February 27, 2021

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IAS Success Story: केवल नौ महीने की तैयारी से निधि पटेल ने पास की UPSC परीक्षा और बनी IAS ऑफिसर, जानिए कैसे

सच के साथ |जीवन में कुछ करना चाहते हैं तो उसके लिए जरूरी है लगन. आज हम आपको निधि पटेल के बारे में बताने जा रहे हैं जो पेशे से डॉक्टर हैं. उन्होंने 2018 में यूपीएससी  पास की थी.

निधि पटेल 2018 बैच की IAS बनने से पहले, MBBS और MS परीक्षा भी पास कर चुकी हैं. उन्होंने केवल नौ से दस महीने की तैयारी में यूपीएससी परीक्षा पहले प्रयास में पास की. जानते हैं निधि से तैयारी के टिप्स

सबसे खास बात ये है उन्होंने इस परीक्षा की तैयारी 9 महीने में की. आइए जानते हैं उनके बारे में.

 

डॉक्टर ने UPSC प्रीलिम्स के बाद हटा दी थीं किताबें, फिर ऐसे बनीं IAS

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जैसा  कि हम बता चुके हैं, निधि महिला और स्त्री रोग विशेषज्ञ थीं और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में बतौर सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर कार्यरत थीं. वह अपने फील्ड में अच्छा काम कर रही थीं, जिसके बाद उन्हें महसूस हुआ कि यूपीएससी की परीक्षा देनी चाहिए. फिर उन्होंने परीक्षा की तैयारी साल 2016 में शुरू कर दी थी.  बता दें, परीक्षा में उन्होंने 364वीं रैंक हासिल की थी.

 

डॉक्टर ने UPSC प्रीलिम्स के बाद हटा दी थीं किताबें, फिर ऐसे बनीं IAS

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एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया “मैंने यूपीएससी परीक्षा देने के बारे में कभी नहीं सोचा था. लेकिन ये तय था अगर मैं यूपीएससी  परीक्षा देती हूं तो इस परीक्षा को एक ही साल में पास करना होगा, क्योंकि मेडिकल फील्ड से हटकर एक डॉक्टर होने के नाते ज्यादा समय देना मुमकिन नहीं था. ऐसे में परीक्षा की तैयारी इस माइंडसेट से की थी कि ये आखिरी प्रयास है.”
निधि ने बताया – “एक डॉक्टर के नाते आप इतना कुछ नहीं कर पाते. बस अस्पताल तक ही सीमित रहते हैं, इस वजह से मैंने यूपीएससी परीक्षा देने का फैसला किया  था.”

 

डॉक्टर ने UPSC प्रीलिम्स के बाद हटा दी थीं किताबें, फिर ऐसे बनीं IAS

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मैंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन उस समय मुझे इस परीक्षा का बैकग्राउंड नहीं मालूम था.  ऐसे में मैंने अपने एक सीनियर को कॉल किया जिन्होंने साल 2015 में यूपीएससी परीक्षा पास की थी. “बता दें, दोस्त की मदद से डॉ निधि ने अपनी तैयारी शुरू कर दी, और उन्होंने सिर्फ 9 महीने की तैयारी के साथ साल 2018 में 364वीं रैंक हासिल की थी.

 

डॉक्टर ने UPSC प्रीलिम्स के बाद हटा दी थीं किताबें, फिर ऐसे बनीं IAS

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दोस्त ने उन्हें बताया कि किस किताब से और कैसे तैयारी करनी है. डॉ निधि ने बताया कि जो उम्मीदवार यूपीएससी की तैयारी पहली बार कर रहे हैं, वह पहले इस परीक्षा के लिए अच्छे से रिसर्च कर लें उसके बाद ही आगे ही प्रक्रिया शुरू करें.

 

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इस परीक्षा के लिए सबसे जरूरी है बेसिक को क्लियर करना, साथ ही न्यूज से खुद को अपडेट रखना भी जरूरी है. प्रीलिम्स के  लिए ज्यादा समय देने की जरूरत नहीं है. कम समय में अच्छी तैयारी करें. इसी के साथ मेंस परीक्षा की तैयारी साथ में करते रहे, वह महत्वपूर्ण परीक्षा है.
निधि ने बताया प्रीलिम्स के लिए ज्यादा टेंशन न लें, अगर आपका बेसिक क्लियर है तो वह आसानी से हो जाता है.  मेंस परीक्षा के लिए 2 या ढाई महीने मिलते हैं. ऐसे में इस परीक्षा की तैयारी पहले से ही करनी है.

 

डॉक्टर ने UPSC प्रीलिम्स के बाद हटा दी थीं किताबें, फिर ऐसे बनीं IAS

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प्रीलिम्स परीक्षा होने के बाद निधि ने अपने कमरे से किताबों की संख्या कम कर दी थी. क्योंकि कमरे में किताबें रखी होने से  सब कुछ पढ़ने का मन करता था. ऐसे में उन्होंने वही किताबें कमरे में रखी जो मेंस परीक्षा की तैयारी के लिए पढ़ी जानी थी. डॉ निधि के अनुसार इस परीक्षा को क्रैक करने का बेहद जरूरी मूलमंत्र है टाइम मैनेजमेंट को समझना. निधि ने बताया यूपीएससी परीक्षा पास करने लिए जरूरी है कि परीक्षा की तैयारी के दौरान आपने कितनी  चालाकी दिखाई है, साथ ही तैयारी के दौरान अपने आस- पास पॉजिटिव लोगों को रखें.

