Category: Motivesnol

भूदान, ग्रामदान, उद्योगदान, जीवनदान और विचारदान वाले विनोबा भावे का यह दान आखिर गया कहां!

इन अभियानों में अगर विनोबा लाखों लोगों को प्रेरित कर पाए तो सिर्फ इसलिए कि गांधीजी के जाने के बाद भारतीय समाज के सभी तबकों का उनपर सहज और सबसे ज्यादा भरोसा […]

संपादकीय:बन रहा है सपनों का मंदिर मगर ज़िंदगी का असली संघर्ष जारी

बन रहा है सपनों का मंदिर मगर ज़िंदगी का असली संघर्ष जारी   अपनी जीवन, भविष्य और आजीविका पर हो रहे अत्याचारों से जूझने के लिए लाखों कामगार पिछले कुछ महीनों से […]

UPSC 2019: पेट्रोल पंप पर काम करने वाले का बेटा बना IAS अफसर, पिता बोले-बाबा महाकाल ने कृपा की..

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 26वां स्थान हासिल करने वाले इंदौर के प्रदीप सिंह (23) ने मंगलवार अपनी सफलता की कहानी शेयर की.   इंदौर|वर्ष 2019 की सिविल सेवा […]

ऑनलाइन शिक्षा मूल संवैधानिक उद्देश्य से भटकाव का मॉडल है

ऑनलाइन शिक्षा मूल संवैधानिक उद्देश्य से भटकाव का मॉडल है शिक्षा केवल एक तकनीकी-मशीनी क्रिया नहीं जिसका उद्देश्य केवल विद्यार्थियों तक शिक्षण सामग्री उपलब्ध करवा देना मात्र हो। ऑनलाइन शिक्षा का पूरा […]

गोरखपुर:तीन भाई-तीनो सिपाही, नौकरी से तैनाती तक सब एक साथ

गोरखपुर|यह संयोग है या कुदरत का करिश्मा। एक प्रधानाध्यापक के तीन बेटे। तीनों की पैदाइश जुलाई माह में ही। तीनों साथ पले-बढ़े। तीनों ने एक ही साल पुलिस में भर्ती के लिए […]

UP: हिंदी में फेल 8 लाख स्टूडेंट हमारी जीवन चिंतन का हिंदी से दूर हो जाने का रिजल्ट है !

UP: हिंदी में फेल 8 लाख स्टूडेंट हमारी जीवन चिंतन का हिंदी से दूर हो जाने का रिजल्ट है ! हिंदी में फेल हुए आठ लाख विद्यार्थी केवल केवल सरकार की नाकामी […]

कोरोना के चलते वैकल्पिक तौर पर ऑनलाइन शिक्षा एक जरूरत है, लेकिन उपयोगी कक्षीय शिक्षा ही है

सच के साथ|अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन के अलावा कोरोना वायरस ने जिस चीज को सर्वाधिक प्रभावित किया है वह है शिक्षा व्यवस्था और पठन-पाठन। स्कूली से लेकर उच्च स्तरीय शिक्षा लगभग ठप […]

ऑनलाइन शिक्षा पैकेज: मनुवाद और मनीवाद!

ऑनलाइन शिक्षा पैकेज: मनुवाद और मनीवाद!   सरकार को एक अलग विकल्प का उपयोग करना चाहिए। ऑनलाइन शिक्षा के बजाय, सरकार को आंतरिक मूल्यांकन, स्व-अध्यन, परियोजनाओं, शिक्षा प्रणाली में खेलों के माध्यम […]

क्या हम भारतीय केवल नकलची हैं…

सच के साथ|ज्यादा समय नहीं हुआ जब आईटी और बीपीओ के क्षेत्र में भारतीय मेधा के कसीदे पढ़े जाते थे। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के प्रत्याशी अपनी चुनावी सभाओं में बोलते थे कि […]

सच के साथ:जैव विविधता के निरादर का नतीजा तो नहीं कोविड-19

जैव विविधता के निरादर का नतीजा तो नहीं कोविड-19 आज विश्व पर्यावरण दिवस है और इस बार की थीम है- सेलिब्रेट बायोडायवर्सिटी। आज जब लगभग 10 लाख प्रजातियां विलुप्त होने की ओर […]