Category: संपादकीय

रिपोर्ट : भारत में सौ में केवल 24 हैं कामकाजी महिलाएं

जेंडर गैप रिपोर्ट 2020 के तहत भारत में 82% पुरुषों की तुलना में केवल 24% महिलाएं ही कामकाजी हैं। केवल 14% महिलाएं नेतृत्वकारी भूमिकाओं में हैं और भारत का इस इंडेक्स में […]

सुल्तानों-बादशाहों को पूर्वज बताने से ‘अपमानित’ वल्दियत कैसे बदलेगी?

सुलतानों-बादशाहों को पूर्वज बताने से ‘अपमानित’ वल्दियत कैसे बदलेगी? दिल्ली में सात सौ साल की सुलतानों-बादशाहों की हुकूमत के दौरान नामालूम किस जलालत में उनके किस पुरखे ने, औरत ने अपना नाम […]

पड़ताल : देविंदर सिंह मुजरिम या मोहरा? किसका ‘गेम’ हुआ ख़राब!

कश्मीर में आतंकवादियों के साथ डीएसपी देविंदर सिंह के पकड़े जाने से कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। केवल देविंदर सिंह पर नहीं, बल्कि सरकारी एजेंसियों के रोल पर भी।   […]

वैश्विक लोकतंत्र सूचकांक में 10 पायदान लुढ़का भारत,चुनाव प्रक्रिया और बहुलतवाद मुख्य वजह

लोकतंत्र सूचकांक की वैश्विक रैंकिंग में 10 स्थान गिरकर अभी 51वें पायदान पर है। लोकतांत्रिक सूची में यह गिरावट देश में नागरिक स्वतंत्रता में कमी के कारण आई है। यह सूचकांक पांच […]

दिल्ली चुनाव2020 : क्या कोई नौकरी और वेतन के बारे में बात कर रहा है?

बेरोज़गारी लगातार बढ़ रही है, लेकिन इस पर कोई चर्चा नहीं हो रही कि आख़िर नौकरियां कैसे पैदा होंगी।   सच के साथ/दिल्ली को अक्सर सपनों का शहर कहा जाता है। लोग […]

LIC की Jeevan Anand सहित 23 पॉलिसियां 31 Jan को हो जाएंगी बंद, जानिए आपको होगा नफा या नुकसान

  नई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क| LIC यानी भारतीय जीवन बीमा निगम के लगभग दो दर्जन प्‍लान 31 जनवरी के बाद मिलने बंद हो जाएंगे। दरअसल, नवंबर के अंत में भारतीय बीमा नियामक एवं […]

जन्म दिन: क्यों सुभाष चंद्र बोस की मौत का दावा आधुनिक भारत के सबसे बड़े रहस्यों में से एक है

कहा जाता है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत 1945 में ताइवान में हुए विमान हादसे में हो गई थी. लेकिन इस बात पर संदेह करने के कारण मौजूद हैं.   […]

मोदी के भीतर से कौन बोलता है? जानिए…

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिंदगी की सफलता का राज आखिर क्या है? आखिर वो कौन सी चीज है जो उन्हें भारत की मौजूदा राजनीति में नेताओँ की भीड़ में सबसे अलग […]

26 जनवरी को ही क्यों लागू हुआ संविधान

हमारा भारत देश 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ था | स्वतंत्रता के लगभग 28 माह बाद अर्थात 26 जनवरी 1950 को भारत एक लोकतांत्रिक और गणतंत्र देश बना, क्योंकि इसी दिन […]

क्या दुनिया का कोई देश वैसा धर्मनिरपेक्ष है जैसा होने की उम्मीद कई लोग भारत से करते हैं..

भारत में ‘धर्म’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ का अर्थ वह नहीं है जो लैटिन से निकले अंग्रेज़ी शब्दों ‘रिलिजन’ और ‘सेक्युलर’ का है।     सच के साथ|26 जनवरी का दिन भारत में गणराज्य […]