कुशीनगर

UP:गोरखपुर-अयोध्या रूट सहित 16 ट्रेनों का संचालन बंद करेगा रेलवे

गोरखपुर| पूर्वोत्तर रेलवे सहित भारतीय रेलवे में घाटे में चल रही पैसेंजर ट्रेनें (सवारी गाड़ियाें) पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। समीक्षा के बाद रेलवे बोर्ड ने कम आय वाली पैसेंजर ट्रेनों की सूची तैयार कर जोनल रेलवे को सौंप दी है। जिसमें गोरखपुर-अयोध्या सहित पूर्वोत्तर रेलवे की 16 पैसेंजर ट्रेनें भी शामिल हैं। रेलवे प्रशासन ने इन ट्रेनों को बन रहे नए टाइम टेबल से हटाने की कवायद भी शुरू कर दी है। आने वाले सामान्य दिनों में इन सवारी गाड़ियों का संचलन भी बंद हो जाएगा।

हालांकि, गोरखपुर-अयोध्या पैसेंजर ट्रेन को ऐसे समय में बंद करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है जब अयोध्या में श्रीराम मंदिर की नींव पड़ गई है। कोरोना का संकट हटते ही आयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़नी शुरू हो जाएगी। ऐसे में आम लोगों की दिक्कतें बढ़ जाएंगी। हालांकि, लोगों को अयोध्या जाने के लिए सप्ताह में एक दिन शनिवार को विकल्प के रूप में दुर्ग एक्सप्रेस मिल जाएगी।

 

दरअसल, सामान्य दिनों के लिए भारतीय रेलवे स्तर पर ट्रेनों का नया टाइम टेबल तैयार हो रहा है। टाइम टेबल में उन ट्रेनों को ही शामिल किया जाएगा जाएगा जिन्हें सामान्य दिनों में संचालित किया जाना है। घाटे में चल रही पैसेंजर ट्रेनों से पीछा छुड़ाया जाएगा। इसके लिए रेलवे बोर्ड से लगायत समस्त जोन के संबंधित अधिकारियों के बीच लगातार मंथन चल रहा है। वर्तमान में गोरखपुर से स्पेशल के रूप में पांच ट्रेनें चल रही हैं। नियमित ट्रेनें 12 अगस्त तक निरस्त हैं।
एक्सप्रेस के रूप में चलेंगी पैसेंजर ट्रेनें, कम किए जाएंगे ठहराव

भारतीय रेलवे सहित पूर्वोत्तर रेलवे की आठ जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों को एक्सप्रेस बनाने की भी तैयारी चल रही है। रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देश पर ट्रेनों की नई समय सारिणी बनाने की भी कवायद शुरू हो चुकी है। इसके अलावा पहले से चल रही एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव में भी कमी की जाएगी। इन सबको लेकर पूर्वोत्तर रेलवे और अन्य जोन के परिचालन विभाग के अधिकारियों के बीच विमर्श जारी है।
अब कर्मचारियों से ओवरटाइम नहीं कराएगा रेलवे

कोरोना काल में रेलवे प्रशासन धीरे-धीरे अपने खर्चों में कटौती करनी शुरू कर दी है। कर्मचारियों का आवधिक स्थानांतरण रोकने के बाद ओवरटाइम (अतिरिक्त कार्य) पर भी रोक लगा दी है। अब रेलकर्मी ड्यूटी के अलावा विषम परिस्थिति में ही दफ्तर या कारखाने बुलाए जाएंगे। विभागीय जानकारों का कहना है कि शेफ्टी (संरक्षा व सुरक्षा) के अलावा अन्य विभागों में नए पद के सृजन पर भी रोक लगा दी गई है। ऐसे में अब जितने पद और कार्यरत कर्मी हैं, उनसे ही कार्य लिया जाएगा।

दरअसल, कोरोना संकट काल में नियमित ट्रेनों के निरस्तीकरण और मालढुलाई में कमी आने से रेलवे की आमदनी करीब 58 फीसद कम हो गई है। इसके बावजूद अप्रैल से ही समस्त कर्मचारियों को पूरा वेतन दिया जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे में ही 40 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। 12 से 15 हजार कर्मचारी सेवानिवृत्त हैं, उन्हें भी नियमित पेंशन का भुगतान किया जा रहा है। ऐसे में रेलवे प्रशासन बैकफुट पर आा गया है। रेलवे बोर्ड से लगायत जोनल स्तर के अधिकारी अनावश्यक और अतिरिक्त खर्चों को कम करने के लिए लगातार अध्ययन कर रहे हैं। रेलवे बोर्ड जोनल अधिकारियों से सुझाव भी मांगे जा रहे हैं। सुझावों पर अमल भी किया जा रहा है।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.