Category: Proud to we Indian

मोदी के भीतर से कौन बोलता है? जानिए…

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिंदगी की सफलता का राज आखिर क्या है? आखिर वो कौन सी चीज है जो उन्हें भारत की मौजूदा राजनीति में नेताओँ की भीड़ में सबसे अलग […]

26 जनवरी को ही क्यों लागू हुआ संविधान

हमारा भारत देश 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ था | स्वतंत्रता के लगभग 28 माह बाद अर्थात 26 जनवरी 1950 को भारत एक लोकतांत्रिक और गणतंत्र देश बना, क्योंकि इसी दिन […]

क्या दुनिया का कोई देश वैसा धर्मनिरपेक्ष है जैसा होने की उम्मीद कई लोग भारत से करते हैं..

भारत में ‘धर्म’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ का अर्थ वह नहीं है जो लैटिन से निकले अंग्रेज़ी शब्दों ‘रिलिजन’ और ‘सेक्युलर’ का है।     सच के साथ|26 जनवरी का दिन भारत में गणराज्य […]

‘वंदे मातरम’ से क्यों है मुस्लिमों को परहेज

मध्य प्रदेश में वंदे मातरम गीत पर हुए विवाद के बाद जानिए कि क्या रहे हैं इसे लेकर विवाद और क्या रही है राष्ट्रगीत की यात्रा   मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार […]

सच के साथ: शिक्षा की साख बचाने का समय

हमें युवाओं की ऊर्जा, स्वप्न, और सामाजिक सरोकारों के साथ तालमेल बिठाना होगा। उन्हें खुद निर्णय लेने के लिए तैयार करना होगा कि कैसे वे एक बेहतर दुनिया के निर्माता बनें? हम […]

Lohri 2020: क्यों मनाई जाती है लोहड़ी? क्या है दुल्ला-भट्टी की कहानी

Lohri 2020: लोहड़ी पर पंजाब में नई फसल की पूजा करने की परंपरा है. इस दिन चौराहों पर लोहड़ी जलाई जाती है. इस दिन पुरुष आग के पास भांगड़ा करते हैं, वहीं […]

नागरिकता संशोधन कानून और NRC ही नहीं NPR की भी है तैयारी, अप्रैल से होगा सर्वे

  देश भर में नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजनशिप यानी NRC के खिलाफ लोग सड़कों पर हैं, लेकिन नागरिकता को लेकर केंद्र की मोदी सरकार कई मोर्चों […]

सभ्य समाज में मूल अधिकारों के लिए बंदूकों की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए: महात्मा गांधी

इतिहासकार सुधीर चंद्र ने अपनी किताब ‘गांधी: एक असंभव संभावना’ में गांधी के विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला है.   पिछली सदी के भारत में सबसे महत्वपूर्ण हस्तक्षेप करने वाले महात्मा […]

बेवजह है नागरिक संशोधन कानून का विरोध, जानिए- CAA और NRC के बीच क्या है अंतर?

नई दिल्ली|सच के साथ/CAA (नागरिकता संशोधन कानून, 2019) को भारतीय संसद में 11 दिसंबर, 2019 को पारित किया गया, जिसमें 125 मत पक्ष में थे और 105 मत विरुद्ध। यह बिल पास […]

रीढ़ विहीन कृषि शिक्षा

भारत की खेती-किसानी दिनों-दिन दरिद्र बनती जा रही है। कृषि विश्वविद्यालयों की पढ़ाई के बाद छात्र खेती-किसानी के नजदीक जाने से कतरा रहे हैं। देशभर में 73 कृषि विज्ञान और उससे जुड़े […]