June 29, 2022

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Chandrayaan 2: इसरो के प्रमुख ने कहा, विक्रम लैंडर से संपर्क टूटा.PM ने कहा अच्छा होने की उम्मीद रखिए

चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर का संपर्क चांद की सतह पर उतरने से थोड़ी देर पहले टूट गया है.

भारतीय अंतरिक्ष नुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के सिवन ने मिशन के बाद कहा – “विक्रम लैंडर योजना के अनुरुप उतर रहा था और सतह से 2.1 किलोमीटर दूर तक सबकुछ सामान्य था. मगर इसके बाद उससे संपर्क टूट गया. डेटा की समीक्षा की जा रही है.”

विक्रम को रात 1:30 बजे से 2:30 बजे के बीच चांद की सतह पर उतरना था.

भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की उपलब्धि को देखने और उनका हौसला बढ़ाने के लिए प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी भी बेंगलुरु में इसरो के मुख्यालय पहुँचे थे.

प्रधानमंत्री मोदी ने विक्रम के संपर्क टूटने के बाद वैज्ञानिकों और वहाँ मौजूद स्कूली बच्चों और अन्य लोगों से कहा, “हमें सबसे अच्छा होने की उम्मीद रखनी चाहिए.”

भारतीय अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के लिए शुक्रवार की रात मील का एक बड़ा पत्थर मानी जा रही थी. रात डेढ़ बजे भारतीय अंतरिक्ष नुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों ने चंद्रयान 2 के विक्रम लैंडर को धीरे-धीरे चांद की सतह पर उतारना शुरु किया.

विक्रम लैंडर को पहले चांद की कक्षा में मौजूद ऑर्बिटर से अलग किया जाना था और फिर उसे चंद्रमा की सतह की ओर ले जाना था.

 

लैंडर के अंदर प्रज्ञान नाम का रोवर भी था जिसे लैंडर के सुरक्षित उतर जाने के बाद बाहर निकलकर चांद की सतह पर घूमना और वैज्ञानिक पड़ताल करना था.

 

इसरो के चंद्रयान 2 के लिए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव को चुना गया था जहां पर विक्रम लैंडर की सॉफ़्ट लैंडिंग करवाई जानी थी.

 

चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर कोई यान भेजने वाला भारत पहला देश है. अब तक चांद पर गए ज़्यादातर मिशन इसकी भूमध्य रेखा के आस-पास ही उतरे हैं.

अमरीका, रूस और चीन के बाद, भारत चंद्रमा पर किसी अंतरिक्ष यान की सॉफ़्ट लैंडिंग करवाने वाला चौथा देश बन जाएगा.

 

क्या है अहमियत
अगर भारत के प्रज्ञान रोवर के सेंसर चांद के दक्षिणी ध्रुवीय इलाक़े के विशाल गड्ढों से पानी के सबूत तलाश पाते तो यह बड़ी खोज होती.

चंद्रयान-2 मिशन की क़ामयाबी अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के लिए भी मददगार साबित हो सकती थी जो 2024 में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर भेजे एक मिशन भेजने की योजना बना रहा है.

 

इस पल का गवाह बनने के लिए देश भर के 60 छात्र-छात्राएं भी हैं, जिन्हें क्विज़ के बाद चुना गया था.

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