ताज़ा ख़बरें

बस्ती:निजी चिकित्सालयों में कोविड-19 के प्रोटोकाल का अनुपालन कराने के लिए 25 जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती किया गया ; जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन

निजी चिकित्सालयों में कोविड-19 के प्रोटोकाल का अनुपालन कराने के लिए 25 जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती किया गया ; जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन

बस्ती 29 सितम्बर| जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने निजी चिकित्सालयों में कोविड-19 के प्रोटोकाल का अनुपालन कराने के लिए 25 जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती किया है। ये अधिकारी ओपीडी के दौरान अस्पताल जाकर शारीरिक दूरी, मास्क लगाने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता के पालन के लिए हाथ धोने की सुविधा का निरीक्षण करेंगे।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित अधिकारियों की बैठक में उन्होने कहा कि निजी चिकित्सालय में पब्लिक एड्रेस सिस्टम द्वारा कोविड-19 से बचाव के बारे में जागरूकता फैलाने वाले संदेश अवश्य प्रसारित होना चाहिए।

इसके अलावा एंटीजन किट की उपलब्धता, अस्पताल द्वारा कोविड-19 के लिए सैम्पलिंग व टेस्टिंग के लिए लगायी गयी टीमो की संख्या, क्रमिक सैम्पलिंग की स्थिति, तत्कालिक टेस्टिंग व रेफरल की स्थिति का निरीक्षण किया जायेंगा।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक निजी चिकित्सालय में एक आईसोलेशन वार्ड भी तैयार किया जायेंगा, जिसमें पाजिटिव पाये गये मरीज को रखकर बेसिक इलाज किया जायेंगा।

जाॅच में पॉजिटिव पाये जाने पर मरीज के बारे में एकीकृत कमाण्ड सेण्टर एवं कंट्रोल (आईसीसीसी) के फोन नम्बर-05542-245672 पर सूचित करेंगे। बैठक में एडीएम रमेश चन्द्र तथा जाचकर्ता सभी अधिकारी उपस्थित रहें।

इसके पूर्व जिलाधिकारी ने सोमवार की शाम को पुलिस लाईन सभागार में इण्डियन मेंडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी डाक्टरों तथा निजी चिकित्सालयों के संचालको के साथ बैठक करके कोविड-19 के प्रोटोकाल के बारे में विस्तार से जानकारी दिया।

उन्होने सभी से अपील किया है कि उनके यहां इलाज के लिए आने वाले सभी मरीजों का कोविड-19 का एंटीजन टेस्ट कराएं। पॉजिटिव पाए गए मरीजों की जानकारी एकीकृत कमांड सेंटर एवं कंट्रोल के फोन नंबर 05542-245672 पर सूचित करें। किसी भी दशा में कोविड-19 पॉजिटिव पेशेंट को होम आइसोलेशन में न भेजें और न ही उसको घर जाने दे।

उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सालय में सीएमओ कार्यालय से एंटीजन टेस्ट किट उपलब्ध कराई गई है। इसकी कमी होने पर चिकित्सालय सीएमओ कार्यालय से संपर्क करके एंटीजन किट मंगवा सकते हैं,

लेकिन किसी भी दशा में इलाज के लिए आए हुए मरीज का बिना टेस्ट किए इलाज शुरू न करें। उन्होंने कहा कि पूर्व में 25 निजी चिकित्सालयों को एंटीजन टेस्ट किट उपलब्ध कराई गई थी। इसके संबंध में रिपोर्ट प्राप्त हुई है कि सिलेक्टिव लोगों का ही टेस्ट किया गया है, जो कि उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक निजी चिकित्सालय के ओपीडी के समय में जांच कराई गई है, काफी संख्या में वहां मरीज उपलब्ध रहे हैं लेकिन उनका टेस्ट नहीं किया गया। हमारे पास एंटीजन टेस्ट किट की कोई कमी नहीं है। निजी चिकित्सालय इस कार्य में सहयोग करें तथा समाज हित में अधिक से अधिक कोविड-19 का टेस्ट करें।

पुलिस लाइन सभागार में आयोजित निजी चिकित्सालय के संचालकों की बैठक में उन्होंने बताया कि प्रत्येक निजी चिकित्सालय पर जिला स्तरीय अधिकारी ओपीडी के समय में जाएंगे तथा कोविड-19 के प्रोटोकॉल, मरीजों का विवरण दर्ज करने का रजिस्टर, हेल्प डेस्क, प्रचार-प्रसार के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम के बारे में जांच करेंगे तथा अपनी रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराएंगे।

जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि निजी चिकित्सालयों में आने वाले मरीजों को डॉक्टर के अलावा कोई अन्य व्यक्ति मरीजों को देख रहा है। यह स्थिति ठीक नहीं है। समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझते हुए डॉक्टर चिकित्सा के सेवा धर्म का पालन करें।

बैठक को सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, एडीएम रमेश चंद्र, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ अनिल श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। सीएमओ डॉ एके गुप्ता ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सहयोग करने का अपील किया।

बैठक में डॉ० सीएल कनौजिया, डॉ० सीके वर्मा, डॉ० फखरेयार हुसैन, उप जिलाधिकारी नंद किशोर कलाल, नीरज प्रसाद पटेल, आसाराम वर्मा, आनंद श्रीनेत, डीपीएम राकेश पांडे, सुधीर कुमार, तथा निजी चिकित्सालयों के डॉक्टरगण उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.