Category: विज्ञान

सतत विकास के लिये हरित ऊर्जा ही एकमात्र विकल्प (Green Energy is the only option for sustainable development)

पिछले कुछ दशकों से भूमण्डलीय तापन और जलवायु परिवर्तन जैसे पर्यावरणीय मुद्दों के खुलकर सामने आने के बाद से पूरी दुनिया के लोगों की पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुकता बढ़ी है। हाल […]

Cyclone Bulbul बंगाल से टकराया, अब तक दो की मौत; 18 लाख से अधिक लोग सुरक्षित निकाले गए

बांग्लादेश में रविवार तड़के शक्तिशाली चक्रवात ‘बुलबुल के आने के कारण लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं दूसरी ओर, अब यह तूफान धीरे-धीरे पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ […]

अयोध्या फैसला: गुरु नानक देव की अयोध्या यात्रा सुबूत है कि विवादित स्थल ही राम जन्मस्थान, SC के फैसले में जिक्र

अयोध्या विवाद में फैसले तक पहुंचने के लिए संविधान पीठ ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की रिपोर्ट को अहम आधार बनाया। पीठ ने कहा कि एएसआई के साक्ष्यों को महज राय बताना […]

पर्यावरण और सतत विकास पर महात्मा गांधी

गांधीजी ने कहा था कि आधुनिक शहरी औद्योगिक सभ्यता में ही उसके विनाश के बीज निहित हैं.   1987 में ब्रुंडलैंड कमीशन रिपोर्ट के सामान्य भविष्य के विचार से बहुत पहले ही […]

महात्मा गाँधी और पर्यावरण

महात्मा गांधी जी ने भारतीय संस्कृति के प्राचीन वैदिक संस्कृत साहित्य, दर्शन, विचारों एवं सिद्धान्तों को चिन्तन, मनन एवं मंथन के उपरान्त सत्य और सामयिक परिस्थितियों की कसौटी पर परख कर भारतीय […]

विकास से विनाश क्यों (Development Vs Destruction)

आज आदमी विकास की चरम अवस्था पार कर चुका है। अगर हम अभी नहीं चेते तो इस विकास की कीमत सृष्टि के विनाश से चुकानी होगी। धरती का पर्यावरण नष्ट हो जाएगा। […]

ग्लोबल वॉर्मिंग से विश्व ‘पर्यावरण आपातकाल’ के मुहाने पर

ग्लोबल वॉर्मिंग का प्रकोप इस कदर बढ़ गया है कि उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। दुनिया आज ‘पर्यावरण आपातकाल’ के मुहाने पर आ खड़ी हुई है। ‘बायो साइंस’ जर्नल […]

नई तकनीकों से हल हो सकती है पराली की समस्या

धान की फसल तैयार होने के साथ ही खेतों में पराली जलाने के कारण होने वाले प्रदूषण की चिंता भी बढ़ने लगी है। वैज्ञानिकों ने आगाह किया है किया है कि समय […]

राजनीतिः शहरों का घुटता दम

आज से साढ़े तीन-चार दशक पहले तक स्थिति इतनी भयावह नहीं थी। तब सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों की संख्या काफी कम थी। हवा में मौजूद जहर को सोखने के लिए हमारे […]

एशिया की वह पहली महिला, जो पीडब्ल्यूडी विभाग में बनीं चीफ इंजीनियर!

भारत में इंजीनियरिंग का क्षेत्र आज भी पुरुष-प्रधान है। उच्च शिक्षा पर एक अखिल भारतीय सर्वेक्षण के अनुसार, आर्ट्स और साइंस के बाद इंजीनियरिंग में सबसे ज़्यादा दाखिले होते हैं, जिनमें सिर्फ़ […]