Category: संपादकीय

संपादकीय:पीएम केयर्स फंड और पारदर्शिता का सवाल

पीएम केयर्स फंड और पारदर्शिता का सवाल पीएम केयर्स पब्लिक अथॉरिटी है कि नहीं विवादास्पद मुद्दा बन गया है क्योंकि इसके फंड में रेलवे जैसी सरकारी कंपनियों के द्वारा पैसा दिया गया […]

संपादकीय: आओ चलो खेलें परशुराम परशुराम

सवाल उठता है कि उत्तर भारत की राजनीति को बदल देने वाले आंबेडकर और लोहिया के आंदोलन के दावेदार आज क्यों परशुराम की मूर्ति लगाने की होड़ कर रहे हैं।   ( […]

संपादकीय: मक़्तलों में तब्दील होते हिन्दी न्यूज़ चैनल!

मक़्तलों में तब्दील होते हिन्दी न्यूज़ चैनल! यह टीवी अब हमें सशरीर खा रहा है। पहले दिमाग में ज़हर भरा गया। तर्क की बेरहमी से हत्या की गयी। विचार को चिल्लाहटों से […]

Bengaluru Riots: हिंसा भड़काने वाले से ज्यादा बुरे हिंसा को अंजाम देने वाले हैं!

Bengaluru Riots: हिंसा भड़काने वाले से ज्यादा बुरे हिंसा को अंजाम देने वाले हैं! आजादी के 75 साल बाद बेंगलुरु (Bengaluru) में लोगों का पैगंबर मोहम्मद (Prophet Mohammad) को लेकर लिखी गयी […]

इसरो जासूसी कांड: बिना कसूर 2 माह जेल, कहा गया गद्दार, करियर तबाह…वैज्ञानिक नांबी नारायणन को मिले 1.30 करोड़ का मुआवजा

नई दिल्ली| केरल सरकार ने मंगलवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)के पूर्व वैज्ञानिक नांबी नारायणन को ढाई दशक पुराने जासूसी मामले के निपटारे के लिए 1.30 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा […]

नई शिक्षा नीति: लोक-लुभावन शब्दों के मायने और मजबूरी

नई शिक्षा नीति: लोक-लुभावन शब्दों के मायने और मजबूरी शिक्षा के कई जानकारों का मानना है कि नई शिक्षा नीति की पूरी की पूरी अवधारणा, प्रबंधन तथा वित्तीय पहलूओं की पड़ताल करें […]

मुर्मू की नियुक्ति सीएजी कार्यालय में नाराज़गी का कारण बन गई है

मुर्मू की नियुक्ति सीएजी कार्यालय में नाराज़गी का कारण बन गई है जी सी मुर्मू के भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक के तौर पर नियुक्ति ने इस संवैधानिक प्राधिकार में मौजूद […]

पुण्यतिथि विशेष:पढ़ाई छोड़ आजादी की जंग में कूदे थे खुदीराम बोस

सच के साथ|वो उम्र जब एक युवा अपने करियर और आने वाले भविष्य को लेकर परेशान रहता है, उस उम्र में एक ऐसा क्रांतिकारी निकला जो देश के लिए सूली पर चढ़ […]

संपादकीय:अपराध की जाति और धर्म

अपराध की जाति और धर्म वास्तव में विकास दुबे का पूरा मामला उत्तर प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक चरित्र का एक नमूना है। उत्तर प्रदेश का समाज न सिर्फ जातिवादी और सांप्रदायिक […]

संपादकीय:भारत-चीन तनाव के बीच ह्वेनसांग के आंसुओं की क़ीमत कौन समझेगा?

जिस समय चीनी यात्री ह्वेनसांग का भारत आगमन हुआ वो समय था ऐसा था जब पूरा विश्व भारतीय संस्कृति से प्रभावित था. उस दौर के तमाम किस्से हैं. एक ऐसा ही किस्सा […]