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बस्ती:कोरोना महामारी में प्लाज्मा दान को जन आंदोलन का विषय बनाने हेतु प्लाज्मा थेरेपी वर्तमान कोरोना वायरस मरीजों के लिए वरदान विषय पर एक वेबीनार का आयोजन किया गया

बस्ती। बस्ती में डुमरियागंज लोकसभा के लोकप्रिय सांसद माननीय श्री जगदंबिका पाल जी के आवाहन पर सिद्धार्थ विश्व विद्यालय कपिलवस्तु सिद्धार्थनगर से सम्बद्ध सूर्य बक्श पाल स्मारक स्नातकोत्तर महाविद्यालय बनकटी बस्ती के राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा कोरोना महामारी में प्लाज्मा दान को जन आंदोलन का विषय बनाने हेतु प्लाज्मा थेरेपी वर्तमान कोरोना वायरस मरीजों के लिए वरदान विषय पर एक वेबीनार का आयोजन किया गया । वेबीनार के विषय पर प्रकाश डालते हुये डॉक्टर अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि , प्लाज्मा थेरेपी सदियों पुरानी थेरेपी है आज भी थेरेपी निरंतर कार्य कर रही है उन्होंने कहा कि इसका प्रयोग पूर्व में वायरस को खत्म करने के लिए किया जाता था आज कोविड-19 में भी प्लाज्मा थेरेपी का प्रयोग सफल हो रहा है।

इस अवसर पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सुरेंद्र दुबे ने कहा कि, आज कोरोना महामारी के आगोश में संपूर्ण विश्व में है इससे निपटने के लिए समूचे विश्व में वैक्सीन की खोज की जा रही है इस कड़ी में रूस ने वैक्सीन बनाने का दावा भी प्रस्तुत किया लेकिन इसके दावे को पूरी दुनिया ने स्वीकार नहीं किया। आज डब्ल्यूएचओ और भारत सरकार सहित तमाम संस्थाएं कोरोना महामारी से बचाव के लिए तमाम प्रकार की दिशा निर्देश निरंतर आम जनमानस को दे रहे हैं ,जैसे मास्क लगाना, सामाजिक दूरी बनाना, बार-बार हाथ धोना, अपने चेहरों पर हाथ ना लगाना के संबंध में तमाम सुझाव दिए जा रहे हैं , दूसरी तरफ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जिससे इस वायरस से लड़ा जा सके प्लाजमा थेरेपी एक वरदान साबित हो रही है ।अपने देश मे इस वायरस के खिलाफ रिकवरी रेट दिन प्रति दिन बढ़ा रहा है । प्रो०दुबे ने इस बात पर भी जोर दिया कि हम सभी को कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों के प्रति अपना व्यवहार सकारात्मक रखना चाहिए, उन्हें अछूत न मानते हुए उनके मनोबल को लगातार बढ़ाने की दिशा मे प्रयास किया जाय ।


इस अवसर पर डुमरियागंज लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री जगदंबिका पाल ने कहा कि जिस प्रकार से गौतम बुद्ध अल्पायु में ज्ञान प्राप्त किए थे ठीक उसी प्रकार से आज जनपद सिद्धार्थनगर में स्थापित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा कोरोना काल मे जिस तरह कार्य किया जा रहा है और रक्तदान सहित अनेक जनसेवा के कार्यों को अभियान के रुप मे चलाया जा रहा है और प्लाज्मा थेरेपी की आवश्यकता और भ्रांतियों को दूर करने के लिये इस वैश्विक महामारी में वेबीनार को आयोजित कर,इस संकट के समय मे जिस प्रकार से आगे बढ़ रहा है निश्चित तौर पर आने वाले दिनों में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की पहल पूरी दुनिया सहित भारत में सराही जाएगी ।

श्री पाल ने कहा कि जिस प्रकार से चाइना के बुहान में 2019 में कोरोना फैला फरवरी-मार्च में भारत में इस वायरस ने दस्तक दिया लेकिन देश के यशश्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व मे जिस तरह हर मोर्चे हमने सफलता पाई वह सम्पूर्ण विश्व मे अद्वितीय है । कोरोना से बचाव के लिए भारत सरकार और अपने देश के डॉक्टर जिस प्रकार से अपनी जान की परवाह किए बिना कोविड-19 के मरीजों का इलाज कर रहे हैं निश्चित तौर पर हम सब के लिए प्रेरणा का विषय है । पीपीई किट सहित अनेक कार्यों मे हम आत्मनिर्भर भारत की तरफ बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे है। इसी कड़ी में बी आर डी मेडिकल कालेज गोरखपुर के डा पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यूपी में आज जिस प्रकार से लखनऊ सहित विभिन्न जगहों पर प्लाज्मा थेरेपी को लेकर मंजूरी मिल रही है इसे बी आर डी सहित अन्य मेडिकल कालेज में भी करने के संबंध में हम सबको मिल कर प्रयास करना है कि इसका अनुमोदन सरकार द्वारा प्राप्त किया जा सके जिससे इस थेरेपी का सफल उपयोग हो सके और कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी से लोगों को बचाया जा सके।

