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सच के साथ - अशोक कुमार वर्मा

सच के साथ

ग़ुस्सा करके स्वयं को बीमार न बनाएँ, क्योंकि क्रोध स्वयं में एक व्याधि है!

क्रोध मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। मनुष्य के अन्त:करण में उठने वाली उग्रवृत्ति इतनी घातक है कि उसके जागने से व्यक्ति का रूप बड़ा कुरूप हो जाता है। जरा सोचिये तो […]

” ढोल, गंवार , शूद्र ,पशु ,नारी सकल ताड़ना के अधिकारी “” का सही अर्थ क्या है….?????

क्या आप जानते हैं कि रामचरित मानस के सुन्दरकांड में उल्लिखित “” ढोल, गंवार , शूद्र ,पशु ,नारी सकल ताड़ना के अधिकारी “” का सही अर्थ क्या है….????? दरअसल…. कुछ लोग इस […]

परम्परा

एक बार कुछ वैज्ञानिकों ने एक बड़ा ही मजेदार प्रयोग किया.. उन्होंने 5 बंदरों को एक बड़े से पिंजरे में बंद कर दिया और बीचों -बीच एक सीढ़ी लगा दी जिसके ऊपर […]

भारतीय शिक्षा विदेशी ज्ञान;

अंग्रेजों ने हमें पढ़ाया कि- आर्य विदेश से आए और द्रविड़ो को उन्होंने खदेड़ा। अंग्रेजों ने यह इसलिए पढ़ाया की आर्य (हम) भी भारत में आक्रमणकारी बनकर आए थे तो फिर हमें […]

शिक्षा का बाजारीकरण एवं विदेशी विश्वविधालयों का प्रभाव ;

शिक्षा का व्यवसायीकरण या बाजारीकरण आज देश के समक्ष बड़ी चुनौती हैं। यह संकट देश में विगत 40-45 वर्षो में उभरकर आया है। परन्तु वास्तव में उसकी नींव अंग्रेज मैकाॅले द्वारा स्थापित […]

विज्ञान का आधार वेद है इसलिए वेद विज्ञान है।

मैं मानता हूँ और वहस जरुरी है , इससे ही सही दिशा तय किया जा सकता है । उदारवादी सभ्यता और संस्कृति का परिचायक सिर्फ भारत ही है। लेकिन गहराई में जाने […]

कैसे हिंदुओं को जाति में बांटा गया?

हर काल में इतिहास को दोहराया गया। इस बार इतिहास फिर दोहराया जा रहा है। वर्तमान में भारत की राजनीति हिन्दुओं को आपस में बांटकर सत्ता का सुख भोगने में  कुशल हो […]

भारत देश का सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री कौन है?

आजादी के बाद से देश ने कई सरकारें और उनके मुखिया देखे। समय-समय पर उनके कार्यकाल की तुलना भूतकाल से की जाती रही है। पत्रिका आपको मौका दे रहा है, देश के […]

अपेक्षा या उपेक्षा में है सारा सुख या दुःख;

संसार को जब भी हम अपेक्षा की दृष्टि से देखते हैं तो संग पैदा होता है। जैसे ही उपेक्षा की दृष्टि से देखते हैं तो संग की भावना समाप्त हो जाती है। […]