January 27, 2021

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Indian Navy Day 2020: हर वर्ष 4 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है भारतीय नौसेना दिवस ? जानिए..

Indian Navy Day: नौसेना दिवस हर साल 4 दिसंबर को मनाया जाता है. इस दिन नौसेना के जाबाजों को याद किया जाता है. नेवी डे 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय नौसेना की जीत के जश्न के रूप में मनाया जाता है.

नई दिल्ली |Indian Navy Day 2020: नौसेना दिवस (Indian Navy Day 2020) हर साल 4 दिसंबर को मनाया जाता है. इस दिन नौसेना के जाबाजों को याद किया जाता है. नेवी डे (Navy Day) 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय नौसेना (Indian Navy) की जीत के जश्न के रूप में मनाया जाता है. पाकिस्तानी सेना द्वारा 3 दिसंबर को हमारे हवाई क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्र में हमला किया था. इस हमले ने 1971 के युद्ध की शुरुआत की थी. पाकिस्तान को मुह तोड़ जवाब देने के लिए ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ चलाया गया. यह अभियान पाकिस्‍तानी नौसेना के कराची स्थित मुख्‍यालय को निशाने पर लेकर शुरू किया गया. एक मिसाइल नाव और दो युद्ध-पोत की एक आक्रमणकारी समूह ने कराची के तट पर जहाजों के समूह पर हमला कर दिया. इस युद्ध में पहली बार जहाज पर मार करने वाली एंटी शिप मिसाइल से हमला किया गया था. इस हमले में पाकिस्तान के कई जहाज नेस्‍तनाबूद कर दिए गए थे. इस दौरान पाकिस्तान के ऑयल टैंकर भी तबाह हो गए थे.

नौसेना दिवस पर, हमारे नौसेना कर्मियों, बुजुर्गों और उनके परिवारों को मेरी शुभकामनाएं। राष्ट्र हमारे समुद्री सीमाओं की रक्षा करने, हमारे व्यापार मार्गों को सुरक्षित रखने और नागरिक आपात स्थितियों के समय में सहायता प्रदान करने में आपकी प्रतिबद्धता पर गर्व करता है। क्या आप कभी पानी पर राज कर सकते हैं: राष्ट्रपति कोविंद 

भारतीय नौसेना का गठन Formation of Indian Navy भारतीय नौसेना की शुरुआत 17 वीं शताब्दी में हुई थी। जब ईस्ट इंडिया कंपनी ने एक समुद्री सेना दल का गठन किया और ईस्ट इंडिया कंपनी के नाम से स्थापना की। यह दल “द ऑनर एबल ईस्ट इंडिया कंपनी मरीन” कहा जाता था बाद में इसी को बदलकर “द बांबे मरीन” कहा गया। भारत के पहले विश्व युद्ध के समय नौसेना का नाम रॉयल इंडियन मरीन रख दिया गया था।

26 जनवरी सन् 1950 में जब भारत पूरी तरह से गणतंत्र देश बना तभी भारतीय नौसेना ने अपना नाम रॉयल इंडियन मरीन से रॉयल हटा दिया। भारतीय नौसेना में 32 नौ परिवहन जल जहाज और लगभग 11000 अधिकारी और नौसैनिक थे। 1971 में भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन ट्राइडेंट चलाकर पाकिस्तान के कराची हर्बर को मिटा दिया था जो पाकिस्तान नौसेना का मुख्यालय था। ऐसे में भारतीय नौसेना के खतरनाक हमले से पाकिस्तान की नौसेना कमजोर पड़ गई थी और हार गई थी। भारतीय नौसेना ने जल सीमा में कई बड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सन् 1961 में भारतीय नौसेना ने गोवा से पुर्तगालियों को भगाने में थल सेना की सहायता की थी।

भारतीय नौसेना का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थापित किया गया है जिसका नियंत्रण मुख्य नौसेना ऑफिसर एडमिरल के हाथों में होता है। नौसेना भारतीय सेना का एक सामुद्रिक भाग है जिसका नियंत्रण गृह मंत्रालय के पास होता है। द्वितीय विश्व युद्ध के समय नौसेना का विस्तार हुआ था अधिकारी और सैनिकों की संख्या लगभग 30000 हो गई थी। भारतीय नौसेना तीन क्षेत्रों में तैनात रहती है- पूर्व में विशाखापत्तनम, पश्चिमी मुंबई, और दक्षिण में कोच्चि। जिसका नियंत्रण एक फ्लैग अधिकारी द्वारा किया जाता है। देश को ताकतवर बनाने में भारतीय नौसेना बहुत योगदान रहा है।

