Category: प्रदूषण

हवा के हजार दुश्मन

देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण में एकाएक खतरनाक स्तर तक बढ़ोतरी से हर कोई चिंतित है। एक सर्वे में सामने आया है कि दिल्ली के करीब चालीस फीसद […]

दिल्ली की हवा में जहर के बाद अब पानी भी सबसे खराब, मंत्री ने खुद किया खुलासा

नई दिल्ली:बीआईएस (BIS) यानी भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards) ने पीने के पानी को लेकर बड़ा खुलासा किया है. BIS ने दिल्ली (Delhi) सहित 20 राज्यों के कई शहरों के […]

शीतकालीन सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में विपक्ष की मांग- बेरोजगारी, मंदी और प्रदूषण पर हो चर्चा

नई दिल्ली:  दिल्ली में संसद (Parliament) के शीतकालीन सत्र (Winter Session) से पूर्व सर्वदलीय बैठक (All Party Meeting) का आयोजन किया गया. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) भी पहुंचे. […]

20 दिनों से ठप है गुरुग्राम इंडस्ट्रियल एरिया, करोड़ों का हो चुका नुकसान

गुरुग्राम: दिल्ली एनसीआर में पर्यावरण की गंभीर स्थिति के बाद केंद्र सरकार ने एनसीआर में जहां निर्माण कार्यों पर रोक लगा रखी है। वहीं फैक्ट्रियों में लगे सभी बॉयलर और जनरेटर भी बंद […]

Delhi Air Pollution: प्रदूषण खतरनाक स्तर पर- अगले दो दिनों तक बंद रहेंगे दिल्ली-NCR के सभी स्कूल

नई दिल्ली: प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए दिल्ली-NCR के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को दो दिनों तक (14-15 नवंबर) बंद रखने का फैसला किया गया है. दिल्ली में प्रदूषण […]

बस्ती: कप्तानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बैदोलिया में बिना रीपर के धान की कटाई कर रही कंबाइन मशीन को पुलिस ने पकड़कर किया सीज

बस्ती:  कप्तानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बैदोलिया में बिना रीपर के धान की कटाई कर रही कंबाइन मशीन को पुलिस ने पकड़कर सीज कर दिया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई हुई है। […]

सतत विकास के लिये हरित ऊर्जा ही एकमात्र विकल्प (Green Energy is the only option for sustainable development)

पिछले कुछ दशकों से भूमण्डलीय तापन और जलवायु परिवर्तन जैसे पर्यावरणीय मुद्दों के खुलकर सामने आने के बाद से पूरी दुनिया के लोगों की पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुकता बढ़ी है। हाल […]

पर्यावरण और सतत विकास पर महात्मा गांधी

गांधीजी ने कहा था कि आधुनिक शहरी औद्योगिक सभ्यता में ही उसके विनाश के बीज निहित हैं.   1987 में ब्रुंडलैंड कमीशन रिपोर्ट के सामान्य भविष्य के विचार से बहुत पहले ही […]

महात्मा गाँधी और पर्यावरण

महात्मा गांधी जी ने भारतीय संस्कृति के प्राचीन वैदिक संस्कृत साहित्य, दर्शन, विचारों एवं सिद्धान्तों को चिन्तन, मनन एवं मंथन के उपरान्त सत्य और सामयिक परिस्थितियों की कसौटी पर परख कर भारतीय […]

विकास से विनाश क्यों (Development Vs Destruction)

आज आदमी विकास की चरम अवस्था पार कर चुका है। अगर हम अभी नहीं चेते तो इस विकास की कीमत सृष्टि के विनाश से चुकानी होगी। धरती का पर्यावरण नष्ट हो जाएगा। […]