Category: भारतीय वीर सैनिक

एक झटके में बिखर गए भारत-चीन रिश्ते

सच के साथ|सोमवार की रात भारत और चीन के फौजियों में टकराव भले ही वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास सिर्फ एक बिंदु पर हुआ हो, लेकिन इसके जो नतीजे सामने आ रहे […]

Colonel Santosh Babu चीन से जो बातें करने गए थे, वो तो हमारे नेताओं को करनी चाहिए!

Colonel Santosh Babu चीन से जो बातें करने गए थे, वो तो हमारे नेताओं को करनी चाहिए! लदाख स्थित गलवान घाटी (Galwan Valley, Ladakh) में कर्नल रैंक ऑफिसर संतोष बाबू (Colonel Santosh […]

India China Tension: भारत में आक्रोश के साथ ही अब विदेशों में भी चीनी दूतावासों के पास हो रहे प्रदर्शन

India-China Border Tension, पूर्वी लद्दाख की गलवन घाटी (Galwan Valley) में चीन की सेना के साथ खूनी झड़प के बाद से तीनों सेनाएं अलर्ट पर हैं। सेना के सूत्रों से मिली जानकारी […]

कोरोना और मानसिक स्वास्थ्य : युद्ध के भीतर जारी एक और युद्ध

कोरोना और मानसिक स्वास्थ्य : युद्ध के भीतर जारी एक और युद्ध   मंदी जनित अवसाद कोई कपोल-कल्पना नहीं बल्कि कड़वी हक़ीक़त है। अतीत के अनुभव और सर्वेक्षण इस बात को साबित […]

यूपी के शहीद जवानों के परिजनों को मिलेंगे अब 50 लाख रुपये, योगी कैबिनेट का फैसला

लखनऊ|भारतीय सेना, केंद्रीय अर्धसैनिक बल और प्रदेश के अर्धसैनिक बलों में तैनात जवान अगर यूपी का है तो उसकी शहादत पर शहीद के परिजनों को प्रदेश सरकार अब 50 लाख रुपये की […]

भारत ने साफ कहा- अपनी हरकतों से नेपाल ने बनाए मुश्किल हालात, अब सुधार की जिम्मेदारी भी उसी मुल्क की, रोटी बेटी का रिश्ता है भारत और नेपाल का

नई दिल्ली |भारत ने नेपाल पर अपना रुख कड़ा कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक भारत ने साफ कर दिया है कि नेपाल की हरकतों ने मुश्किल स्थिति पैदा कर दी है […]

बिरसा मुंडा : जिनके उलगुलान और बलिदान ने उन्हें ‘भगवान’ बना दिया

बिरसा मुंडा : जिनके उलगुलान और बलिदान ने उन्हें ‘भगवान’ बना दिया हालात आज भी वैसे ही हैं जैसे बिरसा मुंडा के वक्त थे. आदिवासी खदेड़े जा रहे हैं, दिकू अब भी […]

शहीद दिवस: भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के जीवन से सीखें ये पांच बड़ी बातें

23 मार्च का दिन शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। साल 1931 को आज ही के दिन भारत में ब्रिटिश हुकूमत को उखाड़ फेंकन में अपना अहम किरदार निभाने वाले […]

बलिदान दिवस: इंसान को मारा जा सकता है विचारों को नहीं

जाने कितने झूले थे फाँसी पर,कितनो ने गोली खाई थी…. क्यो झूठ बोलते हो साहब, कि चरखे से आजादी आई थी….।। उन अमर क्रांतिकारियों के बारे में आम मनुष्य की वैचारिक टिप्पणी […]