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सच के साथ

सच के साथ

आखिर आजादी के 71 वर्षों बाद भी ओबीसी समाज अपना हक क्यों नहीं प्राप्त कर पाया?

ओबीसी का बहुलांश हिस्सा न केवल सामाजिक-शैक्षणिक तौर पर पिछड़ा है, बल्कि संपत्ति और साधन विहीन भी है। इस समुदाय के एक बडे हिस्से के पास कोई हुनर भी नहीं है। आजादी […]

भिखारियों को काम पर लगाएगी योगी सरकार, वसूलेंगे यूजर चार्ज, प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी

लखनऊ शहर के हर ट्रैफिक सिग्नल और सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगने वालों के खिलाफ नगर निगम अब सख्ती करेगा। इन्हें शेल्टर होम में रखा जाएगा। दरअसल, भिखारियों को लेकर मुख्यमंत्री नाराज […]

भिखारियों ने ठुकराई सरकारी नौकरी, बताई ये चौंकाने वाली वजह

उत्तर प्रदेश की राजधानी में नगर निगम ( Lucknow Municipal Corporation ) अब भीख मांगने वाले लोगों को रोजगार से जोड़ने की मुहिम चलाने जा रही है, ताकि उनकी आय सुनिश्चित हो […]

देश किसका है ये तय हो जाए तो इसकी रक्षा के लिए काम करूं!

इस्लाम को जन्म लिए अस्सी वर्ष न हुए थे कि इतने कम समय में उसका एक झंडा जहाँ भारत की सीमा तक पहुँच गया था तो दूसरी और अटलांटिक महासागर तक… उस […]

लखनऊ में बना देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन, 630 ई-बस दौड़ेंगी सड़कों पर

उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन में बहुत जल्द 630 इलेक्ट्रिक बसों की नई खेप शामिल की जाएगी. ये बस कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, शाहजहांपुर, गोरखपुर, आगरा, गाजियाबाद, मथुरा और लखनऊ में चलेंगी.   बस […]

11 आक्रमण जिन्होंने बदल दिया अखंड भारत का नक्शा

आज से मात्र 1255-60 वर्ष पहले तक अखंड भारत की सीमा में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल, तिब्बत, भूटान, बांग्लादेश, बर्मा, इंडोनेशिया, कंबोडिया, वियतनाम, मलेशिया, जावा, सुमात्रा, मालदीव और अन्य कई छोटे-बड़े क्षेत्र हुआ […]

व्यापार और शिक्षा का व्यापार

हमारा लक्ष्य – जन-धन का सही उपयोग एवं राष्ट्रीय बौद्धिक विकास द्वारा आर्थिक स्वतन्त्रता जहाँ भी, कुछ भी आदान-प्रदान हो रहा हो, वह सब व्यापार के ही अधीन है। व्यक्ति का जितना […]

शिक्षा का कारोबार

बाजार अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह कि वह व्यक्ति, घटना, मूल्य, संस्कार यहाँ तक कि संवेदन को भी उत्पाद में बदल देती है। ऐसे में शिक्षा पाने और देने-दिलाने का उपक्रम […]

इंदि‍रा से मोदी तक, जानिए कब डॉलर के मुकाबले 8 से 69 तक पहुंचा रुपया

हम अक्सर डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत घटने या बढ़ने की खबरें देखते या पढ़ते हैं। 1978 में आरबीआई की ओर से देश में फॉरेन करेंसी की डेली ट्रेडिंग को मंजूरी […]

झूठ और भ्रष्टाचार की बुनियाद पर खड़ा लोकतंत्र !

हमारे देश के नेता भारत को विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने की दुहाई देते रहते हैं। राजनीतिक दल इस लोकतंत्र के आधार स्तंभ हैं। चुने गए नेता बहुमत के आधार पर […]