की नियुक्ति की अनुशंसा की है। हरियाणा में पानीपत के प्रदीप सिंह ने ऑल इंडिया रैंकिंग में पहला स्थान प्राप्त किया है।

 

आइआरएस के बाद अब प्रतिभा वर्मा बन गईं आइएएस अफसर

सुलतानपुर के दूबेपुर विकास खंड के बघराजपुर गांव की प्रतिभा वर्मा ने अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा के महिला वर्ग में टॉपर होने का गौरव प्राप्त किया है। देश में उनकी रैंकिंग तीसरी है। प्रतिभा वर्मा शुरुआत से ही होनहार थी। वर्ष 2008 में प्रतिभा ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा परिणाम में जिला टॉप किया। प्रतिभा ने हाईस्कूल तक कि रामराजी इंटर कॉलेज से की। इसके बाद केएनाईसी से इंटर के बाद वह आईआईटी दिल्ली से स्नातक की पढाई पूरी कर सिविल सॢवस परीक्षा की तैयारी में जुट गयी थी। प्रतिभा ने पहली ही बार में 2018 सिविल सॢवस की परीक्षा पास कर 489 वीं रैंक हासिल की। जिसके बाद वह इनकम टैक्स कमिश्नर बनी है। वर्तमान समय वह दिल्ली में तैनात थी, जहां से छुट्टी लेकर वह आइएएस की तैयारी कर रही थी। प्रतिभा का चयन वर्ष 2019 फॉरेस्ट सॢवस (आईएफएस) में हुआ था जहां तेरहवी रैंक थी। सिविल सेवा परीक्षा में वह पूरे देश में तीसरे स्थान पर तथा महिला श्रेणी में देश में पहली रैंक अॢजत किया। प्रतिभा की माता ऊषा देवी प्राथमिक विद्यालय बभनगंवा में प्रधानाध्यापिका तथा पिता सुवंश वर्मा विकवाजितपुर आदर्श इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल है। बहन प्रियंका वर्मा मौलाना आजाद मेडिकल कालेज दिल्ली में चिकित्सक तथा छोटा भाई सुधीर वर्मा एमबीए कर हैदराबाद में नौकरी कर रहा है। सबसे छोटा भाई अभिषेक वर्मा भी बीटेक की पढाई कर रहा है। माता ऊषा वर्मा ने बताया कि हम भाग्यशाली है कि हमे ऐसे होनहार बच्चे मिले है जिनसे गर्व से सिर ऊंचा है। सिविल सेवा परीक्षा में तीसरी रैंक पाने वाली प्रतिभा वर्मा मूल रूप से जौनपुर की रहने वाली हैं। सुईथाकला ब्लाक के गैरवाह ग्राम पंचायत के मानपुर निवासी शिक्षक रहे सुवंश वर्मा की तीन संतानों में सबसे बड़ी पुत्री प्रतिभा वर्मा हैं।

 

 

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आइएएस अफसर बने प्रशिक्षु आइपीएस अजय जैन

मुरादाबाद पुलिस अकादमी के प्रशिक्षु आइपीएस अफसर अजय जैन ने 12वीं रैंक हासिल कर आइएएस अफसर बनने का गौरव हासिल किया है। अपने पांचवे प्रयास में अजय ने यह सफलता हासिल की है। मूलरूप से राजस्थान के माधोपुर जिले के शिवाड़ गांव के रहने वाले अजय जैन ने वर्ष 2017 और 2018 में भी सिविल सेवा की परीक्षा में सफलता हासिल की थी। 2017 में 399वीं रैंक हासिल कर वह आइआरटीएस (इंडियन रेलवे ट्रैफिक सॢवस) बने। वर्ष 2018 में 141वीं रैंक हासिल कर आइपीएस बने। आइपीएस बनने के बाद उन्हेंं यूपी कॉडर मिला। आइपीएस की ट्रेनिंग शुरू होने से पहले अजय एक बार फिर से सिविल सेवा की परीक्षा दे चुके थे। सिर्फ साक्षात्कार की प्रक्रिया बाकी रह गई थी।

 

 

