Category: संपादकीय

संपादकीय:ज़मीन में धंस गई है भारतीय अर्थव्यवस्था

ज़मीन में धंस गई है भारतीय अर्थव्यवस्था सब कुछ ऐतिहासिक कहकर संबोधित करने वाले इस सरकार के दौर में 40 साल में पहली बार भारतीय अर्थव्यवस्था में इतनी बड़ी गिरावट देखने को […]

टिकटॉक पर प्रतिबंध और ट्रंप की जबरन उगाही की नीतियां

टिकटॉक पर प्रतिबंध और ट्रंप की जबरन उगाही की नीतियां एक तरफ़ चीन के बाज़ार को खोलने की मांग की जाती है, दूसरी तरफ़ बाइटडांस पर टिकटॉक को बेचने या अपना काम […]

मोदी जी के ‘मन की बात’ को लाखों की संख्या में लोग कर रहे हैं नापसंद,क्या है वजह?

मोदी जी के ‘मन की बात’ को लाखों की संख्या में लोग कर रहे हैं नापसंद,क्या है वजह? सोशल मीडिया के महारथी कहे जाने वाले मोदी जी के लिए और उनकी पार्टी […]

प्रणब मुखर्जी: जिन्होंने राष्ट्रपति और जनता के बीच की दूरी को कम करने के लिए ‘महामहिम’ संबोधन हटाया

प्रणब मुखर्जी: जिन्होंने राष्ट्रपति और जनता के बीच की दूरी को कम करने के लिए ‘महामहिम’ संबोधन हटाया प्रणब मुखर्जी को कई तरह से याद किया जा सकता है। उनकी लंबी राजनीतिक […]

क्या हम बिहार के इन 16 ग़रीबों की ख़ुदकुशी पर भी बात करेंगे?

क्या हम बिहार के इन 16 ग़रीबों की ख़ुदकुशी पर भी बात करेंगे?   लॉकडाउन की अवधि में गरीबी, बेरोज़गारी, आर्थिक संकट और दूसरे मानसिक दबाव की वजह से बिहार के 16 लोगों ने […]

संपादकीय:आत्महत्या किसी इंसान के मानसिक स्वास्थ्य की समस्या मात्र नहीं है..जानिए

आत्महत्या किसी इंसान के मानसिक स्वास्थ्य की समस्या मात्र नहीं है आत्महत्या के कारणों को समझने के लिए हमें जाति, लिंग, लैंगिकता, समर्थता, विषमलैंगिक पितृसत्ता में निहित व्यवस्थाजन्य असमानताओं के जरिये पैदा […]

संपादकीय:10 पॉइंट जो आपको मौजूदा समय की बदहाल अर्थव्यवस्था की पूरी कहानी बता देंगे!

तकरीबन सभी अनुमान लगा सकते हैं कि कोरोना और अनियोजित लॉकडाउन की वजह से जीवन की गति रुक गयी है, इसलिए अर्थव्यवस्था की गाड़ी में कोई ईंधन नहीं पहुँच पा रहा है। सरकार […]

क्या आज बेरोज़गारी पर बात न करना देश के 135 करोड़ लोगों की अवमानना नहीं है!

क्या आज बेरोज़गारी पर बात न करना देश के 135 करोड़ लोगों की अवमानना नहीं है! वे सुशांत की मौत को राष्ट्रीय मुद्दा बना सकते हैं। वे ‘रसोड़े में कौन था’ को […]

इतिहास:जानिए कौन है ये गांधी जी की लाठी पकड़कर आगे-आगे चलने वाला बच्चा, जो बड़ा होकर बना महान संत

सच के साथ |गांधी जी का व्यक्तित्व अपने आप में चमत्कारिक था। उनके संपर्क और सानिध्य में आने वाले लोग खुद को धन्य महसूस करते थे। उनकी बातें और शिक्षाएं लोगों के […]

ये वैक्सीन अगर बन भी जाए तो क्या है!

ये वैक्सीन अगर बन भी जाए तो क्या है! कोरोना वायरस से जुड़े दो नये शोध बताते हैं कि इसकी वैक्सीन बनाना जितनी बड़ी बात है उससे ज्यादा बड़ी बात उसके असर […]