Category: अच्छी सोच

इंसान की सोच- नयापन

अब इसे मानव का स्वभाव कहें, चाहत या फितरत, वह हर वक्त कुछ नये की तलाश में रहता है। हर किसी चीज में परिवर्तन चाहता है। मगर एक नजर मानव की सोच […]

महाभोज : एक खतरनाक सम्मोहन भरी……

स्वतंत्रता के पश्चात राजनीति को आधार बनाकर लिखे गये उपन्यासों में मैला आंचल, रागदरबारी और महाभोज सर्वाधिक उल्लेखनीय हैं। मन्नू भण्डारी का महाभोज, प्रेमचन्द का ‘गोदान’ और फणीश्वरनाथ रेणु का ‘मैला आंचल’ […]

सुख और दुःख एक ही सिक्के के दो पहलू हैं;

दुनिया का हर इंसान सुख चाहता है। दुःख कोई नहीं चाहता। वह दुःख से डरता हैं इसलिए दुःख से छुटकारा पाने के लिए तरह-तरह के प्रयत्न करता है। मतलब दुःख को खत्म […]

सुख चाहिए किन्तु दुःख से डरिये मत;

  जीवन में दुःख, शोक और संघर्ष का आना स्वाभाविक है। इससे कोई भी जीवधारी नहीं बच सकता। सुख, दुःख मानव-जीवन के दो समान पहलू हैं। सुख के बाद दुःख और दुःख […]

जिंदा है तो दिखाईये…

  येषां न विद्या न तपो न दानं ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्म:। ते मर्त्यलोके भुविभारभूता मनुष्यरूपेण मृगाश्चरन्ति।। जिन मनुष्यों में न विद्या का निवास है, न मेहनत का भाव, […]

जिंदा रहने के लिए तेरी कसम इक मुलाकात ज़रूरी है सनम…तो??

जिंदा रहने के लिए तेरी कसम एक मुलाकात जरूरी है सनम ,   लेकिन मुलाकात करने से पेट नहीं भर जाएगा न, इंसान को जिंदा रहने के लिए तीन प्रमुख चीजें चाहिए […]

विचारों का महत्व

हम सभी लोग यह सोचते है की हमारे जीवन में दुःख क्यों आते है, अगर हमे दुःख नहीं मिलेगा तो हम सुख की चाह ही क्यों करेंगे, यह हमे अनुभव दिलाता है […]

मछली जल की रानी है, कविता किसने और क्यों लिखी?

  सभी टीवी न्यूज चैनलों पर एक साथ एक्सक्लूजिव न्यूज आ रही है। चैनल ‘ए’ पर है न्यूज रीडर मितुल और संवाददाता ऋषि। चैनल ‘बी’ पर न्यूज रीडर अमित और रिपोर्टर श्रेया। […]

धरती पर जानवरों का भी अधिकार है!

इंसान अपने फायदे के लिए क्या कुछ नहीं करता, घने जंगल को काटकर खेत बनाया, जानवरों के चरागाह को जोतकर खेत बनाया, कहीं कोई खाली जमीन नहीं रही सभी जगहों पर खेती […]

परम्परा

एक बार कुछ वैज्ञानिकों ने एक बड़ा ही मजेदार प्रयोग किया.. उन्होंने 5 बंदरों को एक बड़े से पिंजरे में बंद कर दिया और बीचों -बीच एक सीढ़ी लगा दी जिसके ऊपर […]