Author Archives

सच के साथ - अशोक कुमार वर्मा

सच के साथ

इंसान की सोच- नयापन

अब इसे मानव का स्वभाव कहें, चाहत या फितरत, वह हर वक्त कुछ नये की तलाश में रहता है। हर किसी चीज में परिवर्तन चाहता है। मगर एक नजर मानव की सोच […]

मकड़जाल अर्थव्यवस्था का;

अर्थ एवं न्याय शास्त्र में पढ़ाये जाने वाले विभिन्न सिद्धांतों को हम में से कइयों ने पढ़ा होगा। कितना इन्हें सही-सही समझ पाते हैं? एक प्रश्न हो सकता है। कम से कम […]

हनुमान जी की जाति क्या है?

हनुमान जी की जाति क्या है ? अगर रामायण को मानते हैं तो नीचे लिखे बातों को भी मानना पड़ेगा।। हनुमान ब्राह्मण जाति से हैं – रामायण में कई स्थान पर उनके […]

गिद्ध बनने की विवशता को त्याग बाज बनकर कीजिये खुद को पुनर्स्थापित

  बाज लगभग सत्तर वर्ष जीता है …. परन्तु अपने जीवन के चालीसवें वर्ष में आते-आते उसे एक महत्वपूर्ण निर्णय लेना पड़ता है. उस अवस्था में उसके शरीर के तीन प्रमुख अंग […]

महाभोज : एक खतरनाक सम्मोहन भरी……

स्वतंत्रता के पश्चात राजनीति को आधार बनाकर लिखे गये उपन्यासों में मैला आंचल, रागदरबारी और महाभोज सर्वाधिक उल्लेखनीय हैं। मन्नू भण्डारी का महाभोज, प्रेमचन्द का ‘गोदान’ और फणीश्वरनाथ रेणु का ‘मैला आंचल’ […]

सुख और दुःख एक ही सिक्के के दो पहलू हैं;

दुनिया का हर इंसान सुख चाहता है। दुःख कोई नहीं चाहता। वह दुःख से डरता हैं इसलिए दुःख से छुटकारा पाने के लिए तरह-तरह के प्रयत्न करता है। मतलब दुःख को खत्म […]

सुख चाहिए किन्तु दुःख से डरिये मत;

  जीवन में दुःख, शोक और संघर्ष का आना स्वाभाविक है। इससे कोई भी जीवधारी नहीं बच सकता। सुख, दुःख मानव-जीवन के दो समान पहलू हैं। सुख के बाद दुःख और दुःख […]

भारतीय राजनीति के असली ‘चौधरी’

चौधरी चरण सिंह सिर्फ़ एक राजनीतिज्ञ, एक किसान नेता, एक पार्टी के अध्यक्ष और एक भूतपूर्व प्रधानमंत्री का नाम ही नहीं था, चरण सिंह एक विचारधारा का भी नाम था. चरण सिंह […]

जिंदा है तो दिखाईये…

  येषां न विद्या न तपो न दानं ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्म:। ते मर्त्यलोके भुविभारभूता मनुष्यरूपेण मृगाश्चरन्ति।। जिन मनुष्यों में न विद्या का निवास है, न मेहनत का भाव, […]