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पीएम मोदी ने बिना नाम लिए दुनिया को चीन से किया आगाह, कहा- ग्लोबल सप्लाई चेन सिर्फ लागत पर नहीं, भरोसे पर आधारित हो

नई दिल्ली|प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यूएस-इंडिया स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) की तीसरी सालाना समिट को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने यह भी बताया है कि ग्लोबल सप्लाई चेन सिर्फ लागत पर आधारित नहीं होनी चाहिए बल्कि भरोसे पर आधारित होनी चाहिए। इस तरह उन्होंने इशारों-इशारों में चीन पर हमला बोलते हुए दुनिया को उससे आगाह किया।

महामारी ने बताया, ग्लोबल सप्लाई चेन भरोसे पर हो आधारित
दुनिया को लागत आधारित ग्लोबल सप्लाई चेन को लेकर आगाह करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘इस महामारी ने यह भी बताया है कि ग्लोबल सप्लाई चेन सिर्फ लागत पर आधारित नहीं होनी चाहिए बल्कि भरोसे पर आधारित होनी चाहिए।’ इस तरह उन्होंने बिना नाम लिए दुनिया को चीन से आगाह किया, जिसकी लापरवाही से न सिर्फ कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैला बल्कि उसने संकट की इस घड़ी में प्रभावित देशों को घटिया सामानों की सप्लाई भी की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘भारत ऐसी जगह है जहां ये सारे गुण हैं। भारत विदेशी निवेश के लिए आकर्षक जगह बनकर उभरा है। अमेरिका से लेकर खाड़ी देशों तक तमाम देश हम पर विश्वास कर रहे हैं। ऐमजॉन, गूगल जैसी कंपनियां भारत के लिए दीर्घकालिक नीतियों का ऐलान कर रही हैं।’ इस दौरान उन्होंने जीएसटी और श्रम सुधारों की भी तारीफ की।

कोरोना काल में गरीबों और जरूरतमंदों के लिए उठाए कदमों का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान सामाजिक सुरक्षा, गरीबों की रक्षा के लिए सरकार के उठाए कदमों का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वैश्विक महामारी ने हर चीज को प्रभावित किया है लेकिन 130 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं और उम्मीदों को प्रभावित नहीं कर पाया है। भारत को विदेशी निवेश के लिए सबसे आकर्षक जगह बताते हुए उन्होंने अपील की कि आइए हमारे हमराह बनिए। साथ में उन्होंने आत्मनिर्भर भारत बनाने की प्रतिबद्धता भी जताई।


‘भारत और अमेरिका को करीब ला रहा USISPF’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘यूएसआईएसपीएफ भारत और अमेरिका को करीब ला रहा है। जब 2020 की शुरुआत हुई तब क्या किसी ने कल्पना की थी वैश्विक महामारी सबको प्रभावित करेगी। यह हमारे पब्लिक हेल्थ सिस्टम, इकनॉमिक सिस्टम और धैर्य की परीक्षा ले रहा है। हमें अपना फोकस क्षमताओं को बढ़ाने, गरीबों की सुरक्षा और नागरिकों के भविष्य के बेहतर बनाने पर होना चाहिए।’

‘जनवरी में भारत में सिर्फ एक टेस्टिंग सेंटर था, आज 600 से ज्यादा’
कोरोना संकट के दौरान भारत के सामने आई चुनौतियों और उससे निपटने के लिए उठआए कदमों के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जनवरी में हमारे पास 1 टेस्टिंग लैब था लेकिन अब देश में 600 टेस्टिंग लैब हैं। भारत में प्रति 10 लाख आबादी पर मौत का आंकड़ा सबसे कम है। हम पीपीई किट के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक बन चुके हैं। पिछले 3 महीनों से देश कोविड और बाढ़, दो-दो तूफान, टिड्डियों के हमले जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है। सरकार शुरू से इस पर कायम रही कि गरीबों को बचाना है। 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। यह संख्या अमेरिका की आबादी के दोगुने से ज्यादा है। 80 लाख परिवारों को मुफ्त गैस सिलिंडर दिए जा रहे हैं। 35.4 करोड़ किसानों और जरूरतमंदों को कैश सपोर्ट दिया गया। प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के लिए व्यवस्था की गई।’

महामारी ने हर चीज को प्रभावित किया लेकिन भारतीयों की आकांक्षाओं को नहीं’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘महामारी ने हर चीज को प्रभावित किया है लेकिन 130 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं और उम्मीदों को प्रभावित नहीं किया है। हाल के महीनों में कई अहम सुधार किए गए जिससे बिजनस आसान हुआ और लालफीताशाही में कमी हुई। रेल, रोड और एय़र कनेक्टिविटी को बढ़ाया गया है। नैशनल डिजिटल हेल्थ मिशन की शुरुआत हो रही है। ये सभी पहल वर्ल्ड क्लास टेक्नॉलजी के जरिए लागू हो रहे हैं।’


भारत को बताया विदेशी निवेश के लिए आकर्षक जगह
विदेशी कंपनियों और विदेशी निवेश के लिए भारत में अवसरों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘भारत दुनिया में सबसे कम टैक्स वाले देशों में शामिल है। 2019 में भारत में एफडीआई में 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ जबकि उस दौरान वैश्विक एफडीआई में 1 प्रतिशत की गिरावट आई थी। यह हमारे समृद्ध कल का संकेत है। 130 करोड़ भारतीय आत्मनिर्भर भारत के लिए काम कर रहे हैं।’

भारत का उद्देश्य वैश्विक भलाई’
पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत ने फिर दिखाया है कि हमारा उद्देश्य वैश्विक भलाई है। अपनी जरूरतों के बावजूद हम दुनिया के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। हमने लगातार जेनरिक दवाओं की सप्लाई की। इसके अलावा हम कोविड वैक्सीन पर रिसर्च को लेकर अग्रिम पंक्ति में रहे। आत्मनिर्भर भारत का उद्देश्य भारत को महज एक बाजार से मैन्यूफैक्चरिंग हब में बदलना है। पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर में भरपूर अवसर हैं। कोल, माइनिंग, रेलवे, डिफेंस और एटॉमिक एनर्जी सेक्टर को खोल दिया गया है। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरणों और फार्मा सेक्टर के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इन्सेंटिव स्कीम लॉन्च किए गए हैं जिसके अच्छे परिणाम मिले हैं।’


‘हमारे लिए ईज ऑफ लिविंग के साथ-साथ ईज ऑफ डूइंग बिजनस भी अहम’
भारत को युवा और संभावनाओं से भरपूर देश बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘एग्रीकल्चर मार्केटिंग में रिफॉर्म्स किए गए हैं। एग्रीकल्चर सेक्टर में तमाम अवसर हैं। यहां ऐसी सरकार है जिसके लिए ईज ऑफ लिविंग के साथ-साथ ईज ऑफ डूइंग बिजनस भी अहम है। भारत की 65 प्रतिशत आबादी 35 साल से कम है। आप ऐसे देश को देख रहे हैं जहां राजनीतिक स्थिरता और नीतिगत स्थिरता है। जो लोकतंत्र और विविधता के लिए प्रतिबद्ध है। आइए, हमारे साथ यात्रा में शामिल होइए।’

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