क्राइम्स

प्रेमी संग मिलकर कातिल पत्नी ने किया पति और बच्चे की हत्या, अब जिंदगी सलाखो में बीतेगी

पति और बच्चे की हत्यारिन अर्चना की पूरी जिंदगी
कटेगी जेल में
चार साल पहले के हत्याकांड में अपर सत्र
न्यायाधीश ने कल शनिवार को सुनाया अपना
फैसला.
अर्चना ने अपने प्रेमी संग मिलकर की थी पति व बेटे
की हत्या

गोरखपुर। शाहपुर इलाके के अशोक नगर, बशारतपुर मोहल्ले में 20 जनवरी वर्ष 2016 की रात में एक ऐसी घटना घटी थी जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया था। कालोनी में रहने वाली अर्चना यादव ने अपने प्रेमी अजय कुमार यादव संग मिलकर अपने पति, (नेत्र परीक्षक, ओम प्रकाश यादव) और पांच साल के बेटे नितिन की हत्या कर दी थी। इस मामले में चार साल बाद कल शनिवार को कोर्ट ने अर्चना यादव और उसके प्रेमी अजय यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा के साथ ही अपर सत्र न्यायाधीश, ज्ञान प्रकाश शुक्ला ने 65 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने कहा कि अर्थदंड जमा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना पड़ेगा। इस मामले में लगातार चार दिनों तक कोर्ट में सुनवाई चली।

प्रेमी संग मिलकर किया था पति और बच्चे का मर्डर

बताते चलें कि बागेश्चरी देवी (अर्चना की सास) ने मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा कि 20 जनवरी 2016 की रात उनके छोटे बेटे ओम प्रकाश यादव और पौत्र शिवा उर्फ नितिन की घर में हत्या कर दी गई। पुलिस ने जब अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज करके छानबीन की तो अर्चना और उसके प्रेमी अजय का नाम सने आया। जानकारी के अनुसार अर्चना की दोस्ती शाहजहांपुर के फिरोजाबाद निवासी प्रेमी अजय यादव से फेसबुक पर हुई। लोकलाज भूलकर दोनों प्रेम संबंधों में डूब गए। पति को रास्ते से हटाने के लिए अर्चना ने पति की हत्या की साजिश गढ़ी। उसने प्रेमी संग मिलकर पहले पति को मार डाला। फिर अपनी जान बचाने के लिए गोद में आए बच्चे को भी बेरहमी से मार दिया।

प्रेमी संग जेल में जिंदगी गुजारेगी ​अर्चना

अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रविन्द्र सिंह एवं रमेश कुमार सिंह ने बताया कि बागेश्वरी देवी ने मामले में केस दर्ज कराया था। जिसमें बताया गया था कि 20 जनवरी 2016 की रात उनके छोटे पुत्र ओम प्रकाश यादव और पौत्र शिवा उर्फ नितिन की घर की ऊपरी मंजिल पर ही हत्या की गई थी। जान बचाने के लिए गोद में आकर छिपे बेटे को भी अर्चना ने बेरहमी से मार डाला। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करके वारदात का पर्दाफाश किया। तभी से दोनों जेल में बंद थे। लोग इस घटना को भूल नहीं पा रहे हैं। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने दोनों को सजा सुनाई। अर्चना और उसके प्रेमी की बची-खुची जिंदगी अब जेल में ही गुजरेगी।

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