October 2, 2022

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Basti News: किसान 31 जुलाई के पूर्व जमा करें बीमा प्रीमियम,अन्यथा लाभ से रह जाएंगे वंचित; निदेशक कृषि

किसान 31 जुलाई के पूर्व जमा करें बीमा प्रीमियम,अन्यथा लाभ से रह जाएंगे वंचित-संयुक्त निदेशक कृषि

बस्ती 12 जुलाई । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना वित्तीय वर्ष 2022-23 के खरीफ मौसम में ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित की जाती है, जिसमें प्राकृतिक आपदाओं, रोगो, कृमियों से क्षति की स्थिति में कृषको को बीमा का लाभ दिया जाता है।

उक्त जानकारी संयुक्त निदेशक कृषि अविनाश चन्द्र तिवारी ने दिया है। उन्होने कृषक भाइयों से अपील किया है कि खरीफ फसल के लिए बीमा प्रीमियम की निर्धारित धनराषि 31 जुलाई के पूर्व जमा कर दें, जिससे बीमा योजना का लाभ मिल सकें।

उन्होने बताया कि प्रतिकूल मौसमी स्थिति के कारण फसल की बुआई न कर पाने/असफल बुआई की स्थिति, खड़ी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं यथा-सूखा अथवा शुष्क स्थिति, बाढ़, ओला, जलभराव , चक्रवात, आकाषीय बिजली से उत्पन्न आग एवं रोके न जा सकने वाले अन्य जोखिमों-रोगों, कृमियों से क्षति की दषा की स्थिति में बीमित फसल की क्षतिपूर्ति की जाती है।

उन्होने बताया कि फसल के प्रारम्भिक अवस्था से फसल कटाई के 15 दिन पूर्व तक प्रतिकूल मौसमीय स्थिति के कारण फसल की संभावित उपज में 50 प्रतिषत से अधिक की क्षति की स्थिति तथा फसल कटाई के उपरान्त आगामी 14 दिनों तक खेत में सुखाई हेतु रखी फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात, बेमौसम वर्षा से क्षति की स्थिति में बीमित फसल की क्षतिपूर्ति की जाती है।

उन्होने बताया कि कृषक भाइयों द्वारा खरीफ फसल-धान, ज्वार, उर्द, मूँग, मूगफली, सोयाबीन फसलों के लिए बीमित धनराषि 2 प्रतिशत तथा रबी में गेंहू, जौ, चना, मटर, लाही/सरसो, अलसी एवं आलू की कुल बीमित धनराषि 1.5 प्रतिशत की दर से एवं नगदी फसल हेतु 5 प्रतिशत की अधिकतम दर से निर्धारित है। फसली ऋण बीमा कराने की अन्तिम तिथि खरीफ मौसम में 31 जुलाई तथा रबी में 31 दिसम्बर तक योजना ऋणी एवं गैर ऋणी के लिए स्वैच्छिक आधार लागू की गयी है। योजना में प्रतिभाग न लेने के लिए ऋणी कृषक को अंतिम तिथि के 07 दिन पूर्व लिखित रूप में सूचित करना होगा।

 

इस योजना के तहत देश के किसानों को किसी भी प्राकृतिक आपदा के कारण फसल में बर्बादी होने पर किसानों को उनकी फसल के पैसे दिए जाते हैं। अगर आप इस योजना के तहत आवेदन करना चाहते हैं तो पीएम फसल बीमा योजना की वेबसाइट पर जाना होगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) की शुरुआत 2016-17 में हुई थी। इसका मकसद किसानों तक योजना का लाभ उचित तरीके से समय पर पहुंचाना है। इसके तहत खाने की फसलें (जैसे दालें, अनाज आदि), तिलहन फसलें, गन्ना, कपास और आलू आदि फसलें कवर होती हैं।

 

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत अपनी फसल को सुरक्षित करने के लिए किसान ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से फॉर्म ले सकते हैं। अगर आप फॉर्म ऑफलाइन लेना चाहते हैं तो अपने नजदीकी बैंक की ब्रांच में जाकर PM फसल बीमा योजना का फॉर्म भर सकते हैं। ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए आप PMFBY की वेबसाइट (pmfby.gov.in) से मदद ले सकते हैं।

 

इस योजना के तहत किसानों को खरीफ फसल का 2.5-3.5 फीसदी और रबी फसल का 1.5-2 फीसदी भुगतान बीमा कंपनी को करना होता है, जिस पर उन्हें बीमा दिया जाता है। हालांकि, अगर आप कमर्शियल खेती करते हैं तो आपके लिए बीमा का प्रीमियम अलग होगा। खेत में फसल की बुआई के 10 दिनों के अंदर आपको PMFBY का फॉर्म भरना जरूरी है। फसल काटने से लेकर तैयार करने के 14 दिनों के बीच अगर आपकी फसल को प्राकृतिक आपदा के कारण नुकसान होता है, तब भी आप PM फसल बीमा योजना का लाभ उठा सकते हैं।

 

अगर आप भी PMFBY का लाभ उठाना चाहते हैं तो इसके लिए किसान की एक फोटो, आईडी कार्ड (आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड), पते का प्रमाण पत्र, खेत का खसरा नंबर आदि चाहिए। इसके साथ ही किसान को सरपंच या पटवारी से खेत में बुआई होने से संबंधित एक पत्र भी लगाना होता है। अगर किसान अपने खेत में खेती नहीं कर रहा है तो उसे खेत मालिक के साथ हुए करार की कॉपी की फोटोकॉपी देनी होती है। इस पेपर में खेत का खाता/ खसरा नंबर साफ तौर पर लिखा होना चाहिए। फसल को नुकसान होने की स्थिति में आपके बैंक खाते में रकम पाने के लिए एक रद्द चेक लगाना जरूरी है।

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