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बस्ती:कार्यों में शिथिलता और लापरवाही पर डीएम ने खंड शिक्षा अधिकारियों पर कार्यवाही के दिये निर्देश

बस्ती|कार्यों में शिथिलता एवं लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने 02 ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई तथा 04 ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने का निर्देश दिया है। पुलिस लाइन सभागार में आयोजित बेसिक शिक्षा परिषद के कार्यों की समीक्षा में उन्होंने पाया कि बस्ती सदर तथा दुबौलिया ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों द्वारा छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में भेजी जाने वाली एमडीएम की धनराशि समय से नहीं भेजी गई है, यहां तक की अभिभावकों के सभी खाते भी एकत्र नहीं किए गए।


शासन द्वारा कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन की अवधि में विद्यालय बंद होने की स्थिति में छात्र-छात्राओं को मध्यान्ह भोजन योजना की धनराशि उनके अभिभावकों के खाते में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया था। जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय द्वारा यह धनराशि ग्राम निधि के खातों में भेज दी गई है, परंतु वहां से अभी तक अभिभावकों के खाते में नही भेजी गयी है। जिलाधिकारी द्वारा पूछे जाने पर दोनों ब्लॉक शिक्षा अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। जिलाधिकारी ने इनको आरोप पत्र जारी करते हुए विभागीय कार्यवाही करने का निर्देश दिया है।


समीक्षा में उन्होंने पाया कि बस्ती सदर, दुबौलिया, कप्तानगंज तथा हरैया ब्लॉक में अभिभावकों के खाते में मात्र 50 प्रतिशत धन भेजा गया है, परंतु पोर्टल पर इसे दर्ज नहीं किया गया है जिसके कारण प्रदेश में जिले की स्थिति बेहद खराब प्रदर्शित हो रही है। ऑपरेशन कायाकल्प में कराए गए कार्यों का पोर्टल पर अंकन नहीं किया गया है जिसके कारण जिला प्रदेश में 32वें स्थान पर है। सदर और दुबौलिया में निशुल्क ड्रेस वितरण का कार्य अत्यंत धीमा पाया गया है। जिलाधिकारी ने इन चारों ब्लॉक के शिक्षा अधिकारियों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।


जिलाधिकारी ने तैयार ड्रेस का वितरण तत्काल सुनिश्चित कराते हुए इसका भुगतान भी कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा इसे तैयार किया गया है। उनके पास इतनी अधिक धनराशि नहीं होती है कि वह लंबे समय तक इस कार्य को कर सकें। इसलिए उनके द्वारा तैयार किए गए का भुगतान तत्काल सुनिश्चित कराएं। उन्होंने सदर तथा दुबौलिया में लगभग 200 विद्यालयों को अभी तक ड्रेस परचेज ऑर्डर जारी न करने पर भी नाराजगी व्यक्त किया तथा इसे तत्काल जारी कराने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगस्त माह में शत- प्रतिशत ड्रेस का वितरण सुनिश्चित कराएं।


कायाकल्प योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि मनरेगा से बनवाये जा रहे 300 हैंडपंप के प्लेटफार्म तथा सोकपिट का संबंधित खंड विकास अधिकारी से समन्वय कर समय से कार्य पूरा कराये। उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि नवंबर माह तक कायाकल्प योजना का कार्य अवश्य पूरा कराएं। कुल 2335 विद्यालयों में से 2252 विद्यालयों की फीडिंग पोर्टल पर कराया गया है। शेष 83 का भी शीघ्र कराएं।


उन्होंने निर्देश दिया कि जिला खनन कोष से 65 विद्यालयों का कायाकल्प कराया जा रहा है। इसकी द्वितीय किस्त जारी करने के लिए गठित समिति द्वारा सत्यापन रिपोर्ट अप्राप्त है, सत्यापन रिपोर्ट तत्काल भिजवाने का उन्होंने निर्देश दिया है।
जिले में 03 कस्तूरबा विद्यालयों रूधौली, कुदरहाॅ एवं कप्तानगंज में हास्टल बनवाने के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को बहुत पहले धनराशि दी गई थी, परंतु अभी तक टेंडर न किए जाने पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त करते हुए विभाग को ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी दिया है। समीक्षा में उन्होंने पाया कि अधिशासी अभियंता ने बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा भेजे गए पत्र पर न तो कोई कार्यवाही किया और न ही जवाब दिया। समीक्षा में उन्होंने पाया कि विद्यालयों के निर्माण के लिए अभी तक विभाग से तकनीकी स्वीकृति भी नहीं प्राप्त हुई। अधिशासी अभियंता ने आश्वासन दिया है कि 02 सितंबर तक टेण्डर फाइनल हो जाएगा।


ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा कैलासिया में बनवाए जा रहे बाउंड्री वाल पर अनावश्यक विलंब होने के कारण जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि संबंधित ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाते हुए जुर्माना वसूला जाए। साथ ही रुधौली में विवाद समाप्त होते ही बाउंड्रीवाल का काम शुरू कराएं।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देश दिया है कि कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में विद्युत संयोजन 15 दिन में पूरा कर अवगत कराएं। उल्लेखनीय है कि 05 विद्यालयों के लिए संयोजन शुल्क विभाग द्वारा काफी पहले जमा कर दिया गया है।


जिलाधिकारी ने रसोइयों के मानदेय के भुगतान की समीक्षा किया तथा निर्देश दिया कि जुलाई-अगस्त महीने का मानदेय का भुगतान तत्काल सुनिश्चित कराऐं। उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2020 तक उनके मानदेय का भुगतान हो गया है। मई-जून माह का भुगतान अवकाश होने के कारण नहीं किया जाता है।
बैठक में सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका ने बताया कि कुछ जगहों पर भारतीय स्टेट बैंक की शाखाओ द्वारा अभिभावकों के खाते में एमडीएम की धनराशि के भुगतान में दिक्कत पैदा की जा रही है। यदि इसमें सुधार नहीं हुआ तो शासनादेश के अनुसार एमडीएम का खाता दूसरे बैंक में स्थानांतरित किया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने लीड बैंक मैनेजर अविनाश चंद्रा को आवश्यक निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी अरुण सिंह, पीडी आरपी सिंह, विनय सिंह, निर्माण एवं एमडीएम जिला समन्वयक अमित मिश्रा, सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी गण उपस्थित रहे।

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