4 दिसंबर को नौसेना दिवस के रूप में मनाते हैं क्योंकि इस दिन भारतीय नौसेना पाकिस्तान के नौ सेना पर भारी पड़ गया था। इस समय भारतीय नौसेना दुनिया के पांचवीं सबसे बड़ी सेना के रूप में मानी जाती है वर्तमान में भारतीय नौसेना के पास 78000 से अधिक सैनिक हैं।भारतीय नौसेना दिवस समारोह का आयोजन पूर्वी भारतीय नौसेना कमांड द्वारा विशाखापत्तनम में किया जाता है भारतीय नौसेना दिवस के दिन शहीद हुए नौसैनिकों के याद में पुष्प चक्र अर्पित करते हैं उसके बाद पनडुब्बी जहाज एवं पोत का प्रदर्शन भी किया जाता है जिसको देखने के लिए भारी संख्या में स्थानीय लोग शामिल होते हैं।

सात दिन तक जलता रहा कराची तेल डिपो

कराची हार्बर फ्यूल स्टोरेज के तबाह हो जाने से पाकिस्तान नौसेना की कमर टूट गई थी. कराची के तेल टैंकरों में लगी आग की लपटों को 60 किलोमीटर की दूरी से भी देखा जा सकता था. बता दें कि कराची के तेल डिपो में लगी आग को सात दिनों तक नहीं बुझाया जा सका था.

नौसेना दिवस (Navy Day) 4 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है?

नौसेना दिवस 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में जीत हासिल करने वाली भारतीय नौसेना की शक्ति और बहादुरी को याद करते हुए मनाया जाता है. ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ के तहत 4 दिसंबर, 1971 को भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान के कराची नौसैनिक अड्डे पर हमला बोल दिया था. इस ऑपरेशन की सफलता को ध्यान में रखते हुए 4 दिसंबर को हर साल नौसेना दिवस मनाया जाता है.

भारतीय नौसेना का इतिहास

भारतीय नौसेना (Indian Navy) भारतीय सेना का सामुद्रिक अंग है जिसकी स्थापना 1612 में हुई थी. ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए East India Company’s Marine के रूप में सेना गठित की थी. जिसे बाद में रॉयल इंडियन नौसेना नाम दिया गया. भारत की आजादी के बाद 1950 में नौसेना का गठन फिर से हुआ और इसे भारतीय नौसेना नाम दिया गया.

Indian Navy day in hindi Facts

  • 4 दिसंबर 1971 को भारत-पाकिस्तान जंग के दौरान इंडियन नेवी ने पाकिस्तान के कराची पोर्ट पर एक बहुत ही खतरनाक हमला किया था।
  • भारतीय नौसेना द्वारा इस हमले में पहली बार एंटीशिप मिसाइल का इस्तेमाल किया गया था।
  • कराची पर किए गए हमले में पाकिस्तान को बुरी तरह नुक्सान झेलना पड़ा था, मगर भारत बिना किसी नुक्सान के इसे अंजाम देने में सक्षम रहा।
  • इस हमले की ख़ुशी मनाने और नेवी के वीरों को सम्मानित करने के लिए 4 दिसंबर को नेवी डे मनाया जाता है।
  • हर साल 4 दिसंबर को नेवी के मुंबई हेडक्वार्टर से कई समुद्री जहाज़ विशाखापट्नम पोर्ट की ओर निकलते हैं।
  • विशाखापट्नम पोर्ट पर पहुंचकर सभी जहाज़ वहां इस दिन को सेलिब्रेट करते हैं। इस पूरे इवेंट की प्लानिंग विशाखापट्नम में ईस्टर्न नेवल कमांड द्वारा की जाती है।
  • कुछ इवेंट विशाखापट्नम पोर्ट पर किए जाते हैं तो वहीं नेवी डेमोंस्ट्रेशन को विशाखापट्नम के वॉर मेमोरियल आरके बीच पर किया जाता है।
  • नेवी डेमोंस्ट्रेशन के लिए पूरे भारत से नेवी के सबसे बढ़िया जहाज़ सबमरीन, फाइटर जेट और फ़ोर्स आते हैं।
  • Indian Navy Day के दिन नेवी की ताकत को पूरी दुनिया के आगे दर्शाया जाता है। सभी जहाज़ यह दिखाते हैं कि आखिर उनमें कितना दम है।
  • Navy Day के दिन विशाखापट्नम आए नेवी के अधिकतर जहाज़ आम जनता के लिए भी खुले रहते हैं। हर कोई इनमें जाकर देख सकता है कि आखिर इंडियन नेवी किस तरह के जहाज़ों का इस्तेमाल करती है।
  • National Navy Day एक थीम पर बेस्ड होता है जो है ‘Safe Seas and Secure Coasts for a strong Nation’। Indian Navy का काम है समुद्र को बचाए रखना, अपने कोस्ट की रक्षा करना और देश को ताक़तवर बनाना।
  • 4 दिसंबर मनाया जाने वाला नेवी डे हर उस व्यक्ति के लिए बहुत ख़ास है जो इंडियन नेवी से जुड़ा है। यही दिन है जब पूरा देश एक जुट होकर उनकी ताकत को देखता है और उनकी वीरता के लिए उन्हें सम्मानित करता है।

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