June 27, 2022

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CM योगी से मिलने के लिए प्रयागराज से लखनऊ दौड़कर पहुंची ये नन्हीं धावक काजल निषाद, वजह भी चौंकाने वाली

HIGHLIGHTS

  • प्रयागराज से दौड़कर लखनऊ पहुंची नन्ही धावक
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित किया
  • उपहार में दौड़ने के लिए जूते और खेल किट दी

 

Kajal Nishad 16 अप्रैल |जोश और जज्बे से भरपूर नन्हीं धावक10 साल की काजल निषाद प्रयागराज से लखनऊ सिर्फ इसलिए पहुँच गई क्योंकि उसे सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलना था. मिलने की वजह भी ऐसी कि सीएम ने सुना तो आशीर्वाद दिए बिना नहीं रहे. काजल के प्रयागराज से लखनऊ तक 200 किमी के सफर को मुख्यमंत्री ने सम्मानित करके और यादगार बना दिया. एथलीट बनने का सपना रखने वाली काजल को मुख्यमंत्री द्वारा दौड़ने के लिए जूते भी उपहार में दिए गए. जनपद प्रयागराज के माण्डा थाना क्षेत्र के ललितपर गांव निवासी नीरज कुमार निषाद की 10 वर्षीय पुत्री काजल निषाद कक्षा चार की छात्रा हैं.

काजल ने प्रयागराज में एक स्थानीय खेल स्पर्धा में भाग लिया था और दौड़ को पूरा किया था. परन्तु कार्यक्रम में उचित सम्मान ना मिल पाने के कारण काजल काफी निराश हो गई थी. इसी बात को लेकर काजल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उनसे मिलने की इच्छा जाहिर की थी, जिसके लिए काजल 10 अप्रैल को प्रयागराज से लखनऊ के लिए पैदल ही निकल पड़ी. प्रयागराज से लखनऊ तक का करीब 200 किलोमीटर लंबा सफर काजल ने 15 अप्रैल को पूरा किया और सीधे मुख्यमंत्री से मिलने 5 कालीदास मार्ग पर पहुंची.

काजल निषाद साल 2021 में प्रयागराज से दिल्ली तक करीब 720 किमी दौड़ लगाकर सुर्खियों में आईं थीं। मुख्यमंत्री सीएम योगी से मिलने के लिए वह रामनवमी के दिन यानी 10 अप्रैल को प्रयागराज के सुभाष चौराहे से रवाना हुईं थीं। काजल ने फाफामऊ, कुंडा और रायबरेली के रास्ते लखनऊ की यात्रा 6 दिन में पूरी की। काजल के प्रयागराज से लखनऊ दौड़कर पहुंचने की कहानी भी रोचक है।

मुख्यमंत्री को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली उन्होंने तुरंत ही काजल को मिलने के लिए कहा. काजल की इस लगन और समर्पण को देखते हुए मुख्यमंत्री ने उसे अपने हाथों से सम्मानित किया और साथ ही साथ उसे आगे भी इसी तरह दौड़ में एक नया मुकाम हासिल करने के लिए प्रेरित करते हुए जूते, ट्रैक सूट और खेल किट भी उपहार में दिया.

 

 

जब उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा सम्मान मिला तो काजल की खुशी का कोई ठिकाना ना रहा. इस उपहार के लिए उसने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया.

 

प्रयागराज में 19 नवंबर को 42 किमी इंदिरा मैराथन का आयोजन हुआ था। उस मैराथन में काजल ने 14वां स्थान हासिल किया, लेकिन उम्र कम होने के कारण आयोजकों ने उनको मैराथन में शामिल नहीं माना। काजल ने मैराथन पूरी करने के बाद खेल मंत्री उपेंद्र तिवारी से मिलने की इच्छा जाहिर की थी, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया था।

काजल निषाद है कक्षा चार की छात्रा, नहीं मिला था सम्मान
प्रयागराज में एक स्थानीय खेल स्पर्धा में भाग लिया था और दौड़ को पूरा किया था। लेकिन उचित सम्मान न मिलने की वजह से काफी निराश हो गई थी। इसी वजह से उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उनसे मिलने की इच्छा जाहिर की थी। जिसके लिए काजल 10 अप्रैल को प्रयागराज के सिविल लाइन से लखनऊ तक के सफर निकल पड़ी। प्रयागराज से लखनऊ तक का करीब 200 किलोमीटर लंबा सफर काजन ने 15 अप्रैल को ही पूरा कर लिया था। जनपद प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र के ललितपर गांव निवासी नीरज कुमार निषाद की 10 वर्षीय पुत्री काजल निषाद कक्षा चार की छात्रा है। सीएम के अलावा काजल की मदद के लिए प्रयागराज डीएम संजय कुमार खत्री ने पहल की है। उन्होंने कहा कि वह दस साल की काजल को 5100 रुपए और एथलेटिक्स किट देंगे।

 

 

बाबू बनारसी दास खेल अकादमी ने ली जिम्मेदारी
सीएम योगी आदित्यनाथ को इस बात की जानकारी मिलने पर उन्होंने तुरंत ही काजल को मिलने के लिए कहा। काजल निषाद का यह समर्पण को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी ने उसे अपने हाथों से सम्मानित किया और साथ ही साथ उसे प्रोत्साहित किया। काजल को इसी तरह दौड़ में एक नया मुकाम हासिल करने के लिए प्रेरित करते हुए जूते, ट्रैक सूट और खेल किट भी उपहार में दिया। जब उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा सम्मान मिला तो काजल की खुशी का कोई ठिकाना ना रहा। इस उपहार के लिए उसने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। इतना ही नहीं बाबू बनारसी दास खेल अकादमी ने काजल की प्रतिभा का सम्मान करते हुए उसकी आगे की तैयारी के लिए उम्र भर खेल किट और जूते देने की पूरी जिम्मेदारी ली है।

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