January 23, 2021

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Farmer Protest:अमित शाह ने नरेंद्र सिंह तोमर और पियुष गोयल के साथ की बैठक

नई दिल्ली: कृषि कानूनों (Agriculture Law) का विरोध कर रहे किसानों के प्रदर्शन (Farmers Protest) के बीच केंद्र सरकार के मंत्रियों ने बुधवार को बैठक की. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने अपने घर पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) और रेल मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) के साथ बातचीत की. बताया जा रहा है कि बैठक में तीनों मंत्रियों ने मंगलवार को केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच हुई बातचीत पर मंथन किया. बता दें कि मंगलवार को किसानों के साथ हुई बैठक में नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल शामिल हुए थे.

सचिव स्तर के अधिकारी करेंगे किसानों से बात

इस बीच खबर है कि केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों के सचिव स्तर के अधिकारी प्रदर्शन कर रहे किसानों को समझाने और मनाने की कोशिश करेंगे. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार किसानों से चर्चा के लिए कई मंत्रालयों के अधिकारियों की सूची तैयार कर रही है. इसमें तीनों कृषि कानूनों (Agriculture Law) के विभिन्न प्रावधानों के प्रत्येक खंड पर चर्चा करने के लिए कृषि, गृह और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे. इसमें मुख्य रूप से सचिव स्तर के अधिकारी शामिल होंगे और किसानों को समझाने की कोशिश करेंगे.

किसानों और सरकार के बीच बैठक बेनतीजा

इससे पहले किसानों और सरकार के बीच मंगलवार को तीन दौर की बैठक हुई थी, जो बेनतीजा रही और किसानों का प्रदर्शन (Farmers Protest) बुधवार (2 दिसंबर) को भी जारी है. बैठक के दौरान सरकार ने किसानों के सामने कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए समिति बनाने का सुझाव रखा, लेकिन किसानों ने इससे इनकार कर दिया. दोनों पक्षों के बीच अगली बैठक गुरुवार (3 दिसंबर) को होगी.

आपको बता दें, पंजाब से आए किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच मंगलवार को विज्ञान भवन में 3 घंटे से अधिक बातचीत हुई। हालांकि बातचीत समाप्त होने के बाद बाहर आए किसान नेताओं ने अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही है। किसान नेताओं के मुताबिक फिलहाल यह बातचीत बेनतीजा रही है। किसान नेताओं का कहना है की बातचीत का अगला दौर अब गुरुवार को शुरू होगा। किसान नेता सरदार चंदा सिंह ने कहा, “खेती कानून के विषय पर बात करने के लिए कृषि मंत्री, रेल मंत्री व अन्य लोग मौजूद थे।”

किसानों का कहना है कि कृषि मंत्री ने कहा कि एक छोटी कमेटी बना दो। सरकार उस छोटी कमेटी से इस सब विषयों पर बात करेगी, लेकिन हमें सरकार का यह प्रस्ताव मंजूर नहीं है, अब सरकार से अगली बातचीत गुरुवार को होगी।” वहीं कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बैठक समाप्त होने के बाद कहा, “भारत सरकार ने मंगलवार को किसानों के साथ तीसरे दौर की वार्ता संपन्न की। एक दूसरे के प्रति काफी समझ बनी है। हम लोगों ने यह तय किया है कि अब परसों यानी गुरुवार को वार्ता का अगला चरण शुरू होगा। गुरुवार को किसान अपना इश्यू लेकर आएंगे और फिर चर्चा की जाएगी।”

किसान संगठनों के बीच भी चल रही है अहम बैठक.

दूसरी तरफ आगे की रणनीति बनाने के लिए सिंघू बॉर्डर पर किसान संगठनों के नेताओं की बैठक भी चल रही है. किसान नेता सरकार द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं. सिंघू बॉर्डर पर चल रही किसानों की इस बैठक में पंजाब के 30 किसान संगठनों के नेता मौजूद हैं. बैठक में जाने से पहले भारतीय किसान यूनियन (लाखोवाल) के जनरल सेक्रेटरी हरिंदर सिंह ने कहा कि किसानों की मांग है कि तीनों नये कृषि कानून को रद्द किया जाए, जबकि सरकार कमेटी बनाकर संशोधन की बात कर रही है.

सरकार ने किसानों से मांगे लिखित सुझाव

किसान संगठनों के साथ हुई बैठक में भले ही कोई हल न निकला हो, लेकिन सरकार ने किसान नेताओं से संबंधित प्रावधानों पर लिखित आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं. इसकी रिपोर्ट बुधवार तक किसान प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराना है. इस पर तीन दिसंबर को दोपहर 12 बजे से चर्चा होगी. सरकार का कहना है कि इससे जरूरी मुद्दों पर सही तरह से बातचीत करने में आसानी रहेगी. सरकार का कहना है कि पहले किसान संगठन नए बने कानूनों को लेकर अपने मुद्दे की सही तरह से पहचान कर लें. लिखित में अपने सुझावों का पुलिंदा तैयार करें, ताकि तीन दिसंबर को होने वाली चौथे राउंड की बैठक में आसानी हो.

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कहा, “सामान्य तौर पर हम सब लोग चाहते थे की एक समिति बने, लेकिन उनका (किसानों) का कहना यह था कि सभी लोग एक साथ मिलकर बात करेंगे। हम किसान भाइयों से आग्रह करते हैं कि वह आंदोलन स्थगित करें और बातचीत करें, लेकिन यह निर्णय किसानों पर निर्भर करता है।” आपको बता दें, कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज छठा दिन है। दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का प्रदर्शन जारी है।

गौरतलब है कि किसानों ने रविवार को कहा था कि बुराड़ी नहीं जाएंगे और दिल्ली की घेराबंदी के लिए 5 एंट्री पॉइंट्स पर धरना देंगे। किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा बोले- हमारे पास इतना राशन है कि 4 महीने भी हमें रोड पर बैठना पड़े, तो बैठ लेंगे। उधर, गाजियाबाद बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों की पुलिस से हाथापाई भी हुई।

किसानों ने हवन कर आक्रोश प्रकट किया

प्रदर्शन के 7वें दिन गाजीपुर बॉर्डर पर बुधवार सुबह किसानों ने हवन कर अपना आक्रोश प्रकट किया. किसानों ने कहा कि बॉर्डर पर वातावरण शुद्ध रहे, सुख शांति बनी रहे और सरकार को सद्बुद्धि प्राप्त हो, इसके लिए इस हवन का आयोजन किया गया. भारतीय किसान यूनियन के युवा किसान नेता आलोक सोलंकी ने कहा कि किसानों की बातों को सरकार नही सुन रही है. राजनेताओं की बुद्धि की सुद्धि के लिए हम हवन कर रहे हैं.

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