September 24, 2022

Such Ke Sath

सच के साथ

Basti News: सर्पदंश से हुई मौत पर परिवार वालों को मिलेगी 4 लाख की अहेतुक सहायता

सर्पदंश से होने वाली मौतों रोकने के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों पर हों सभी इंतेजाम-जिलाधिकारी

-सर्पदंश से हुई मौत पर परिवार वालों को मिलेगी 4 लाख की अहेतुक सहायता

-बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाओं के बढ़ने की आशंका के लिए सतर्कता जरूरी

बस्ती 06 जुलाई। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया है कि बारिश के मौसम में जहरीले सांप-बिच्छुओं की चपेट में आकर हर साल अनेक पीड़ितों की मृत्यु हो जाती हैं। ऐसे में लोगों को बचाने और मृत लोगों के परिजनों को सहायता मुहैया करायी जायेंगी। उन्होने बताया कि बारिश के मौसम में हर साल दूरदराज और जंगली इलाकों में सर्पदंश के मामलों में बढ़ोत्तरी हो जाती है। कई बार लोगों को समय से उचित उपचार नहीं मिल पाता, जिससे असमय ही लोगों की मौत तक हो जाती है। इसी के मद्देजनर जिलाधिकारी ने पूरे जनपद में सर्पदंश से होने वाली मौतों को गंभीरता से लेते हुए समय रहते उसके बंदोबस्त करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि यदि किसी की मृत्यु सर्पदंश से होती है तो उसे 4 लाख की अहेतुक सहायता दी जायेगी।

जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर सभी सीएचसी स्तर पर एंटी स्नैक वेनम की उपलब्धता बनाए रखने को कहा है। साथ ही सर्पदंश से प्रभावित होने वालों को समय से अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की भी व्यवस्था कराने को निर्देशित किया है। साथ ही चिकित्सा अधिकारियों को इस स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक प्रशिक्षित किया जाए व मुख्य चिकित्सा अधिकारी अपने स्तर से इसकी समीक्षा करते रहें।

सात दिन में मिले पीड़ित परिवारों को अहेतुक सहायता
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को सर्पदंश से होने वाली मृत्यु के मामलों में पीड़ित परिवारों को सात दिन के अंदर अहेतुक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अपने आदेश में उन्होंने कहा है कि मृतक का पंचनामा कराकर पोस्टमार्टम कराया जाए। प्रत्येक दशा में सर्पदंश से होने वाली मौतों के बाद प्रभावित परिवारों को सात दिन के अंदर अहेतुक सहायता उपलब्ध कराई जाए। पीड़ित सहायता के लिए अपने क्षेत्र के लेखपाल, उपजिलाधिकारी या जिलाधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते है। उन्होंने यह भी कहा कि झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद न करें बल्कि प्रभावित व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल लेकर जाएं।

 

सांप के काटने पर क्या करें
– सांप को अच्छी तरह से देखने और पहचानने की कोशिश करें ताकि सांप का हुलिया बताने से चिकित्सक को इलाज करने में आसानी हो।
– सांप के काटने के बाद प्रभावित व्यक्ति को सीधा लिटा दें।
– पीड़ित व्यक्ति के शरीर पर से सारी चीजें जैसे घड़ी, कंगन, अंगूठी, पायल, चेन व जूते चप्पल आदि सभी चीजें उतार लें।
– पीड़ित को बेहोश नहीं होने दें। अगर वह बेहोशी की हालत में हो भी तो उसकी सांसों पर ध्यान रखें और गर्माहट प्रदान करने का पूरा प्रयास करें।
– यदि हाथ में सांप ने काटा है तो उसे नीचे की ओर लटकाकर रखें ताकि जहर दिल तक पहुंचने में वक्त लग सके। यदि पैर में काटा है तो पलंग पर इस तरह लिटा दें ताकि मरीज के पैर नीचे लटके रहें।
– तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र पर सपर्क करे।

सांप के काटने पर क्या न करें
– मरीज को शांत रखने की कोशिश करें, मरीज जितना उत्तेजित रहेगा, उसका रक्तचाप भी उसी गति से बढ़ेगा।
– काटे हुए स्थान पर मसाज न करें और न ही मुंह लगाकर जहर निकालने का प्रयास करें।
– प्रभावित व्यक्ति को किसी किस्म का कोई भी अल्कोहल वाला पदार्थ न दें।
– झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद न करें, प्रभावित को अस्पताल लेकर जाएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

You may have missed

Copyright © All rights Reserved with Suchkesath. | Newsphere by AF themes.