साक्षात्कार का नंबर आने पर उन्होंने विभाग से साक्षात्कार की अनुमति ली, साक्षात्कार दिया। परीक्षा में देश में 12वीं रैंक हासिल कर वह आइएएस अफसर बन गए। अजय के पिता विनोद कुमार जैन का खुद का व्यवसाय है। मां संजू जैन गृहणी हैं। चार भाई बहनों में अजय सबसे बड़े हैं। दो बहनें है। दूसरा भाई सबसे छोटा है। अजय के इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे दिलचस्प कहानी है। शुरुआत से ही अजय का सपना सिविल सेवा में आने का था। तैयारी शुरू की। दो प्रयासों में अजय को असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। कमियों पर फोकस किया। नतीजा यह हुआ कि सिविल सेवा की 2017, 2018 और 2019 की परीक्षा में लगातार सफलता हासिल की। अजय कहते हैं कि असफलता ही हमें सफलता की राह दिखाती है।

 

 

इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान मिली प्रेरणा

कानपुर की गुंजन कटियार की सिविल सेवा परीक्षा 2019 में ऑल इंडिया रैंक 16 है। कानपुर के आवास विकास कल्याणपुर में रहने वाली गुंजन कटियार अपनी सफलता से बेहद खुश हैं और श्रेय अपने घरवालों को दिया है। गुंजन ने बताया कि इंजीनिरिंग की पढ़ाई के दौरान आइएएस बनने की प्रेरणा मिली। वह आइआइटी रूड़की से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक कर रही तब वह सहपाठियों के साथ ग्रामीण बच्चों को पढ़ाने व उन्हेंं तकनीकी से रूबरू कराने जाया करती थीं।

 

शनिवार व रविवार को भंगेरी गांव जाकर बच्चों को पढ़ाना व ग्रामीणों को समाजिक सरोकारों के प्रति जागरूक करना इतना अच्छा लगा कि बीटेक करने के दौरान आइएएस बनने का निर्णय ले लिया। गुंजन ने बताया कि आइआइटी के छात्र छात्राओं के साथ मिलकर वह गांव में नुक्कड़ नाटक व जागरूकता कार्यक्रम करती हैं। उन्हेंं लगता कि अगर सिस्टम के तहत पठन पाठन व गांव की साफ सफाई पर काम किया जाए तो परिणाम दूरगामी होंगे। बीटेक के बाद उन्होंने निजी कंपनी में सॉफ्वेयर डेवलपर्स के पद पर काम किया। काम के साथ साथ वह यूपीएससी की तैयारी करने लगीं। जल निगम में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत पिता बाबूराम वर्मा व मां राजकीय महिला इंटर कॉलेज मेेें प्रवक्ता मां मनोरमा कटियार का सहयोग मिला और उन्होंने सपना पूरा किया। गुंजन ने बताया कि वह जरूरतमंदों के लिए काम करेंगी और गांव की खुशहाली के लिए परियोजनाएं बनाकर उन्हेंं अमली जामा पहनाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

 

 

सौरभ बने आइएएस, हासिल की 66वीं रैंक

आइएएस में 66वीं रैंक हासिल कर सौरभ पांडेय ने मीरजापुर जिले का नाम रोशन किया। दोपहर में इसकी खबर लगते ही खुशी से सौरभ के आंसू छलक पड़े। इसके बाद उन्होंने माता-पिता व दादी का आशीर्वाद लिया। उनके घर पर बधाइयों का तांता लग गया। दूरदराज के सगे-संबंधियों ने भी मोबाइल पर खुशियों का इजहार किया। घर पहुंचे लोगों ने एक दूसरे मिठाई खिलाई और शुभकामनाएं दी। विशालपुरी कालोनी के निवासी सौरभ पांडेय पुत्र कमलाकर पांडेय वाराणसी में सेंट जान कालेज डीएलडब्ल्यू से इंटरमीडिएट करके बिट्स (बिरला इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालाजी एंड साइंस) से 2013 में बीई की डिग्री हासिल की।

 

 

इसके बाद दिल्ली से ही उन्होंने कोचिंग लेने के साथ ही सिविल परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि इसके पहले दो इंटरव्यू में उनका चयन नहीं हो सका लेकिन इस बार अंतिम प्रयास में उन्हें पूरी उम्मीद थी। मूलत: गाजीपुर स्थित मुहम्मदाबाद तहसील के कनुआन गांव निवासी सौरभ ने लगातार अध्ययन को अपनी सफलता का राज बताया। कहा कि माता व पिता के आशीर्वाद से उनका सपना पूरा किया। उन्होंने कहा कि आइएएस की परीक्षा में यह उनका अंतिम प्रयास था। एेसे में उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगा दी थी। इसका परिणाम भी सामने आया और परिजनों के सहयोग से उन्हें अच्छी सफलता मिली।

