September 27, 2022

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70 लाख की मर्सेडीज में भी क्यों नहीं बची टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्‍त्री की जान? आनंद महिन्द्रा ने क्यों खाई कसम ….जानिए

न्यूज डेस्क 06 सितंबर |साइरस मिस्‍त्री (54) की सड़क हादसे में मौत से कॉर्पोरेट जगत सकते में है। मिस्‍त्री की कार मुंबई-अहमदाबाद हाइवे पर एक पुल की रेलिंग से जा टकराई। हादसे में मिस्त्री और उनके दोस्त जहांगीर दिनशा पंडोले की मौत हो गई। मिस्‍त्री किसी ऐसी-वैसी कार में नहीं, मर्सेडीज बेंज जीएलसी जैसी एसयूवी में सवार थे। करीब 70 लाख रुपये की यह कार आराम से लेकर सुरक्षा तक के तमाम दावों के साथ आती है। पुलिस के अनुसार, फ्रंट सीट्स पर जहांगीर के भाई दारिस पंडोले और उनकी पत्‍नी अनायता बैठे थे। अनायता पंडोले कार चला रही थीं। दोनों को गंभीर चोटें आई हैं मगर खतरे से बाहर हैं। साइरस और जहांगीर पीछे की सीटों पर बैठे थे और दोनों की मौत हो गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्‍या रियर सीट्स के एयरबैग्‍स ने काम नहीं किया? हालांकि पुलिस कह रही है कि शायद दोनों ने सीट बेल्‍ट्स नहीं लगा रखी थीं। लब्‍बोलुआब यही है कि कार चाहे जितनी महंगी हो, सड़क पर सुरक्षा की गारंटी नहीं है।सभी ट्रैफिक नियमों और सावधानियों का पालन बेहद जरूरी है।

 

आनंद महिंद्रा ने खाई कसम 

आम तौर पर भारतीय कारों  में पीछे की सीट सफर करने वाले यात्री, सीट बेल्ट पहनने में अनदेखी करते हैं। ऐसी ही अनदेखी साइरस मिस्त्री ने की थी। पुलिस के अनुसार साइरस मिस्त्री ने सीट बेल्ट नहीं लगा रखी थी। ऐसे में जब कार का एक्सीडेंट हुआ तो उनका सिर सामने की सीट पर टकरा गया और उसके बाद पीछे के एयरबैग खुले। अगर मिस्त्री सीट बेल्ट पहने हुए रहते तो शायद उनकी जान बच जाती ।

 

अब इसी हादसे को देखते हुए महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने ट्वीट कर कहा है कि वह कसम खाते हैं कि अब जब भी वह कार में पीछे बैठेंगे तो सीट बेल्ट जरूर पहनेंगे। साथ ही उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि वह सीट बेल्ट पहनने की शपथ लें। क्योंकि हम सब अपने परिवार के कर्जदार हैं।

कब, कहां और कैसे हुआ साइरस मिस्‍त्री की कार का एक्‍सीडेंट?

साइरस मिस्‍त्री की कार का एक्‍सीडेंट रविवार (4 सितंबर 2022) की दोपहर करीब सवा तीन बजे हुआ। लोकेशन पालघर जिले के चरोटी में सूर्या नदी पर बना एक पुल रही। मिस्‍त्री समेत कार में सवार चारों लोग सुबह गुजरात के उद्वादा स्थित पारसी मंदिर इरानशाह गए थे। वहां से लौटते वक्‍त हादसा हुआ। पीछे की सीट पर बैठे मिस्‍त्री और जहांगीर की सिर पर चोटें आने से मौके पर ही मौत हो गई। अनायता जो कि मर्सेडीज ड्राइव कर रही थीं और उनके पति को कई फ्रैक्‍चर्स हुए हैं। दोनों को वापी के एक अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है।

इसी जगह पर हुआ साइरस मिस्‍त्री की कार का एक्‍सीडेंट

मर्सेडीज पर कंट्रोल खोने से हुआ हादसा?

