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सच के साथ

सच के साथ

विज्ञान का आधार वेद है इसलिए वेद विज्ञान है।

मैं मानता हूँ और वहस जरुरी है , इससे ही सही दिशा तय किया जा सकता है । उदारवादी सभ्यता और संस्कृति का परिचायक सिर्फ भारत ही है। लेकिन गहराई में जाने […]

कैसे हिंदुओं को जाति में बांटा गया?

हर काल में इतिहास को दोहराया गया। इस बार इतिहास फिर दोहराया जा रहा है। वर्तमान में भारत की राजनीति हिन्दुओं को आपस में बांटकर सत्ता का सुख भोगने में  कुशल हो […]

भारत देश का सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री कौन है?

आजादी के बाद से देश ने कई सरकारें और उनके मुखिया देखे। समय-समय पर उनके कार्यकाल की तुलना भूतकाल से की जाती रही है। पत्रिका आपको मौका दे रहा है, देश के […]

अपेक्षा या उपेक्षा में है सारा सुख या दुःख;

संसार को जब भी हम अपेक्षा की दृष्टि से देखते हैं तो संग पैदा होता है। जैसे ही उपेक्षा की दृष्टि से देखते हैं तो संग की भावना समाप्त हो जाती है। […]

बाजारीकरण के चंगुल में फंसी शिक्षा

आज के संदर्भ में हमारा व्यवहार और आचरण ही हमारी शिक्षा और परवरिश का आधार तय करता है। शिक्षा एक माध्यम है जो जीवन को एक नई विचारधारा प्रदान करता है। यदि […]

भारतीय समाज: क्‍यों बंटा था अलग-अलग जातियों में;

भारत में जाति व्यवस्था अन्यायपूर्ण और अनुचित लगती है – लोगों को पेशे या जन्म के आधार पर क्यों बांटा जाए? मगर क्या हमेशा से ऐसा ही था? और जाति व्यवस्था को […]

आखिर हम पढ़ते-लिखते क्यों हैं?

बड़े पैमाने पर अनपढ़ रहे आजादी से पहले के समाज में भी यह समझ थी कि पढ़ाई का मक़सद सिर्फ पैसा कमाना नहीं है. आज की ज्यादातर पढ़ी-लिखी पीढ़ी के सामने नैतिकता […]

वो हार जिसे भारत-पाक ने अलग कर दिया ;

भारत और पाकिस्तान हमेशा से अलग मुल्क नहीं थे. वो एक थे. उनका इतिहास एक था. उनकी संस्कृति एक थी. उनकी विरासत एक थी.जब देश का बंटवारा हुआ, तो सिर्फ़ ज़मीनें नहीं […]

ब्रिटेन भारत से कितनी दौलत लूट कर ले गया?

बादशाह की सालगिरह है और मुग़ल रिवायत के मुताबिक़ उन्हें तौला जाना है. इस मौक़े पर ब्रिटिश राजदूत सर थॉमस रो भी दरबार में मौजूद हैं. समारोह पानी में घिरे एक चौकोर […]