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सच के साथ - अशोक कुमार वर्मा

सच के साथ

जातिगत संघर्ष: अतुल्य भारत पर एक दाग;

प्राचीन वैदिक समाज को श्रम विभाजन तथा सामाजिक जिम्मेदारियों के तहत चार वर्णों में विभाजित किया गया था। कालांतर में इनसे लाखों जातियां बन गईं। प्राचीन वर्ण व्यवस्था का सही या गलत […]

हर व्यक्ति के जीवन में दु:ख और खुशियां आती है और दोनों को बांटना जरूरी होता है;

हर व्यक्ति के जीवन में दुख और खुशियां आती है | और दोनों को बांटना जरूरी होता है | खुशियां बाटेंगे तो दुगनी होगी वही दुख बाँटेंगे तो आधे रह जाएंगे | […]

दुनिया में दो चीज़ें सबसे लचीली होती है पहली हवा दूसरा पानी

दुनिया में दो चीज़ें सबसे लचीली होती है पहली हवा दूसरा पानी ये कभी भी कहीं भी किधर भी कैसे भी मुड़ सकते है | ये जिस में मिल जाते हैं वैसे […]

मूलभूत आवश्यकताएं

समय, पैसा और स्वभाव:- वैसे तो कहा जाता है जीवन की मूलभूत आवश्यकताएँ रोटी, कपड़ा और मकान है| लेकिन इन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हमें साधन चाहिए और वह साधन […]

ठिठुरता हुआ गणतंत्र

चार बार मैं गणतंत्र-दिवस का जलसा दिल्ली में देख चुका हूँ। पाँचवीं बार देखने का साहस नहीं। आखिर यह क्या बात है कि हर बार जब मैं गणतंत्र-समारोह देखता, तब मौसम बड़ा […]

राजनीतिक पार्टियों के तनाव का रामबाण नुस्खा:- व्यंग

मेडिकल साइंस ने भले ही कितनी तरक्की कर ली हो उसके पास उन रहस्यमयी और शिथिल कर देने वाले मर्ज़ का इलाज नहीं है, जिसने भारत की सियासी पार्टियों को अपनी गिरफ्त […]

राजनीति किस चिड़िया का नाम है जानें!

कुछ साथियों के हवाले से पता चला कि कुछ साइटें बैन हो गयी हैं। पता नहीं यह कितना सच है लेकिन लोगों ने सरकार को कोसना शुरू कर दिया। अरे भाई,सरकार तो […]

अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस;

15 दिसंबर को ‘इंटरनेशनल टी डे’ मनाया जाता है। दुनियाभर में गर्मागर्म चाय के शौकीन लोगों की कमी नहीं है। ज्यादातर लोगों के दिन की शुरुआत ही चाय से होती है। तो […]

कड़वा है मगर सच है!

ज़मीनी हकीकत की दृष्टि से अगर उत्तर प्रदेश की बात की जाय तो जब समाजवादी पार्टी की सरकार आती है तो यादव दबंगों की गुंडई बढ़ जाती है, जब बहुजन समाज पार्टी […]