 

मर्सेडीज में सवार चारों लोग एक दोस्‍त के यहां से लंच के बाद लौट रहे थे। गाड़ी तीन लेन वाले चरोटी टोल नाके से निकलकर बमुश्किल एक किलोमीटर ही आगे बढ़ी होगी कि हादसा हो गया। पालघर एसपी बालसाहेब पाटिल ने कन्‍फर्म किया कि जहांगीर और मिस्‍त्री की ऑन-द-स्‍पॉट मौत हो गई थी।

पुलिस की शुरुआती जांच इशारा करती है कि अनायता ने पुराने पुल को टेकओवर करते समय कार पर कंट्रोल खो दिया। पुराना पुल नए वाले पुल से थोड़ा नीचे है। स्‍पॉट पर गए पुलिसवालों के अनुसार, संभव है कि कार की रफ्तार काफी तेज रही हो और अनायता तय नहीं कर पाईं कि कौन से पुल से जाना है। पुलिस ने एक एक्‍सीडेंटल डेथ रिपोर्ट फाइल की है।

दोनों ने सीट बेल्‍ट नहीं लगाई थी, देर से खुले एयरबैग्‍स?

मेडिकल सुप्रिटेंडेंट प्रदीप धोदी ने कहा कि मिस्‍त्री और जहांगीर, दोनों के सिर फ्रंट सीट्स से जा टकराए। सिर पर लगी चोटों की वजह से उनकी मौत हुई। मर्सेडीज बेंज जीएलसी में पीछे की सीट पर बैठे यात्रियों के लिए साइड में कर्टेन एयरबैग्‍स होते हैं। ये एयरबैग्‍स खुले तो जरूर मगर देर से।

पुलिस के अनुसार, साइरस और जहांगीर ने सीट बेल्‍ट्स नहीं पहनी थीं जिसके चलते बैग्‍स खुल पाने से पहले ही उनके सिर फ्रंट सीट्स से टकरा गए। पुलिस ने कहा कि अनायता और दारिस की जान इसलिए बच गई क्‍योंकि उन्‍होंने सीट बेल्‍ट पहन रखी थी और उनके एयरबैग्‍स टाइम पर खुले।

मिस्‍त्री जिस कार से सफर कर रहे थे वह एंट्री मॉडल के बाद मर्सेडीज का दूसरा मॉडल था। कार का रजिस्‍ट्रेशन नंबर MH 47B AB7705 था जो मई 2018 में कराया गया। इस मर्सेडीज बेंज जीएलसी का फिटनेस सर्टिफिकेट मई 2033 में एक्‍सपायर हो रहा है।

कोई फुटेज नहीं, सड़क हादसों में ओवरस्‍पीड से होती हैं 57% मौतें

हादसा इतना भयावह था कि कार का इंजन पहियों के पीछे चला गया। बोनट सही सलामत था। आसपास कोई सीसीटीवी नहीं था इसलिए पुलिस के पास हादसे की कोई फुटेज नहीं है। हालांकि डिप्‍टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने एक्‍सीडेंट की विस्‍तृत जांच के आदेश दिए हैं।

नैशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्‍यूरो (NCRB) का लेटेस्‍ट डेटा सड़क हादसों से जुड़ी भयावह तस्‍वीर पेश करता है। पिछले कुछ सालों में हुए 60% सड़क हादसे ओवरस्‍पीड के चलते हुए। रोड एक्‍सीडेंट्स में होने वाली मौतों में 55-57% मौतें तेज रफ्तार के चलते होती हैं।

एक्‍सपर्ट्स के अनुसार, मुंबई-अहमदाबाद हाइवे को ठीक से मैनेज नहीं किया जाता। ऐसे में इसपर तेज रफ्तार से गाड़ी दौड़ाना जानलेवा हो सकता है।

 

 

कई बड़े नाम सड़क हादसों का हो चुके शिकार

 

सायरस मिस्‍त्री की मौत का जिम्‍मेदार कौन? रैश ड्राइविंग, खराब रोड, लापरवाही या फिर खराब एयरबैग्‍स? पहले भी कई मशहूर हस्तियों ने सड़क हादसों में जान गंवाई है। भाजपा के दिग्‍गज नेता गोपीनाथ मुंडे की 2014 में दिल्‍ली में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। NT रामा राव के बेटै नंदमुरारी कृष्‍ण की 29 अगस्‍त 2018 को एक भयानक कार क्रैश में जान चली गई थी। पंजाब ऐक्‍टर और ऐक्टिविस्‍ट दीप सिद्धू की कार इसी साल फरवरी में ट्रक से जा टकराई थी। हादसे में सिद्धू की मौत हो गई थी। दिल्‍ली के पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री रहे साहिब सिंह वर्मा की जून 2007 में राजस्‍थान में सड़क हादसे में मौत हुई थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट जून 2000 में रोड एक्‍सीडेंट का शिकार हुए थे। भारत के 7वें राष्‍ट्रपति रहे ज्ञानी जैल सिंह की मृत्‍यु भी एक सड़क हादसे में हुई।

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