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CM योगी का निर्देश- 12 घंटे में संदिग्ध की जांच और 24 घंटे में हो जाए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग

लखनऊ |तमाम सावधानियों और प्रयासों के बावजूद उत्तर प्रदेश के कई शहरों में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। इनमें लखनऊ और कानपुर के हालात को लेकर योगी सरकार भी चिंतित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों शहरों की चिकित्सा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उसे मजबूत करने के लिए कहा है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि डोर टू डोर सर्वे टीम के साथ मेडिकल टेस्टिंग टीम को भी लगाएं।


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महामारी कोविड-19 के चौथे चरण में प्रवेश कर रहे है। कोविड-19 के संक्रमण के नियंत्रण के लिए जितना बेहतर सर्विलांस होगा रिजल्ट उतने ही बेहतर आएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोविड-19 के मरीजों को होम आइसोलेशन में तभी रखा जाए जब घर पर संक्रमित के लिए अलग से कमरा और शौचालय हो। अधिक से अधिक सचेत होकर टेस्टिंग करने की आवश्यकता है। जिससे मरीजों को समय पर ट्रीटमेंट मिल सके। 

सीएम ने कहा कि वैश्विक महामारी से जिस तरह से मौत हो रही है, वह हम सबके सामने चुनौती है। उन्होंने कहा कि काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग तथा डोर टू डोर सर्वे को भी सघन रूप से संचालित किया जाए। कोविड-19 के संक्रमण के प्रति व्यापक जागरूकता का प्रसार इस प्रकार किया जाए, जिससे संक्रमित लोग सामने आने से न घबराएं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में अधिक से अधिक आरटीपीसी आर लैब होनी चाहिए। हम यह कार्य करने में सफल हुए है। उन्होंने कहा कि जितना अच्छा हम मैनपावर इकट्ठा कर सकते है, यह कोविड-19 से लड़ने की दिशा में बहुत बडी उपलब्धि साबित होगी। उन्होंने कहा कि हर मण्डल मुख्यालय पर बायो सेफ्टी लैब (लेवल-2) की स्थापना करने में हम सफल हुए है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मैडिकल काॅलेज में आरटीपीसी आर लैब स्थापित की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार शाम को अपने सरकारी आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिक कोरोना संक्रमण वाले लखनऊ और कानपुर जिलों की समीक्षा की। संबंधित अधिकारियों से स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधा की जानकारी ली। योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कृत संकल्पित है। लक्षण की दृष्टि से संदिग्ध पाए गए लोगों का 12 घंटे के अंदर एंटीजन टेस्ट हो जाना चाहिए। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तेजी से हो और कोविड पॉजिटिव रोगी के संपर्क में आए लोगों को चौबीस घंटे के अंदर ढूंढ लिया जाए। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डोर-टू-डोर सर्वे पूरी क्षमता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वे टीम के साथ एक मेडिकल टेस्टिंग टीम भी लगाई जाए। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर उसे लागू करें। योगी ने कहा कि केजीएमयू, एसजीपीजीआइ और आरएमएलआइएमएस कोविड मरीजों के लिए बेड की संख्या बढ़ाएं। इसी तरह निजी चिकित्सा संस्थानों में संचालित कोविड अस्पतालों में बेड बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन कार्ययोजना बनाकर उसे समय से लागू कराए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना पर जीत हासिल करने के लिए जरूरी है कि इसके साथ युद्ध पूरी मजबूती से लड़ा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी सुबह मेडिकल कॉलेज में, जबकि शाम को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में नियमित रूप से बैठक कर गहन समीक्षा करें। विभिन्न गतिविधियों में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त मैनपावर की आवश्यकता का आकलन करें और कार्मिकों की तैनाती करें। उन्होंने कहा कि राज्य मुख्यालय स्तर पर एक डिजिटल प्लेटफॉर्म की व्यवस्था की जाए, जो कोविड-19 के नियंत्रण के संबंध में सभी जिलों के डॉक्टरों से संवाद करे। 

कोविड-19 अस्पतालों में डायलिसिस मशीन व वेंटिलेटर की करें व्यवस्था : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 अस्पतालों में डायलिसिस मशीन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। वहीं हेपेटाइटिस बी के मरीजों के लिए प्रत्येक जिले में अलग से डायलिसिस मशीन की व्यवस्था की जाए। कोविड-19 अस्पतालों में वेंटिलेटर व हाई फ्लो नेजल कैन्युला (एचएफएनसी) की पर्याप्त व्यवस्था करें और इसे क्रियाशील रखें। यही नहीं इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेजें।

वेक्टरजनित रोगों के मद्देनजर स्वच्छता व सैनिटाइजेशन पर दें जोर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने टीम 11 की बैठक में कोविड व नान कोविड अस्पतालों में आक्सीजन के कम से कम 48 घंटे बैकअप का इंतजाम करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा सितंबर महीने में वेक्टर जनित रोगों के प्रकोप की अधिक संभावना के मद्देनजर स्वच्छता व सैनिटाइजेशन के कार्य में और तत्परता बरती जाए। उन्होंने बिना लक्षण वाले वह कोरोना रोगी जो होम आइसोलेशन में हैं, उनकी जिलों के अलावा सीएम हेल्प लाइन से भी निगरानी करने के निर्देश दिए। किसी भी तरह की कठिनाई रोगियों को नहीं होनी चाहिए।

सरकारी कार्यालयों में अनुपस्थित कर्मचारियों पर करें कार्रवाई : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह लगातार सरकारी कार्यालयों में निरीक्षण करें और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चत करें। वहीं ऐसे कर्मचारी जो कार्यालयों से गायब मिले उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। अधिकारी अधिक से अधिक निरीक्षण करें।

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