August 4, 2021

Such Ke Sath

सच के साथ – समाचार

CBSE Board Result 2021 : बोर्ड की इस गलती के चलते रोका गया आज आने वाला रिजल्ट

मेरठ|CBSE result 2021: सीबीएसई के कई स्कूलों ने अपने बोर्ड परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाने की होड़ में नियमों को भुला दिया। बोर्ड के फॉर्मूले में अपने स्तर पर फेरबदल कर दिया। हर छात्र को 96 या इससे अधिक अंक दे दिए गए। इससे अधिकतर विद्यार्थियों के अंक 96 से 100 के बीच में हो गए। इस पर अब सीबीएसई ने स्कूलों को फिर से अवलोकन करने के लिए कहा है। एक बार फिर से अंकों को गाइडलाइन के अनुसार मोड्रेट करने का समय दिया। एक बार अंतिम रूप देने के बाद, परिणाम cbseresults.nic.in और cbse.gov.in पर अपलोड किया जाएगा।

 

सीबीएसई का मानना है कि हर छात्र 96 या उससे अधिक अंक प्राप्त नहीं कर सकता है। फॉर्मूले के तहत सुझाया गया था कि स्कूल प्रत्येक छात्र का तीन साल का परिणाम देखते हुए औसत अंक अपलोड करेंगे। हालांकि, कुछ स्कूलों ने रिजल्ट बेहतर करने के चक्कर में हर छात्र को अधिकतम अंक प्रदान कर दिए। अब इस स्थिति को सुधार करने के लिए स्कूलों को गाइडलाइन जारी की गई है। बता दें कि इस बार कोरोना महामारी के चलते परीक्षाएं नहीं हो सकीं। ऐसे में विद्यार्थियों के गत वर्षों के परीक्षा परिणाम को आधार बनाकर रिजल्ट तैयार करने का निर्णय लिया गया है।

 

 

यह है फॉर्मूला
मेरठ के बोर्ड परीक्षा के सिटी को-ऑर्डिनेटर और केएल इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य सुधांशु शेखर ने बताया कि स्कूलों को सीबीएसई की ओर से तय फॉर्मूले के हिसाब से अंक देने थे। उदाहरण के तौर पर यदि दस छात्रों के अंक 70 से 80 के बीच में है तो इनका पिछला रिकॉर्ड देखते हुए इसी रेंज में अलग-अलग अंक देने थे। ऐसा नहीं हो सकता कि सभी को 77, 79 अंक दे दिए जाएं। कुछ स्कूलों ने यह गलती की है।

 

गड़बड़ हो जाएगा रिजल्ट

मेरठ स्कूल सहोदय व सीआईएस के सचिव राहुल केसरवानी ने बताया कि सीबीएसई ने छात्र के पिछले रिकॉर्ड के हिसाब से 90 से 100 के बीच में अंक देने की बात कही तो कुछ स्कूलों ने अपने हर छात्र के अंक 96 और 99 तक कर दिए। यह गलत है। यदि ऐसा होगा तो अन्य छात्रों के अंक बहुत कम करने होंगे, क्योंकि स्कूल का हिस्टोरिकल ईयर भी सीबीएसई चेक कर रहा है। उसके हिसाब से रिजल्ट का प्रतिशत ही गड़बड़ा जाएगा।

 

10वीं क्लास की टैबुलेशन पॉलिसी क्या है?
सीबीएसई 10वीं रिजल्ट 2021 की टैबुलेशन पॉलिसी के अनुसार, छात्रों कोयूनिट टेस्ट, मिड टर्म और प्री बोर्ड परीक्षाओं में उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर मार्क्स दिए जाएंगे। जिसमें 20 प्रतिशत सीबीएसई की पुरानी मार्किंग स्कीम और बाकी का 80 प्रतिशत परिणाम सीबीएसई की नई मार्किंग स्कीम द्वारा तैयार किया जाएगा।

सीबीएसई 10वीं कंपार्टमेंट एग्जाम 2021
स्कूलों को पिछले तीन वर्षों में स्कूल के प्रदर्शन के आधार पर स्कोर को मॉडरेट करने की भी सलाह दी गई है। स्कूल के ऐतिहासिक प्रदर्शन पर विचार किया जाएगा और छात्रों को दिए गए अंकों को बढ़ाया या ठीक किया जा सकता है। जो मानदंड के अनुसार पास अंक प्राप्त करने में सक्षम नहीं थे, बोर्ड ने स्कूलों को उन छात्रों को ग्रेस मार्क्स देने की भी सलाह दी है। अगर कोई छात्र अभी भी किसी विषय में फेल हो जाता है, तो बोर्ड ने स्कूलों को सलाह दी है कि वे बाद में कंपार्टमेंट परीक्षा आयोजित करें। अगली कक्षा में दाखिले होंगे।

 

More Read:

BPSC Result 2021 : बिहार लोक सेवा आयोग ने सहायक अभियंता के पदों पर हुई भर्ती का रिजल्ट किया जारी

BPSC Asst. Engineer Result 2021:UP के बस्ती जिले के होनहार ने बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा 116वीं रैंक से पास कर बढ़ाया जिले का मान

UP 69000 शिक्षक भर्ती मामला: टूटा शिक्षामित्रों का सपना, SC ने कहा- 40/45 नहीं 60/65 ही रहेगा कटऑफ

बीच बहस: शिक्षा का भविष्य नहीं हो सकती ऑनलाइन शिक्षा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights Reserved with Suchkesath. | Newsphere by AF themes.