Category: अच्छी सोच

गांधी ने किया था भारतीय रेल का सबसे अधिक राजनीतिक इस्तेमाल

बंबई में 1853 का एक दिन. उस दिन वहाँ सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया था. दोपहर तीन बजकर पैंतीस मिनट पर 21 तोपों की सलामी के साथ बोरीबंदर से ठाणे के […]

बस्ती: ₹33 करोड़ से होगा बन्धों का मरम्मत कार्य ; जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन

बस्ती: ₹33 करोड़ से होगा बन्धों का मरम्मत कार्य ; जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन   बस्ती| लगभग 33 करोड़ रूपये की लागत से जिले में बन्धों पर स्पर, स्टड, डैम्पनर, कटर एवं पिचिंग […]

वंदे भारत, तेजस और मेक इन इंडिया का बंटाधार

सरकारी अफसरशाही और उसके चारों और मँडराते दलाल समूहों के हित हमेशा से विदेशों से महँगे आयात से जुड़े रहे हैं क्योंकि इस प्रक्रिया में उनके लिए कमाई का बड़ा मौका होता […]

Lohri 2020: क्यों मनाई जाती है लोहड़ी? क्या है दुल्ला-भट्टी की कहानी

Lohri 2020: लोहड़ी पर पंजाब में नई फसल की पूजा करने की परंपरा है. इस दिन चौराहों पर लोहड़ी जलाई जाती है. इस दिन पुरुष आग के पास भांगड़ा करते हैं, वहीं […]

राजनीतिक विचारधारा का लेफ्ट और राइट में बंटवारा कैसे हुआ?

सवाल जो या तो आपको पता नहीं, या आप पूछने से झिझकते हैं, या जिन्हें आप पूछने लायक ही नहीं समझते।   सच के साथ|कुछ साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद […]

National Youth Day 2020: 12 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय युवा दिवस, जानें इसका महत्त्व व इतिहास

National Youth Day 2020: राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्कूल और कॉलेज में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कराया जाता है। इस दिन युवाओं को स्वामी विवेकानंद जी के विचारों और आदर्शों के बारे […]

विश्व पुस्तक मेले पर गहरा होता भगवा रंग !

पुस्तक मेले के नाम पर कथित साधु-संतों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है। धार्मिक व अंधविश्वासी पुस्तकों का बोलबाला बढ़ रहा है। विश्लेषणात्मक सोच व दूसरों के विचारों के प्रति सम्मान की […]

बस्ती:सम्मान से बढता है अच्छा कार्य करने का हौसला- एसपी हेमराज मीणा

सम्मान से बढता है अच्छा कार्य करने का हौसला- एसपी हेमराज मीणा बस्ती| शुक्रवार को सामाजिक संस्था चित्रांश क्लब द्वारा शिव हर्ष किसान पी.जी. कालेज के निकट स्थित एक मैरेज हाल में […]

जानिए, देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्‍त्री के जीवन के कुछ अनछुए पहलू, जब मौत बनी पहेली

भारत-पाकिस्‍तान के बीच ताशकंद समझौते (The Tashkent Declaration) की बात होते ही बरबस हमारे आंखों के समक्ष देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्‍त्री जी की यादें प्रखर हो जाती हैं। 1965 […]

पुण्यतिथि:लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान, जय किसान ही नहीं, “राष्ट्र देवो भवः” का भी मंत्र दिया था

  वाराणसी| देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जिक्र आते ही सबसे पहले जय जवान, जय किसान का नारा याद आता है। शास्त्री जी ने इस नारे के अलावा”राष्ट्र देवो भवः” […]