June 27, 2022

Such Ke Sath

सच के साथ

Farmers Protest: संसद तक ट्रैक्टर मार्च टाला है, खत्म नहीं किया… किसानों ने चेताते हुए कहा- बातचीत की टेबल पर आए सरकार

Farmers Tractor March: किसानों ने 29 नवंबर को ट्रैक्टर से संसद मार्च का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है. किसानों ने कहा है कि हमने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है.

नई दिल्ली|केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में शुरू हुए किसान आंदोलन को एक साल पूरे होने के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि एमएसपी सहित किसानों की सभी मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन अभी जारी रहेगा। टिकैत में कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर उन्हें बैठे हुए 1 साल हो गया है। सरकार ने तीनों ‘काले कानूनों’ को वापस लेने की घोषणा भले ही कर दी है, लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) समेत कई अन्य मुद्दे पर सरकार ने मौन धारण किया हुआ है। सरकार इस मुद्दों पर किसानों से कोई बात नहीं कर रही है। जब तक किसानों की सभी मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक किसान दिल्ली की सीमाओं से हटने वाले नहीं हैं।

टिकैत ने अपने आगे के प्लान के बारे में बताते हुए कहा 27 नवंबर को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक है और उस बैठक में सभी मुद्दों को रखा जाएगा जिसके बाद किसानों के आंदोलन की आगे रणनीति तय होगी। उन्होंने कहा कि 29 नवंबर को किसान संसद के सामने ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे और अब किसान शांत बैठने वाले नहीं हैं क्योंकि सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस लेने का ऐलान भले कर दिया हो, लेकिन किसान शुरू से एमएससी पर गारंटी कानून मांग रहे थे, जिसको लेकर सरकार ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है, इसलिए किसानों का आंदोलन अभी खत्म नहीं होगा।

 

किसानों ने 29 नवंबर को संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन संसद तक ट्रैक्टर मार्च का ऐलान किया था. आज सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं की बैठक हुई. संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं की मीटिंग में ट्रैक्टर से संसद मार्च को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है.

किसानों ने 29 नवंबर को ट्रैक्टर से संसद मार्च स्थगित कर दिया है. संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि सरकार ने 29 नवंबर को संसद में बिल लाकर तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने का भरोसा दिलाया है. इन सबको देखते हुए हमने 29 नवंबर को ट्रैक्टर मार्च स्थगित कर दिया है.

एसकेएम नेताओं ने कहा कि सरकार को किसानों के साथ बातचीत की मेज पर लौटना पड़ेगा. बगैर एमएसपी के किसान वापस नहीं जाएंगे. एसकेएम नेताओं ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि किसानों पर दर्ज केस वापस लिए जाने, शहीद किसानों की स्मृति में शहीद स्मारक के लिए जगह देने समेत अन्य मसलों पर सरकार बात करे.

किसान नेताओं ने साथ ही ये भी साफ किया कि उन्होंने 29 नवंबर का ट्रैक्टर मार्च टाला है, इसे खत्म नहीं किया गया है. सरकार को चेतावनी देते हुए किसान नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री को लिखी गई चिट्ठी पर अगर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई तो 4 दिसंबर को होने वाली बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा कर निर्णय लिया जाएगा.

एसकेएम ने स्थगित किया ट्रैक्टर मार्च

 

किसान नेताओं ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने संसद तक 29 नवंबर को आहूत अपने ट्रैक्टर मार्च को स्थगित कर दिया है और अगले महीने एक बैठक में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. मार्च को स्थगित करने का निर्णय संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से दो दिन पहले किया गया है. संसद सत्र के दौरान तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए एक विधेयक पेश किया जाना है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Copyright © All rights Reserved with Suchkesath. | Newsphere by AF themes.