January 23, 2021

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Farmers Protest: दिल्ली-करनाल हाइवे से राजधानी की ओर बढ़ रहे किसानों पर पुलिस ने किया वॉटर कैनन का इस्तेमाल

किसान आंदोलन पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि नए कानून आने वाले समय में किसानों के जीवन में बदलाव लाने वाले हैं. मैंने किसानों से बात की है और उन्हें 3 दिसंबर को फिर से बातचीत के लिए बुलाया है.

नई दिल्ली |किसानों के ‘दिल्‍ली चलो’ मार्च को लेकर स्थिति गंभीर हो रही है। फरीदाबाद, गुड़गांव, नोएडा और गाजियाबाद से लगी सीमाओं पर भारी फोर्स तैनात है। सिंघू सीमा पर दिल्ली पुलिस ने किसानों के ट्रैक्टरों की आवाजाही रोकने के लिए रेत से भरे ट्रकों को तैनात किया है। पुलिस के मुताबिक, कोई बॉर्डर सील नहीं है लेकिन राजधानी में घुसने वाली हर गाड़ी की चेकिंग हो रही है। इसकी वजह से बॉर्डर के पास भारी जाम लग गया है।

मार्च की वजह से लोगों को काफी दिक्‍कत होने वाली है। एक तो ट्रैफिक रेंग रहा है, ऊपर से मेट्रो सेवाओं को लेकर भी स्थिति स्‍पष्‍ट नहीं है। दिल्‍ली पुलिस ने किसानों को मार्च की इजाजत नहीं दी है। पंजाब-हरियाणा सीमा के पास स्थित कई इलाकों के निवासियों को पिछले 24 घंटों में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती और बस सेवाओं के ठप होने के कारण कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने सड़कों और अन्य खुले स्थानों पर भीड़ जमा कर ली है। हरियाणा में प्रवेश करने वाली कई लिंक सड़कों को भी बंद कर दिया गया है। शाम में प्रदर्शन के चलते बहादुरगढ़ से दिल्ली की ओर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई।

दिल्‍ली-नोएडा बॉर्डर का कुछ ऐसा है हाल

कालिंदी कुंज के पास दिल्‍ली और नोएडा के बीच भारी पुलिस तैनात है। यह हर गाड़ी को चेक करने के बाद ही बॉर्डर पार करने दिया जा रहा है।

दिल्‍ली पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में नजर बना रखी है। दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी ईश सिंघल ने कहा था अगर हमारी अपील के बावजूद वे (किसान) दिल्ली की ओर रुख करते हैं तो उनके खिलाफ जरूरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली कूच में एक लाख किसानों के जुटने का दावा किया जा रहा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें रोका गया तो वे दिल्ली जाने वाले सारे रास्ते जाम कर देंगे।

हरियाणा पुलिस ने करनाल में की पानी की बौछार;

करनाल में अड़ गए हैं किसान, हाइवे जाम

दिल्‍ली आ रहे ज्‍यादातर किसान अभी करनाल में रोके गए हैं। वहां पर हाइवे जाम है और उनपर किसानों का कब्‍जा है। किसान राशन-पानी साथ लेकर आए हैं। अंबाला के पास शंभू में पंजाब-हरियाणा सीमा से आगे पुलिस बैरिकेड तोड़ दिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने उन पर आंसू गैस के गोले दागने के साथ, पानी की बौछारें की। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए। किसानों ने बैरिकेड को तोड़ते हुए उन्हें पुल से नीचे फेंक दिया। अखिल भारतीय किसान सभा के अनुसार, मौके पर 50,000 से अधिक किसान मौजूद हैं।

मोदी सरकार के कृषि से जुड़े तीन कानूनों को लेकर किसानों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। किसान संगठन लगातार इन कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। बुधवार को हरियाणा के अंबाला में किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों को तितर-बितर करने के लिए चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे पर पुलिस ने वॉटर कैनन से पानी बरसाया गया, लेकिन किसान पीछे नहीं हटे।

हरियाणा पुलिस ने जब इन किसानों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने अपने ट्रैक्टर पर कारें पुलिस पर ही चढ़ाने की कोशिश की। पंजाब के किसानों ने केन्द्र के कृषि संबंधी कानूनों के खिलाफ अपने प्रस्तावित जुलूस के लिए अपने ट्रैक्टर-ट्रेलर के साथ हरियाणा की सीमाओं के पास इकट्ठा होना शुरू कर दिया है। हरियाणा के अधिकारियों ने पंजाब की ओर से आने वाली सड़कों पर उनके जुलूस को रोकने के लिए सुरक्षा कर्मी तैनात किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने पंजाब से लगने वाली सड़कों पर अवरोधक भी लगाए हैं। यातायात मार्ग में भी परिवर्तन किया जाएगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंगलवार को कहा था कि 26 और 27 नवम्बर को पंजाब से लगती राज्य की सीमा सील रहेगी। 


जहां रोके जाएंगे, वहीं धरने पर बैठ जाएंगे: किसान संगठन

‘ऑल-इंडिया किसान संघर्ष कोर्डिनेशन कमिटी’ , राष्ट्रीय किसान महासंघ और भारतीय किसान यूनियन के विभिन्न धड़ों ने केन्द्र पर हाल के तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का दबाव बनाने के लिए 26-27 नवम्बर को ‘दिल्ली चलो’ का आह्वान किया था। किसान संगठनों ने कहा है कि उन्हें राष्ट्रीय राजधानी जाते हुए, उन्हें जहां कहीं भी रोका गया, वे वहीं धरने पर बैठ जाएंगे। भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहन) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां ने बुधवार को कहा कि वे 26 नवम्बर को दिल्ली की ओर मार्च करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, ‘हमारे कुछ सदस्य ट्रैक्टर-ट्रेलर से हरियाणा सीमा के पास खनौरी गांव पहुंच चुके हैं।’ 


रजाई-कंबल भी साथ लाए किसान

कोकरी कलां ने कहा कि वे प्रदर्शन में शामिल होने वाले किसानों के लिए भोजन और जरूरी चीजों का इंतजाम कर रहे हैं। बीकेयू (एकता उगराहन) ने दावा किया है कि उससे जुड़े दो लाख से अधिक किसान खनौरी और डबवाली से हरियाणा में दाखिल होंगे। किसान अपने मार्च के लिए राशन, सब्जियां, लकड़ी और अन्य आवश्यक सामान लाए हैं। मौसम के सर्द होने के मद्देनजर, वे रजाई, कंबल भी लाए हैं और उन्होंने अपनी ट्रॉलियों को तिरपाल से ढंक दिया है। कोकरी कलां ने कहा, ‘‘ हम लड़ाई के लिए तैयार हैं, जो लंबी चल सकती है।’’ मोगा, फाजिल्का, बठिंडा और अन्य क्षेत्रों से 30 संगठनों के साथ जुड़े किसान संगरूर के महलान चौक पहुंच रहे हैं। इस बीच, शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से किसानों की चिंताओं पर गौर करने की अपील की। उन्होंने ट्वीट किया कि सरकार और किसानों के बीच संघर्ष पंजाब और देश को ‘‘अराजकता’’ की ओर धकेल रहा है। बादल ने प्रधानमंत्री से उनकी शिकायतों पर फिर गौर करने और पंजाब को ‘‘संकट में ना डालने’’ की अपील की।

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