क्राइम्स

बस्ती:बिना शौचालय निर्माण के 22 लाख आठ हजार रुपये हड़पने का आरोप;प्रधान और सचिव पर मुकदमा दर्ज

बस्ती |परशुरामपुर पुलिस ने सहायक विकास अधिकारी अवधेश कुमार की तहरीर पर सिकंदरपुर की प्रधान संगीता सोनी व तत्कालीन पंचायत सचिव प्रतीक शुक्ला के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज किया है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनने वाले शौचालय में करीब 24 लाख, आठ हजार रुपये की अनियमितता मिलने पर यह कार्रवाई की गई है।


जांच में इसकी पुष्टि होने पर डीपीआर विनय कुमार सिंह ने मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों की शिकायत पर जिला समन्वयक राजा शेर सिंह ने 12 जून को सिकंदरपुर ग्राम पंचायत का दौरा किया था। तब शौचालयों के निर्माण में अनियमितता पाई गई थी। स्कूल शौचालय मरम्मत के नाम पर बिना कार्य कराए दो लाख रुपये का प्रधान व सचिव ने भुगतान ले लिया था। डीपीआरओ की ओर से जारी आदेश में लिखा गया है कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत में 535 शौचालयों के निर्माण को लेकर 12 हजार रुपये की दर से 64 लाख 20 हजार रुपये व 105 शौचालयों के निर्माण के लिए छह हजार रुपये की दर से छह लाख 30 हजार रुपये की धनराशि प्रथम किस्त के रूप में भुगतान की गई है।

यानी कुल 70 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई थी। ग्राम पंचायत ने 56 शौचालयों की करीब छह लाख 72 हजार पहली बाद और दूसरी बार पांच लाख 33 हजार रुपये की धनराशि सरेंडर की गई। शेष 58 लाख 45 हजार रुपये से 487 शौचालयों का निर्माण कराकर जियो टैग कराना था। जांच में 303 शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा मिला। इसमें कुल 36 लाख 36 हजार रुपये खर्च हुए। 184 शौचालयों का निर्माण न कराकर करीब 22 लाख आठ हजार रुपये का बंदरबांट सचिव और ग्राम प्रधान ने कर लिया। सहायक विकास अधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि मामले में प्रधान व तत्कालीन सचिव के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कराया गया है।

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प्रधान पर सरकारी धन हड़पने का आरोप
ज्ञापन देकर किया जांच की मांग

बस्ती|कुदरहा विकास खण्ड के ग्राम पंचायत जगरनाथपुर के नागरिकों ने शुक्रवार को धर्मेन्द्र गिरी के नेतृत्व में जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन देकर ग्राम प्रधान सरिता देवी पर आरोप लगाया है कि उन्होने बिना कार्य कराये भुगतान लेकर सरकारी धन हड़प लिया।

मांग किया है कि जांच कराकर दोषी ग्राम प्रधान, सचिव के विरूद्ध कार्रवाई करते हुये सरकारी धन की रिकबरी कराया जाय।

डीएम को दिये ज्ञापन में कहा गया है कि सम्पर्क मार्ग, खण्डजा, इण्टर लाकिंग, नदी तक नाला खुदाई,चक मार्ग निर्माण, सीसी रोड निर्माण, मनोरमा नदी एवं पोखरे के किनारे वृक्षारोपण, सोलर लाइट, स्ट्रीट लाइट, सोख्ता निर्माण, कुंआ निर्माण आदि के नाम पर बड़े पैमाने पर सरकारी धन का बंदरबांट कर लिया गया है। इसका स्थलीय भौतिक सत्यापन कराकर सरकारी धन की रिकबरी कराया जाय।

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