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महाराष्ट्र के जाने-माने हॉस्पिटल टाटा मेमोरियल के डॉक्टर त्रिलोकी ने बताया कि प्लाजमा थेरेपी दुनिया की 120 वर्ष पुरानी थेरेपी है यह किस प्रकार से कार्य करती है इस पर उन्हें प्रकाश डाला है । डॉ०त्रिलोकी जी ने कहा कि कोरोना वायरस प्रथम चरण में शरीर में प्रवेश करता है द्वितीय चरण में लंग्स में प्रवेश करता है और तीसरे चरण में पूरे शरीर को प्रभावित करता है ।इसके बचाव के लिए प्लाजमा थेरेपी सबसे कारगर इलाज वर्तमान में साबित हो रही है ,एक व्यक्ति से लगभग 800 एम एल प्लाज्मा निकाला जा सकता है जबकि एक संक्रमित व्यक्ति को ठीक करने के लिए 200ml प्लाज्मा की जरूरत होती है एक व्यक्ति के प्लाज्मा से लगभग 4 लोग को इस वायरस से बचाया जा सकता है । इसी कड़ी में देश के माने जाने डॉक्टर गौरव जैन ने कहा कि प्लाजमा थेरेपी को बढ़ाने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाना होगा और लोगों में देशभक्ति की तरह प्लाज्मा थेरेपी के प्रयोग के लिए भी उनके मन और मस्तिष्क में यह कार्य एक देश भक्ति के कार्य से जोड़कर विकसित करना होगा ।

डा संतोष शुक्ल वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कहा कि आज जिस प्रकार से कोविड 19 के समय में प्लाज्मा थेरेपी एक तरह से बचाव के लिए कारगर साबित हो रही है इसके लिए निश्चित तौर पर हम सबको आगे बढकर इस थेरेपी को बढ़ावा देने के लिए जनजागरण चलाना होगा!कुवैत से डॉक्टर सुमंत मिश्रा जी ने कहा कि एक व्यक्ति के शरीर में 55% प्लाज्मा होता है और 45% अन्य लेकिन व्यक्ति यदि अपने प्लाज्मा में से लोगों को प्लाज्मा डोनेट करें तो इस कोविड-19 के समय में लोगों को बचाया जा सकता है इससे प्लाज्मा दान करने वाले व्यक्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा । भारतीय के स्वास्थ्य सेवा से जुड़े डॉ अजीत चौहान ने कहा कि जल्द ही हम सब कोरोना पर विजय प्राप्त करेंगे लेकिन जब तक वैक्सीन नहीं उपलब्ध हो जाती तब तक हम सबको प्लाज्मा थेरेपी का प्रयोग करने के लिए जन जागरण अभियान चलाना चाहिए और इसका सफल प्रयोग कोविड-19 में वरदान साबित होगा ।

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एम्स के डॉक्टर विवेक दीक्षित ने कहा कि आज निरंतर हम सब कोविड-19 के इलाज हेतु वैक्सीन पर कार्य कर रहे हैं लेकिन अभी कुछ समय लग रहा है तब तक हम सबको इस महामारी से बचने के लिए प्लाज्मा थेरेपी के प्रयोग पर बल देना चाहिए । राष्ट्रीय सेवा योजना, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु के कार्यक्रम समन्वयक डॉ०पूर्णेश नारायण सिंह ने कहा कि यह वायरस छल ,फरेब और धोखे पर आधारित चाईनीज संस्कृति का पोषक है इसे हम अपने आत्मबल से उखाड़ फेकेंगे । इस संक्रमण के दौर मे हम हभी को एकजुटता के साथ आगे बढते हुये एक दूसरे के मनोबल को बढाये रखना है ।इस वेबीनार मे भारत के तमाम वरिष्ठ डॉक्टर और प्रबुद्ध जन सम्मिलित हुए ।

उक्त वेबीनार का आयोजन सूर्य बक्स पाल स्मारक महाविद्यालय, बनकटी, बस्ती के राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा किया गया । वेबीनार का सफल संचालन रोटेरियन मयंक श्रीवास्तव ने किया और सभी विशेषज्ञ वक्ताओं और वेबीनार से जुड़े लोगों के प्रति आभार आयोजक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ०अजीत प्रताप सिंह ने किया तकनीकी सहयोग ई. अरूण और ई. ऋषभ राज ई. माथुर का विशेष योगदान रहा- राष्ट्रगान के साथ इस वेबीनार का समापन हुआ ।

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