देखें  निधि पटेल द्वारा दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिया गया इंटरव्यू


निधि आंसर राइटिंग प्रैक्टिस को महत्व देती हैं लेकिन एक सीमा में. वे कहती हैं कि अभ्यास करें सीमा में रहकर. अगर आपकी स्पीड ठीक है तो बहुत अभ्यास के पीछे न भागें. उन्होंने भी बहुत आंसर नहीं लिखे.

टॉपर्स की आंसरशीट देखें और कंटेंट पर फोकस करें –

 

निधि मानती हैं कि अगर कंटेंट तैयार है तो आंसर फ्रेम करने में बहुत समय नहीं लगता. कैसे आंसर लिखने हैं यह जानने का बेस्ट तरीका है इंटरनेट पर उपलब्ध टॉपर्स की आंसरशीट्स. इन्हें देखें और समझें की एक अच्छा उत्तर कैसे लिखा जाता है. इसके साथ ही कंटेंट पर मुख्य ध्यान दें अगर कुछ आएगा ही नहीं तो लिखेंगे क्या. अगर एक अच्छा कंटेंट आपके पास है तो उसे पेन डाउन करने में न ज्यादा समय लगता है न ही बहुत समस्या पेश आती है. सभी उत्तरों का एक तय फॉरमेट होता है इंट्रोडक्शन, मेन बॉडी और कॉनक्लूजन. इसे फॉलो करते हुए ही आंसर लिखें. इंट्रोडक्शन में उस विषय से संबंधित जो भी फैक्ट्स, डेटा वगैरह आप जानते हों, वे सब डालें इससे अच्छा इंप्रेशन पड़ता है. सभी विषयों का इंट्रोडक्शन आप पहले से तैयार नहीं कर सकते पर जहां तक संभव हो एक प्रभावी शुरुआत करें.

 

पेपर कभी न छूटे, यह ध्यान रखें –

 

निधि आगे बताती हैं कि इस परीक्षा में इतना कांपटीशन है कि अगर आपने एक भी प्रश्न छोड़ दिया तो सेलेक्शन के चांसेस तो कम हो ही जाते हैं साथ ही रैंक आने की संभावना तो न के बराबर रह जाती है. भले उतने अच्छे से सभी उत्तर न लिख पाएं पर सभी प्रश्न अटेम्पट करें. निधि भी शुरू में दिए गए समय में पेपर हल नहीं कर पाती थी और तीन-चार प्रश्न छूट ही जाते थे. इसके साथ ही उनके मार्क्स भी मॉक टेस्ट में बहुत खराब आते थे पर उन्होंने कभी इन बातों से दिल छोटा नहीं किया और हमेशा यह माना की प्रैक्टिस से ये सब सुधर जाएगा और ऐसा ही हुआ. वे कहती भी हैं कि मॉक के रिजल्ट को ज्यादा सीरियसली न लें और तैयारी जारी रखें. अपनी कमियां दूर करें पर निराश न हों. धीरे-धीरे आप हर चीज पर कमांड करना सीख जाएंगे.

 

मोटिवेशन हो तगड़ा –

 

निधि के केस में शुरू से ही यह साफ था कि उनके पास ज्यादा अटेम्पट्स देने का समय नहीं है. वे इसके पहले एमबीबीएस और बीएचयू से एमएस भी कर चुकी थी और एक अस्पताल में सीनियर रेसिडेंट के पद पर काम कर रही थी. उन्हें एमएस के दौरान लगा कि एक डॉक्टर मरीजों का इलाज करने के अलावा कुछ खास उनके लिए नहीं कर सकता जबकि एक एडमिनिस्ट्रेटेव ऑफिसर बहुत कुछ बदल सकता है. इस विचार के कारण ही वे इस परीक्षा में अपियर हुईं थी और उनकी उम्र भी दो अटेम्प्ट्स देने से ज्यादा की नहीं बची थी. इसमें भी उन्होंने टारगेट एक ही अटेम्पट का रखा था. वे कहती हैं कि जब कोई बाहरी कारण नहीं बल्कि अंदर से कोई तगड़ा मोटिवेशन होता है तो बाकी हर बात छोटी पड़ जाती है और आप सफलता की राह पर निकल पड़ते हैं. निधि ने भी इस सफर के दौरान बहुत कड़ी मेहनत की, अपनी जरूरत के मुताबिक स्ट्रेटजी बनाई और इंटरनेट व सीनियर्स से जितनी हो सके हेल्प ली. अपने आंसर्स को खुद एनालाइज किया और अपनी गलतियों को समय रहते दूर किया. इन्हीं वजहों से निधि ने डॉ. निधि पटेल से निधि पटेल आईएएस तक का सफर एक बार में पूरा कर लिया.

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