Category: अखण्ड भारत

गणेश शंकर विद्यार्थी का हिंदू राष्ट्र को खारिज करना किसी दूसरे धर्म का तुष्टिकरण नहीं था

गणेश शंकर विद्यार्थी का मानना था कि अच्छे आचरण वाले नास्तिकों का दर्जा धर्म के नाम पर दूसरे की आजादी रौंदने और उत्पात मचाने वालों से ऊंचा है। ‘मैं हिन्दू-मुसलमान झगड़े की […]

भारत ने सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का सफलतापूर्वक परीक्षण किया, अरब सागर में लक्ष्य को ध्वस्त किया

नई दिल्ली |भारत ने रविवार को भारतीय नेवी के स्वदेशी स्टील्थ डिस्ट्रॉयर INS चेन्नई से सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। डिफेंस रिसर्च एंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने एक बयान […]

BiharAssembly Elections2020: क्या ‘लेनिनग्राद’ में लेफ्ट की होगी वापसी?

बिहार चुनाव: क्या ‘लेनिनग्राद’ में लेफ्ट की होगी वापसी? “ये बात सही है कि हमारी ताकत के मुताबिक हमें उतनी सीटें नहीं मिली हैं लेकिन ये समय की मांग है। हम चाहते […]

दिन विशेष:देश के मौजूदा हालात और जेपी-लोहिया की याद

देश के मौजूदा हालात और जेपी-लोहिया की याद आज (11 अक्टूबर को) जेपी का जन्मदिन है और कल (12 अक्टूबर को) लोहिया का निर्वाण दिवस। सवाल है कि आज के वक्त में […]

नव-उदारवाद में जितनी तेजी से विकास के आंकड़े बढ़े उतनी ही तेजी से गरीबी भी बढ़ी

नव-उदारवाद में जितनी तेजी से विकास के आंकड़े बढ़े उतनी ही तेजी से गरीबी भी बढ़ी 1992-93 से 2011-12 के दौरान ग्रामीण आबादी का अनुपात जो प्रति व्यक्ति प्रति दिन 2,200 कैलोरी […]

Hathras: 132 साल पहले…जब हाथरस में स्वामी विवेकानंद को मिला था अपना पहला शिष्य

स्वामी विवेकानंद की मुलाकात 132 साल पहले 1888 में वृंदावन से हरिद्वार जाते समय हाथरस स्टेशन पर स्टेशन मास्टर शरत चंद्र गुप्ता से हुई, जिन्होंने हाल ही में नौकरी जॉइन की थी। […]

Amnesty India: मानवाधिकार की आड़ में भारत सरकार के विरुद्ध क्या है प्लान?

एमनेस्टी इंडिया (Amnesty India) नामक विदेशी संस्था ने भारत में अपना काम रोक दिया है और भारत सरकार (Government Of India) पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सवाल ये है कि इन बेबुनियाद […]

भगत सिंह : “एक ना एक शम्मा अंधेरे में जलाये रखिये, सुब्ह होने को है माहौल बनाये रखिये”

भगत सिंह : “एक ना एक शम्मा अंधेरे में जलाये रखिये, सुब्ह होने को है माहौल बनाये रखिये” अंधेरा गहरा है, लेकिन भगत सिंह को जब याद करते हैं तो उनके पसंदीदा […]

भूदान, ग्रामदान, उद्योगदान, जीवनदान और विचारदान वाले विनोबा भावे का यह दान आखिर गया कहां!

इन अभियानों में अगर विनोबा लाखों लोगों को प्रेरित कर पाए तो सिर्फ इसलिए कि गांधीजी के जाने के बाद भारतीय समाज के सभी तबकों का उनपर सहज और सबसे ज्यादा भरोसा […]

तमाम दावों के बावजूद दुनिया में हमारी हिंदी कहां है?

चीन में चीनी भाषा न जानने पर विदेशियों को नीचा देखना पड़ता है. भारत में हिंदी जानने पर उन्हें नीचा देखना पड़ सकता है. सच के साथ |भाषाई आधार पर हम दुनिया […]