 

लखनऊ की शुभांगी की 88वीं रैंक

वाराणसी तथा लखनऊ से शिक्षा प्राप्त करने वाली शुभांगी श्रीवास्तव ने लखनऊ के बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक व प्रयागराज के एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट से एमटेक किया। जहां वह एक यूनिवॢसटी टॉपर थीं। उसने सीएसआइआर तथा नेट परीक्षा भी उत्तीर्ण की। वह आईआईटी दिल्ली से अपनी पीएचडी कर रही थी और सिविल सर्विसेज परीक्षा में शामिल होने के साथ ऑल इंडिया में 88वीं रैंक हासिल की।

 

 

शुभांगी की मां गृहिणी तथा पिता एके श्रीवास्वत उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के प्रबंध निदेशक है। के साथ क्वालिफाई किया। उसका बड़ा भाई शशांक गूगल के साथ सेल्स एंड मार्केटिंग टीम के हिस्से के रूप में काम कर रहा है, उसकी भाभी कृति भी एक आईटी पेशेवर है। उनके छोटे भाई श्रीजन ने हाल ही में स्नातक किया है। शुभांगी अपनी सारी सफलता का श्रेय अपने परिवार, दोस्तों और गुरुजनों को देती है।

 

 

बागपत की आंचल चौहान को मिली ऑल इंडिया 183 रैंक

बागपत की आंचल चौहान ने यूपीएससी में ऑल इंडिया 183 वीं रैंक हासिल की है। आंचल ने चौथे प्रयास में यह मुकाम हासिल किया है। बेटी की इस सफलता से व्यवसायी पिता अजय चौहान समेत पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। व्यवसायी अजय चौहान का परिवार नगर की चौहान एन्कलेव में रहता है। उनकी बड़ी पुत्री आंचल चौहान तीन वर्ष से यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी कर रही थी। आंचल चौहान ने 2016 में बीटेक इलेक्ट्रॉनिक व कम्यूनिकेशन से किया। एक साल कोचिंग करने के बाद आंचल ने घर पर तैयारी करते हुए यूपीएससी की परीक्षा दी।

आंचल ने बताया कि भूगोल विषय व जनरल स्टडी की तैयारी में एनसीआइटी की किताबों की मदद ली। इसके अलावा भूगोल विषय के सिलेबस के हिसाब से अन्य राइटर की किताबों का भी सहारा लिया। आंचल बताती है कि भूगोल विषय व जनरल स्टडी के लिए खुद के नोट्स बनाए। इसका फायदा उन्हेंं मेन एग्जाम में मिला। इसके साथ ही निबंध व इंटव्यू के लिए अखबारों के संपादकीय लेखों व टीवी चैनलों की विभिन्न अंतराष्ट्रीय व राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर डिबेट की भी मदद ली।

सम्भल के अधिवक्ता के बेटे सैफुल्ला की सिविल सेवा परीक्षा में 623 वीं रैंक

सम्भल के दीपा सराय के रहने वाले अधिवक्ता शमीम अहमद के बेटे सैफुल्ला अहमद ने सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की है।

वह दिल्ली विश्वविद्यालय से से विधि स्नातक कर रहा है। उसकी 623 वीं रैंक आई है। पहले प्रयास में ही सफलता मिली है।

 

मुख्यमंत्री ने दी सिविल सेवा परीक्षा-2019 के सफल अभ्यर्थियों को बधाई : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा-2019 में सफल सभी अभ्यर्थियों और उनके माता-पिता को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में देश में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली सुलतानपुर जिले की प्रतिभा वर्मा को विशेष रूप से बधाई दी है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से चयनित अभ्यर्थी देश की विभिन्न सेवाओं में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किये जाएंगे। सभी सफल अभ्यर्थियों को देश के विकास के साथ जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए निष्ठा तथा लगन से काम करना होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि संबंधित सेवा में कार्यभार ग्रहण करने के बाद सभी सफल अभ्यर्थी अपने दायित्वों का उत्साहपूर्वक निवर्हन करते हुए देश के विकास तथा जनता की खुशहाली के लिए महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

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