क्राइम्स

बस्ती:गौर पुलिस व साइबर सेल ने खाते में दर्ज अधिकृत नंबर को बदलकर पैसे निकालने वाले शातिरो को किया गिरफ्तार

बस्ती| गौर पुलिस व साइबर सेल ने गुरुवार को एसबीआई ग्राहक सेवा केन्द्र व बैंक में ही अस्थाई तौर पर काम करने वाले दो शातिरों को गिरफ्तार कर बैंक उपभोक्ताओं को तगड़ा चूना लगाने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। ये बैंक खाते में दर्ज अधिकृत नंबर को बदलकर हेरफेर करते थे। उनके कब्जे से नगदी, लैपटॉप, स्वाइप मशीन, आधार कार्ड, डेविट कार्ड आदि बरामद हुआ है।

अपर पुलिस अधीक्षक रवीन्द्र कुमार सिंह ने गुरुवार को पुलिस कार्यालय में इस जालसाजी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि टिनिच बाजार में एसबीआई का ग्राहक सेवा केन्द्र चलाने वाले शिवाकांत निवासी कुड़वा थाना नगर और इसी केन्द्र के सामने स्थित एसबीआई में अस्थाई तौर पर काम करने वाले विकास निषाद निवासी बनकटा थाना गौर को गिरफ्तार किया गया है। शिवाकांत भोले-भाले खाताधारकों की गोपनीय जानकारी जुटाता था और विकास की मदद से बैंक में खाते में दर्ज मोबाइल नंबर को अपने मुताबिक बदलकर खाते से रकम ट्रांसफर कर लेता था।

उन्होंने बताया कि गौर थाने में हीरालाल निवासी अजगैवा जंगल ने उनके खाते से एक लाख पांच हजार रुपये फ्राड कर ट्रांसफर होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसी मुकदमे की जांच के दौरान इस गिरोह का भंडाफोड़ करने में पुलिस को सफलता मिली। दोनों शातिरों के कब्जे से एक लाख रुपये, एक लैपटॉप, स्वाइप मशीन, थंब इंप्रेशन मशीन, फिनो पेमेंट बैंक का डिवाइस, 24 आधार कार्ड, दस मास्टर कार्ड/डेबिट कार्ड, एक ग्रीन कार्ड, एक पैन कार्ड व अन्य सामान बरामद हुआ है।


बैंक में प्राइवेट चपरासी था एक आरोपी

पुलिस पूछताछ में आरोपी विकास ने बताया कि 2014 में बैंक शाखा खुलने पर शाखा प्रबंधक ने प्राइवेट चपरासी के तौर पर उसे रख लिया था। साफ-सफाई का काम करते-करते फाइल भी देखने लगा। बैंक का विश्वासपात्र बन गया और कम्प्यूटर का भी काम बैंक में कर दिया करता था। उसे किसी के खाते का मोबाइल नम्बर बदलने की जानकारी भी हो गई थी।

यूपीआई के माध्यम से खाते से ट्रांसफर करते थे रकम

एएसपी रवीन्द्र कुमार सिंह के अनुसार पूछताछ में आरोपी शिवाकान्त ने बताया कि वह एसबीआई की सीएचपी टिनिच बाजार में करीब तीन साल से चला रहा है। दुकान पर गांव देहात के तमाम लोग पैसा निकालने व जमा करने आते थे। मुझे पता था कि एक खाते से रुपयों का स्थानांतरण दूसरे खाते में कैसे किया जाता है। इसके लिए नेट से गूगल पे/ फोन पे एप के माध्यम से किसी खाता नम्बर में जो मोबाइल नम्बर जुड़ा होता है, उसमें यूपीआई के माध्यम से उस खाते का पैसा किसी भी खाते में ट्रांसफर किया जा सकता है। इस काम के लिए बैंक खाते में दर्ज मोबाइल नंबर होना बेहद जरूरी है। शिवाकांत की दुकान पर विकास निषाद का अक्सर आना-जाना था। सीएसपी के सामने स्थित एसबीआई बैंक में वह अस्थाई तौर पर काम करता था। दोनों ने शार्टकट से अधिक पैसा कमाने की योजना बनाई।


एक ने नंबर बदले, दूसरे ने रकम ट्रांसफर की

पुलिस के अनुसार शिवाकांत व विकास ने तय किया कि सीएचपी के माध्यम से खाताधारक से जुड़ी गोपनीय जानकारी शिवाकांत हासिल कर लेगा और इसके बाद मोबाइल नम्बर को विकास बैंक के माध्यम से बदल देगा। जो भी फायदा होगा, दोनों आधा-आधा बांट लेंगे। इसी प्लान के तहत सीएसपी पर आए ग्राहक हीरालाल को निशाना बनाया। खाता संख्या, आधार कार्ड व एटीएम का फोटो ले लिया। इसकी मदद से विकास निषाद ने बैंक में दर्ज मोबाइल नंबर को बदल दिया। इसके बाद फोन पे के माध्यम से यूपीआई बनाकर हीरालाल के खाते से करीब एक लाख पांच हजार रुपये तीन बार में निकालकर चुरेब बाजार स्थित एक सीएसपी को ट्रांसफर कर दिया।

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