Category: इतिहास

हिंदी पत्रकारिता के पितामह गणेश शंकर विद्यार्थी की वैचारिक-राजनीतिक दृष्टि को समझना हम सभी के लिए जरूरी

आज 26 अक्टूबर हिंदी ज्ञानोदय के प्रतीक और हिंदी पत्रकारिता के पितामह गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती है. जिनका जन्म 26 अक्टूबर 1890 को इलाहाबाद के अतरसुइया मोहल्ले में हुआ था. उनके […]

गणेश शंकर विद्यार्थी का हिंदू राष्ट्र को खारिज करना किसी दूसरे धर्म का तुष्टिकरण नहीं था

गणेश शंकर विद्यार्थी का मानना था कि अच्छे आचरण वाले नास्तिकों का दर्जा धर्म के नाम पर दूसरे की आजादी रौंदने और उत्पात मचाने वालों से ऊंचा है। ‘मैं हिन्दू-मुसलमान झगड़े की […]

अयोध्या और मथुरा मामले में अविश्वसनीय समानतायें, जानिए

अयोध्या और मथुरा मामले में अविश्वसनीय समानतायें अयोध्या मामले में 2019 के सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद से बाबरी मस्जिद के स्थान पर राम मंदिर बनाने को लेकर संघ परिवार के […]

सच के साथ:कैसे फांसीवाद ने पूंजीवाद के साथ आकर सरकार को दोबारा परिभाषित किया है?

कैसे फांसीवाद सीवाद ने पूंजीवाद के साथ आकर सरकार को दोबारा परिभाषित किया है? 20 वीं सदी ने फासीवाद के उभार और पतन के कुछ बड़े उदाहरण देखे थे। आज एक बार […]

BiharAssembly Elections2020: क्या ‘लेनिनग्राद’ में लेफ्ट की होगी वापसी?

बिहार चुनाव: क्या ‘लेनिनग्राद’ में लेफ्ट की होगी वापसी? “ये बात सही है कि हमारी ताकत के मुताबिक हमें उतनी सीटें नहीं मिली हैं लेकिन ये समय की मांग है। हम चाहते […]

14 अक्टूबर आंबेडकर का धर्म परिवर्तनः मुक्ति का आख़िरी प्रयास

आंबेडकर का धर्म परिवर्तनः मुक्ति का आख़िरी प्रयास आज सवाल यह है कि डॉ. आंबेडकर ने दलित समाज को अन्याय और अत्याचार से मुक्ति के लिए जो आख़िरी रास्ता दिखाया था वह […]

दिन विशेष:देश के मौजूदा हालात और जेपी-लोहिया की याद

देश के मौजूदा हालात और जेपी-लोहिया की याद आज (11 अक्टूबर को) जेपी का जन्मदिन है और कल (12 अक्टूबर को) लोहिया का निर्वाण दिवस। सवाल है कि आज के वक्त में […]

नव-उदारवाद में जितनी तेजी से विकास के आंकड़े बढ़े उतनी ही तेजी से गरीबी भी बढ़ी

नव-उदारवाद में जितनी तेजी से विकास के आंकड़े बढ़े उतनी ही तेजी से गरीबी भी बढ़ी 1992-93 से 2011-12 के दौरान ग्रामीण आबादी का अनुपात जो प्रति व्यक्ति प्रति दिन 2,200 कैलोरी […]

ब्लैक होल एक ऐसा कुआं है जहां प्रकृति के सारे नियम अपना दम तोड़ देते हैं!

ब्लैक होल एक ऐसा कुआं है जहां प्रकृति के सारे नियम अपना दम तोड़ देते हैं! तीन वैज्ञानिकों को ब्लैक होल को समझने के लिए किए गए उनके उल्लेखनीय कार्य पर साल […]

पश्चिमी यूपी में कभी इस बाबा के हुक्के की गुडगुडाहट चुनाव की दिशा तय करती थी!

अशोक कुमार वर्मा सच के साथ|ठेठ गंवई अंदाज में बाबा जब सड़क पर अपने किसान साथियो के साथ हुक्का लेकर बेठते  तो राजनितिक गलियारों में माथे की सलवटे बढ़ने लगती ! बाबा […]