Category: प्रदूषण

विकास से विनाश क्यों (Development Vs Destruction)

आज आदमी विकास की चरम अवस्था पार कर चुका है। अगर हम अभी नहीं चेते तो इस विकास की कीमत सृष्टि के विनाश से चुकानी होगी। धरती का पर्यावरण नष्ट हो जाएगा। […]

ग्लोबल वॉर्मिंग से विश्व ‘पर्यावरण आपातकाल’ के मुहाने पर

ग्लोबल वॉर्मिंग का प्रकोप इस कदर बढ़ गया है कि उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। दुनिया आज ‘पर्यावरण आपातकाल’ के मुहाने पर आ खड़ी हुई है। ‘बायो साइंस’ जर्नल […]

नई तकनीकों से हल हो सकती है पराली की समस्या

धान की फसल तैयार होने के साथ ही खेतों में पराली जलाने के कारण होने वाले प्रदूषण की चिंता भी बढ़ने लगी है। वैज्ञानिकों ने आगाह किया है किया है कि समय […]

पराली जलाने की समस्या, किसानों के ‘अर्थशास्त्र’ पर ध्यान देना होगा

पराली जलाने की समस्या, किसानों के ‘अर्थशास्त्र’ पर ध्यान देना होगा:   अक्तूबर के महीने में पंजाब, हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में धान की कुछ शुरूआती किस्मों की कटाई […]

राजनीतिः शहरों का घुटता दम

आज से साढ़े तीन-चार दशक पहले तक स्थिति इतनी भयावह नहीं थी। तब सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों की संख्या काफी कम थी। हवा में मौजूद जहर को सोखने के लिए हमारे […]

Pollution:3.20 बजे गोरखपुर आने वाला एयर इंडिया का विमान भी 30 मिनट की देरी से पहुंचा

गोरखपुर:दिल्ली में छाए स्मॉग का असर सड़क के साथ ही अब विमानों पर भी पड़ने लगा है। सोमवार को स्मॉग के कारण दिल्ली व बंगलुरू से आने वाले इंडिगो, स्पाइस जेट और […]

बस्ती: कारखाने का गंदा पानी आने से जहरीला हुआ कुआनो का पानी,मर गई मछलियां

बस्ती: कुआनो नदी का पानी काला हो गया, जिससे बड़ी तादात में मछलियों सहित अन्य जलीय जंतुओं की मौत हो गई। वहीं शहर से सटे मूड़घाट और अमहट घाट पर नदी के पानी […]

बस्ती: कुवानों नदी में जहरीला पानी छोड़ने से जीव-जंतु समेत हजारों कुंटल मछलियों की मौत

बस्ती: बलरामपुर सुगर मिल की यूनिट बभनान स्थित शुगर फैक्ट्री के इकाई से कुवानों नदी में जहरीला पानी छोड़ने की वजह पशु-पक्षियों और भारी संख्या में मछलियों के मरने का सिलसिला लगातार जारी है […]

क्यों दीपावली पर जलाने चाहिए मिट्टी के दीपक? महत्त्व व फायदे

उम्मीद करता हूँ आपकी तैयारियां भी जोरों पर होंगी। आप भी अपने घर की साफ़-सफाई में जुटे होंगे और उसकी साज-सज्जा के लिए भी खरीदारी कर रहे होंगे. दीपावली दीपों का त्यौहार […]

विकास का दौर बदलते गांव, वो पुराने दिन

जब भी गांव की बात चलती है, तो एक सुकून भरे, शांत, सहज, सादगीपूर्ण वातावरण का आभास मन में उभर जाता है। हरे-भरे खेत, हल जोतते किसान, मवेशियों के गले में टुनकती […]