January 22, 2021

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ALERT: भारत में हुई कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की एंट्री, ब्रिटेन से आए 6 यात्री मिले संक्रमित; मिनिस्ट्री ने दी जिनकारी

  • New Corona Strain in India: भारत में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिला है। 6 लोग इस वायरस से पीड़ित पाए गए हैं। ये सभी 6 लोग हाल ही में ब्रिटेन से लौटे थे। इन सभी लोगों को अलग-अलग आइसोलेशन में रखा गया है।

नई दिल्ली|ब्रिटेन में हाहाकार मचाने वाले कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से पूरी दुनिया में दहशत है। भारत में इस वायरस को लेकर हलचल के बीच बुरी खबर है। ब्रिटेन समेत यूरोपीय देशों में कहर मचाने वाला कोरोना वायरस का यह नया स्ट्रेन अब भारत आ गया है। दरअसल, ब्रिटेन से लौटने वाले छह मरीज कोरोना वायरस के इस म्यूटेंट से संक्रमित पाए गए हैं। इन सभी लोगों को सिंगल आइसोलेशन रूम में रखा गया है। इनके संपर्क में आए करीबी लोगों को भी क्वारंटाइन में रखा गया है।

गौरतलब है कि  25 नवंबर से 23 दिसंबर के बीच कुल 33,000 यात्री यूके से भारत के अलग-अलग एयरपोर्ट पर आए थे, जिनमें से अभी तक 114 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इनके सैंपल को जब जिनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया तो छह में नया स्ट्रेन मिला।

हेल्थ मिनिस्टरी ने दी जानकारी
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बेंगलुरु के NIMHANS में ब्रिटेन से लौटे तीन लोगों का सैंपल टेस्ट किया गया था जिसमें ये नया स्ट्रेन मिला है। इसके अलावा दो लोगों का सैंपल सेंटर फॉर सैल्यूलर ऐंड मोलोकूलर बायोलॉजी, हैदराबाद में पॉजिटिव पाया गया। एक अन्य शख्स का सैंपल नैशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे में जांच की गई थी, जहां शख्स कोरोना के नए स्ट्रेन से पीड़ित पाया गया है। मंत्रालया ने बताया कि सभी अगल-अलग आइसोलेशन में रखा गया है।

बता दें कि इससे पहले सोमवार को कनाडा के ओंटारियो में कोरोना वायरस के उस नये  रूप (स्ट्रेन) के एक और मामले की पुष्टि हुई। सबसे पहले इसका ब्रिटेन में हाल में पता चला था।यहां एक दंपती के इस बीमारी से पीड़ित होने का मामला सामने आया था। ओंटारियो के संयुक्त मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बारबरा याफ के मुताबिक डरहम निवासी दंपती के कोरोना के नये स्ट्रेन से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है और वे दोनों अभी मेडिकल प्रोटोकाल के तहत ‘सेल्फ-आइसोलेशन में हैं।

भारत और ब्रिटेन के अलावा स्पेन, स्वीडन और स्विटजरलैंड में भी नए कोरोना वायरस के स्ट्रेन के पुष्टि हुई है। वहीं फ्रांस में भी कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन मिला है। इसके अलावा डेनमार्क, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और ऑस्ट्रेलिया में भी कई लोगों में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन पाया गया है। वहीं दक्षिण अफ्रीका में भी कोरोना वायरस का एक नया स्ट्रेन मिला है। यह ब्रिटेन के नए स्ट्रेन से अलग है। वहीं कनाडा, जापान, लेबनान, सिंगापुर और नाइजीरिया में भी कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है।

कुछ दिन पहले आई थी कोरोना पर ताजा गाइडलाइंस
बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना मामलों के मद्देनजर एक फ्रेश गाइडलाइंस जारी थी। इसमें मौजूदा कोविड-19 गाइडलाइंस को 31 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा गृह मंत्रालय ने ब्रिटेन में पाए गए कोरोना के नए स्ट्रेन से सावधान रहने के लिए भी कहा है।

कोरोना वायरस का यह नया स्ट्रेन क्या है?
कोरोना वायरस के इस नए वैरिएंट (B.1.1.7) के बारे में अभी वैज्ञानिकों को ज्यादा जानकारियां नहीं मिली हैं। इसके जीनोम संरचना पर अभी रिसर्च चल रहे हैं। वैज्ञानिक अभी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इसमें हुए म्यूटेशन से वायर और ज्यादा खतरनाक हो रहा है या कमजोर और क्या नया स्ट्रेन जांच में सही से पकड़ा जा सकता है या नहीं।

कितना संक्रामक है कोरोना का नया स्ट्रेन?

नया स्ट्रेन बहुत ही संक्रामक है। इसने प्रभावित इलाकों में कोरोना के मामलों में 300 प्रतिशत का इजाफा किया है। यानी आम स्ट्रेन के मुकाबले यह तीन गुना ज्यादा संक्रामक है। कोरोना का नया स्ट्रेन कितना खतरनाक है, यह स्पष्ट नहीं है। खैर ज्यादा संक्रामक होने की वजह से खतरनाक तो है ही, क्योंकि यह लोगों के संक्रमित होने की आशंका बढ़ाता है। इस वैरिएंट में पिछले कुछ महीनों में ही 23 बार म्यूटेशन हुआ है जो हैरान करने वाला है।

20 बार रूप बदल चुका है नया वायरस
नए वायरस ने 20 से ज्यादा रूप बदला है और यह अभूतपूर्व है। हालांकि, वायरस का रूप बदलना कोई नई बात नहीं है। कोरोना वायरस महीने भर में एक या दो बार अपना रूप बदलता रहा है। हालांकि, कोरोना का पहले का नया रंग-रूप उतना ज्यादा संक्रामक नहीं था। यह स्ट्रेन इसलिए ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इसके 8 रूप जीन में प्रोटीन बढ़ाने वाले हैं। लेकिन इसमें दो सबसे ज्यादा चिंता पैदा करने वाले हैं। पहला, N501Y रूप, इसके कारण वायरस और ज्यादा खतरनाक हो सकता है और शरीर के सेल्स पर हमला कर सकता है। दूसरा, H69/V70। यह रूप शरीर की इम्युन क्षमता को नुकसान पहुंचाने वाली है। डेटा के अनुसार, यह स्ट्रेन शायद ज्यादा तेजी से फैल रहा है और लोगों को ज्यादा बीमार बना सकता है।

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