Category: Motivesnol

गरीबी और अमीरी

कुछ लोग अमीर से गरीब हो जाते हैं और कुछ लोग गरीब से अमीर हो जाते हैं .जो अमीर से गरीब हो जाते हैं ,उन्हें अपनी अमीरी नहीं भूलती ,वे रह रहकर […]

गिद्ध बनने की विवशता को त्याग बाज बनकर कीजिये खुद को पुनर्स्थापित

  बाज लगभग सत्तर वर्ष जीता है …. परन्तु अपने जीवन के चालीसवें वर्ष में आते-आते उसे एक महत्वपूर्ण निर्णय लेना पड़ता है. उस अवस्था में उसके शरीर के तीन प्रमुख अंग […]

सुख और दुःख एक ही सिक्के के दो पहलू हैं;

दुनिया का हर इंसान सुख चाहता है। दुःख कोई नहीं चाहता। वह दुःख से डरता हैं इसलिए दुःख से छुटकारा पाने के लिए तरह-तरह के प्रयत्न करता है। मतलब दुःख को खत्म […]

सुख चाहिए किन्तु दुःख से डरिये मत;

  जीवन में दुःख, शोक और संघर्ष का आना स्वाभाविक है। इससे कोई भी जीवधारी नहीं बच सकता। सुख, दुःख मानव-जीवन के दो समान पहलू हैं। सुख के बाद दुःख और दुःख […]

जिंदा रहने के लिए तेरी कसम इक मुलाकात ज़रूरी है सनम…तो??

जिंदा रहने के लिए तेरी कसम एक मुलाकात जरूरी है सनम ,   लेकिन मुलाकात करने से पेट नहीं भर जाएगा न, इंसान को जिंदा रहने के लिए तीन प्रमुख चीजें चाहिए […]

मछली जल की रानी है, कविता किसने और क्यों लिखी?

  सभी टीवी न्यूज चैनलों पर एक साथ एक्सक्लूजिव न्यूज आ रही है। चैनल ‘ए’ पर है न्यूज रीडर मितुल और संवाददाता ऋषि। चैनल ‘बी’ पर न्यूज रीडर अमित और रिपोर्टर श्रेया। […]

क्या डॉलर के बिना नहीं चल पाएगी भारत की अर्थव्यवस्था;

  भारत की मुद्रा रुपया है, लेकिन अर्थव्यवस्था के लिए ज़्यादा डॉलर का होना बहुत ज़रूरी है. वैश्विक अर्थव्यवस्था में किस देश की आर्थिक सेहत सबसे मज़बूत है, इसका निर्धारण इससे भी […]

हमें कौए की नहीं, उल्लू की नजर चाहिए;

इसलिए नहीं कि उल्लू रात के अंधेरे में देखता है और हम चारों तरफ अंधकार से घिरे हैं, बल्कि इसलिए कि कौए की आंखें सिर के दो तरफ होती हैं और वह […]

मंदिर के लड्डू भी खाता हूं, मस्ज़िद की खीर भी खाता हूं। भूखा हूं साहब, मजहब कहां समझ पाता हूं!

बुराई धर्म में नहीं इंसानों में है। जो हम एक दूसरे के धर्म को नीचा दिखाने में लगे हुए हैं। मंदिर हो मस्जिद हो या कोई अन्य धर्मों के धार्मिक स्थल, वहां […]

जिंदगी बस कट रही हैं, हम जिंदगी को जीते क्यों नहीं

जिंदगी बस कट रही हैं / बस हो रहा हैं टाइम पास, दोस्तों मुझे लगता हैं कि शायद ही कोई होगा जो इन शब्दों से अनजान होगा | अन्यथा तो हम सब […]